धार्मिक

संतान सप्तमी व्रत मंगलबार को रखा जाएगा : पं. अरुण शास्त्री

रिपोर्टर : सतीश मैथिल
सांचेत । मंगलवार के दिन रखा जाएगा संतान सप्तमी का व्रत शिव मंदिर के पुजारी पंडित अरुण शास्त्री वताते है कैसे करें पूजा और इस विधि से और शुभ मुहूर्त में
संतान सप्तमी के व्रत को हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। क्योंकि यह व्रत बच्चों की भलाई और लंबी उम्र के लिए किया जाता है। इस दिन लोग देवी पार्वती और भगवान शिव की पूजा करते हैं। आमतौर पर यह व्रत विवाहित महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए रखती हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से संतान से जुड़ी सभी समस्याएं दूर होती हैं।
पं. अरुण शास्त्री वताते है संतान सप्तमी पूजा विधि संतान सप्तमी व्रत का बहुत महत्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने बच्चों की भलाई और सुरक्षा के लिए व्रत रखती हैं। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। संतान सप्तमी का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है। इस बार यह व्रत 10 सितंबर को रखा जाएगा।
संतान सप्तमी शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद की सप्तमी तिथि 9 सितंबर को रात 9 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 10 सितंबर को रात 11 बजकर 11 मिनट पर होगा। पंचांग के आधार पर संतान सप्तमी 10 सितंबर 2024 मंगलवार को मनाई जाएगी। ऐसे में जो लोग व्रत रखना चाहते हैं, वे 10 सितंबर को ही व्रत रखें।
संतान सप्तमी पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष व्रत और पूजन का संकल्प लें। एक वेदी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर शिव परिवार की एक प्रतिमा स्थापित करें। एक कलश में जल भरकर रखें और उस पर नारियल और आम के पत्ते रखें। देसी घी का दीपक जलाएं और फूल, चावल, पान, सुपारी आदि अर्पित करें। भगवान शिव और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करें। भोग प्रसाद के रूप में पूरी और खीर चढ़ाएं। व्रती संतान सप्तमी व्रत कथा का पाठ करें और फिर आरती से पूजा को पूर्ण करें। पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे और बड़ों का आशीर्वाद लें अगले दिन प्रसाद से व्रत का पारण करें।

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