
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 15 अप्रैल 2026
15 अप्रैल 2026 दिन बुधवार को बैशाख मास के कृष्ण पक्ष कि त्रयोदशी तिथि है। आज बुधवार को प्रदोष का परम पावन व्रत है। साथ ही आज महाशिवरात्रि का पवित्र व्रत भी है। आज के दिन किंचित मात्र भी धर्म कार्य किया जाएं तो उसका अकस्मात फल मिलता है। आज के दिन भगवान शिव के मंदिर में अवश्य जाएं। कम से कम शुद्ध जल और बिलावपत्र आदि आवश्यक चलाएं। ऐसा करने से भगवान शिव की अमृतमयी सदैव बनी रहती है।आज शिव पूजन में सफेद चंदन में केसर पीसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर में पारिवारिक एवं आंतरिक कार्य और अशांति दूर होती है। और आज एक और विशिष्ट काम करना चाहिए। आज बंगाली सन 1433 आरंभ होता है। जीने पुत्र प्राप्ति की इच्छा हो वे लोग तो आज अवश्य इस उपाय को करें। आप सभी सनातनियों को “प्रदोष व्रत एवं महाशिवरात्रि के पवन पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
*ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।। ☄️ *दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
*बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है। *बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी
🌐 रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,
✡️ शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल
☸️ काली सम्वत् 5127
🕉️ संवत्सर (बृहस्पति) पराभव
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
☀️ मास – बैशाख मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – बुधवार बैशाख माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 10:31 PM तक उपरांत चतुर्दशी
✒️ तिथि स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी है त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है ।
💫 नक्षत्र- नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 03:22 PM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं, और इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता अज एकपाद (शिव के रुद्र रूप) हैं।
⚜️ योग – ब्रह्म योग 01:24 PM तक, उसके बाद इन्द्र योग
⚡ प्रथम करण : गर 11:27 AM तक
✨ द्वितीय करण : वणिज 10:31 PM तक, बाद विष्टि
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 05:47:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:27 ए एम से 05:11 ए एम प्रातः सन्ध्या 04:49 ए एम से 05:56 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : दोपहर 02:30 पी एम से 03:21 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:46 पी एम से 07:08 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : शाम 06:47 पी एम से 07:54 पी एम
💧 अमृत काल : प्रातः 07:37 ए एम से 09:10 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : दोपहर 11:59 पी एम से 12:43 ए एम, अप्रैल 16
💥 भद्रा 10:31 पी एम से 05:55 ए एम, अप्रैल 16 तक रहेगी।
🚓 यात्रा शकुन- बुधवार को हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – कुब्जिका जयन्ती/ विषु कानी/ पहेला वैशाख/ बुध प्रदोष व्रत/ मासिक शिवरात्रि/ भद्रा/ पञ्चक जारी/ विडाल योग/ बिहाग बिहू (असम)/ बंगाली नव वर्ष/ हिमाचल दिवस, गुरु नानक देव जी जन्म जयन्ती, सिख धर्म के पांचवें गुरु, गुरु अर्जन देव जी जन्म जयन्ती, भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह जन्म दिवस, बनारस हिन्दू युनिवर्सिटी सोसाइटी स्थापना दिवस, राष्ट्रीय कर दिवस, विश्व कला दिवस, पश्चिम बंगाल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री अजय कुमार मुखर्जी जन्म दिवस, प्रसिद्ध संगीतकार हसरत जयपुरी जन्म दिवस, भारतीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर जन्म दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोप्ये स्मृति दिवस, विश्व सांस्कृतिक दिवस, विश्व आवाज दिवस, रेल सप्ताह, (फ़ायर सर्विस सप्ताह)
✍🏼 *तिथि विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है। 🪴 *_Vastu tips* ☘️
जमीन पर न फैलने दें बेल: मनी प्लांट की बेलों का ऊपर की ओर बढ़ना तरक्की का संकेत माना जाता है। अगर इसकी बेल जमीन पर फैलने लगे, तो इसे अच्छा नहीं माना जाता। इसलिए इसे सहारे के साथ ऊपर की ओर चढ़ाना चाहिए, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
*पीले पत्ते देते हैं ये संकेत: अगर मनी प्लांट के पत्ते पीले या सूखे नजर आ रहे हैं, तो यह नकारात्मकता का संकेत हो सकता है। ऐसे पत्तों को तुरंत हटा देना चाहिए। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं। *सही गमला और बोतल का चुनाव: वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को कांच की बोतल या मिट्टी के गमले में लगाना बेहतर माना जाता है। खासकर नीले रंग की कांच की बोतल शुभ मानी जाती है। प्लास्टिक के बर्तन या गंदे कंटेनर का उपयोग करने से बचना चाहिए।
*प्लांट की कटिंग देने से बचें: वास्तु मान्यताओं के अनुसार, अपने घर के मनी प्लांट की कटिंग किसी दूसरे को नहीं देनी चाहिए। ऐसा करने से घर की सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है। ❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ मंगल पर्वत पर क्रॉस का निशान जीवन में बड़े संकट या गलत फैसलों की ओर इशारा करता है। ऐसे व्यक्ति को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, शनि पर्वत पर क्रॉस होने से चोट या दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी होता है। *केतु पर्वत के संकेत केतु पर्वत पर क्रॉस का निशान पारिवारिक समस्याओं और संघर्ष का संकेत देता है। ऐसे लोगों को जीवन में अधिक मेहनत करनी पड़ती है और कई बार असफलताओं या स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
*बुध और गुरु पर्वत का प्रभाव बुध पर्वत पर क्रॉस का निशान व्यक्ति के स्वभाव में चालाकी या धोखेबाजी की प्रवृत्ति को दर्शा सकता है। हालांकि गुरु पर्वत पर यही निशान शुभ माना जाता है और यह भाग्य वृद्धि तथा सफलता का संकेत देता है। 🥂 आरोग्य संजीवनी 🍻
*तत्काल राहत के लिए स्ट्रेचिंग: जैसे ही ऐंठन महसूस हो, पैर को सीधा करें और पंजों को अपनी ओर (ऊपर की तरफ) खींचें। इससे खिंची हुई मांसपेशी को आराम मिलता है।
*हल्की मालिश: हल्के हाथों से मांसपेशियों की मालिश करें। यदि संभव हो तो गुनगुने सरसों के तेल या तिल के तेल का प्रयोग करें। *खान-पान में बदलाव पानी की मात्रा बढ़ाएं: शरीर में पानी की कमी ऐंठन का सबसे बड़ा कारण है। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। पोषक तत्व: कभी-कभी शरीर में मैग्नीशियम, पोटेशियम या कैल्शियम की कमी से ऐसा होता है। अपने आहार में केला (पोटेशियम का अच्छा स्रोत), दूध, दही और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
*घरेलू उपचार गुनगुने पानी की सिकाई: सोने से पहले पैरों को गुनगुने पानी में नमक (सेंधा नमक हो तो बेहतर) डालकर 10-15 मिनट रखें। यह मांसपेशियों की थकान मिटाता है। *मेथी का पानी: रात को एक चम्मच मेथी दाना भिगो दें और सुबह उसका पानी पिएं। यह वात रोगों और दर्द में काफी राहत देता है।
*जीवनशैली में छोटे सुधार जूतों का चयन: ध्यान दें कि आपके जूते आरामदायक हों। बहुत तंग या खराब तलवे वाले जूते भी पैरों के दर्द का कारण बनते हैं। विटामिन D की जांच: उम्र के इस पड़ाव पर अक्सर विटामिन D की कमी से हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द रहता है। यदि दर्द लगातार बना रहता है, तो एक बार ब्लड टेस्ट कराना सही रहेगा। 📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
उच्च का गुरु (कर्क राशि में) सामान्यतः अत्यंत शुभ और संरक्षण देने वाला ग्रह माना जाता है, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि कोई भी ग्रह केवल अपनी उच्च स्थिति के कारण हमेशा शुभ फल ही दे—ऐसा शास्त्रों में नहीं कहा गया है। यदि उच्च का गुरु अशुभ भावों (जैसे 6, 8, 12) में स्थित हो, पाप ग्रहों (राहु, केतु, शनि, मंगल) से ग्रस्त हो, या स्वयं कार्यात्मक रूप से उस लग्न के लिए अशुभ (functional malefic) बनता हो, तो उसके परिणाम मिश्रित या कभी-कभी नकारात्मक भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, उच्च का गुरु यदि छठे भाव में हो तो रोग, ऋण और शत्रु संबंधी विषयों को बढ़ा सकता है—हालांकि उसमें अंततः संरक्षण देने की क्षमता बनी रहती है।
*इसके अतिरिक्त, यदि गुरु अत्यधिक बलवान होकर भी दिशा-हीन (misguided) हो जाए, तो वह अति-आदर्शवाद, गलत निर्णय, या नैतिक अहंकार (moral arrogance) भी दे सकता है। जैसे—व्यक्ति अपने ज्ञान या धर्म के अहंकार में गलत निर्णय ले सकता है, या दूसरों को उपदेश देने में अति कर सकता है। राहु के साथ गुरु (चांडाल योग) होने पर, भले ही गुरु उच्च का हो, फिर भी उसकी शुद्धता प्रभावित होती है और व्यक्ति के निर्णयों में भ्रम या नैतिक द्वंद्व आ सकता है।
*अतः उच्च का गुरु मूलतः शुभ प्रवृत्ति का होता है, लेकिन उसकी वास्तविक फलप्राप्ति पूरी कुंडली—भाव, दृष्टि, युति, दशा और गोचर—पर निर्भर करती है। यदि इन कारकों में दोष हो, तो उच्च का गुरु भी अपेक्षित शुभ फल नहीं दे पाता, बल्कि कुछ परिस्थितियों में अशुभ परिणाम भी दे सकता है। ••••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤•••• ⚜️ *त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।।


