Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार , 25 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 25 फ़रवरी 2025
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 12:47 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 06:30 PM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। तथा राशि स्वामी गुरु है तो नक्षत्र स्वामी सूर्य है।
⚜️ योग – व्यातीपात योग 08:14 AM तक, उसके बाद वरीयान योग 05:50 AM तक, उसके बाद परिघ योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 12:47 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 12:02 ए एम, फरवरी 26 तक वणिज
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:18:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:42:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:10 ए एम से 06:00 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:35 ए एम से 06:50 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:16 पी एम से 06:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:18 पी एम से 07:33 पी एम
💧 अमृत काल : 12:14 पी एम से 01:48 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 26 से 12:59 ए एम, फरवरी 26
🌸 त्रिपुष्कर योग : 06:50 ए एम से 12:47 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-हनुमान मंदिर में मसूर दाल का मीठा पकवान चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : भौम प्रदोष/सर्वार्थसिद्धियोग/त्रिपुष्कर योग/ आध्यात्मिक गुरु मेहर बाबा जन्म दिवस, सामाजिक कार्यकर्ता के. वी. राबिया जन्म दिवस, मशहूर भारतीय मूर्तिकार शंखो चौधरी जन्म दिवस, पंजाब के मुख्यमंत्री गुरनाम सिंह जयन्ती, स्वतंत्रता सेनानी विमल प्रसाद चालिहा शहीद दिवस, प्रसिद्ध समाज सुधारक मन्नत्तु पद्मनाभन स्मृति दिवस, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बी. नागी रेड्डी पुण्य तिथि, कुवैत राष्ट्रीय दिवस, अभिनेता शाहिद कपूर जन्म दिवस, साहित्यकार शास्त्री अमरनाथ झा जन्म दिवस, भारतीय धार्मिक नेता मेहर बाबा जन्म दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर स्टडी टेबल लकड़ी की है, तो उसे रखने के लिए पूर्व दिशा या आग्नेय कोण, यानि दक्षिण-पूर्व दिशा का चुनाव करना चाहिए। लेकिन अगर आपकी स्टडी टेबल लकड़ी के अलावा किसी अन्य धातु की है, जैसे लोहे आदि की है तो उसके लिए पश्चिम दिशा या वायव्य कोण, यानि उत्तर-पश्चिम दिशा का चुनाव करना ठीक होता है। इस प्रकार अलग-अलग धातु के अनुसार दिशा का चुनाव करके स्टडी टेबल रखने से और उस दिशा में पढ़ाई करने से पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं।
वास्तु के अनुसार, स्टडी रूम में पानी की व्यवस्था के लिए उत्तर दिशा का चुनाव करना चाहिए। आप इस दिशा में पानी का कोई जग या बड़ा मयूर जग आदि रख सकते हैं। इससे आपके बच्चे को किसी प्रकार का भय आदि भी नहीं रहेगा।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां_ ⚜️
खजूर और घी दोनों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इनका सेवन करने से जोड़ों में होने वाली सूजन से राहत मिल सकती है।
इस मिक्सचर के सेवन से ताकत और ताकत में सुधार लाने में मदद मिल सकती है, जिससे यह एथलीटों और फिटनेस के शौकीन लोगों के बीच लोकप्रिय हो सकता है।
बीजरहित खजूर को लगभग 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें। खजूर को पानी से निकाल कर थपथपा कर सुखा लीजिये।
एक पैन को धीमी आंच पर गर्म करें 15-16 खजूर और 3 बड़े चम्मच घी डालें। घी पिघलने पर पैन में खजूर डाल दीजिए. खजूर को हर तरफ से लगभग 2-3 मिनट तक पकने दें या फिर जब तक वे सुनहरे भूरे रंग के न हो जाएं। आंच से उतारकर ठंडा होने दें, ठंडा होने पर खजूरों को घी में भिगोकर किसी एयरटाइट कंटेनर में रखें। अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रतिदिन 2 खजूर का सेवन करें।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
गठिया की समस्या हो जाने पर पूरी लाइफस्टाइल अस्त-व्यस्त हो जाती है। अगर आप चाहते हैं कि ये समस्या आपको न हो तो आज से ही अपने आहार में इन चीजों को अनिवार्य रूप से शामिल करें।
लहसुन के सेवन से जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि प्याज और लहसुन में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो जोड़ों के दर्द में फायदेमंद होते हैं. इनके नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द की शिकायत होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
विटामिन – E जोड़ों के दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता है. खासतौर पर बादाम में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड सूजन और गठिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है। बादाम के अलावा मूंगफली में भी पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है।
पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन C पाया जाता है. विटामिन C न केवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है बल्कि ये जोड़ों की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है।
एक गिलास पानी में एप्पल साइडर विनिगर मिलाकर पीने से जोडों के दर्द में फायदा मिलता है. इसके अलावा ब्रोकली खाने से भी गठिया में आराम मिलता है। ब्रोकली में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो जोड़ों की सेहत लंबे समय तक बरकरार रखते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
महाशिवरात्रि पर व्रत का क्या महत्व है? महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला एक पर्व है, जो हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इसे भगवान शिव की उपासना का विशेष दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए भक्त इस दिन को अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाते हैं।
अधिकतर भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध आदि चढ़ाते हैं। यह मान्यता प्रचलित है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। परंतु यह भक्ति पूर्णत: शास्त्र अनुकूल नहीं है।
क्या महाशिवरात्रि का व्रत शास्त्रानुसार है?
गीता जी अध्याय 16 के श्लोक 23-24 में स्पष्ट कहा गया है कि जो भक्तजन शास्त्र विधि को छोड़कर मनमाना आचरण करते हैं, उन्हें न तो कोई सिद्धि प्राप्त होती है, न मुक्ति। गीता अध्याय 6 श्लोक 16 में भी कहा गया है कि जो अधिक भोजन करते हैं या बिल्कुल भोजन नहीं करते (यानी उपवास रखते हैं), वे योग साधना में सफल नहीं होते। महाशिवरात्रि का व्रत रखने का शास्त्रों में कोई प्रमाण नहीं है। गीता जी में यह भी कहा गया है कि हमें केवल परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए, जो वेदों और गीता में प्रमाणित है।
सही भक्ति क्या है? गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में बताया गया है कि तत्वदर्शी संत की शरण में जाकर ही वास्तविक परमात्मा की भक्ति प्राप्त हो सकती है। तत्वदर्शी संत ही सही ज्ञान देकर जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने वाली साधना बताते हैं। वर्तमान में तत्वदर्शी संत द्वारा बताए गए सत्य भक्ति मार्ग का अनुसरण ही मोक्ष प्राप्ति का एकमात्र साधन है।
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।


