
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 25 फरवरी 2026
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
*बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है। *बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
⛈️ मास – फाल्गुन मास
पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – बुधवार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 02:41 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र- नक्षत्र रोहिणी 01:38 PM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा है। तथा इसके देवता ब्रह्मा जी हैं, और इसका राशि स्वामी शुक्र है।
⚜️ योग : विष्कुम्भ योग 01:28 AM तक, उसके बाद प्रीति योग
⚡ प्रथम करण : बालव 03:46 PM तक
✨ द्वितीय करण : कौलव 02:41 AM तक, बाद तैतिल
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:34:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:57:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : शाम को 29:10 पी एम से 30:00 पी एम तक
🌆 प्रातः सन्ध्या शाम 29:35 पी एम से 06:50 पी एम तक
🌟 अभिजित मुहूर्त कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : दोपहर 14:29 से 15:15 दोपहर तक
🐃 गोधूलि मुहूर्त : पी एम 18:16 से 18:41 पी एम तक
🌃 सायाह्न सन्ध्या : पी एम 18:18 से 19:33 पी एम तक
💧 अमृत काल : सुबह 10:38 ए एम से 12:08 दोपहर तक
🗣️ निशिता मुहूर्त : शाम 24:09 पी एम से 24:59 पी एम से 27:55 पी एम से शाम 29:25 पी एम तक
❄️ रवि योग : दोपहर को 13:38 पी एम से 30:49 पी एम तक
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रोहिणी व्रत/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ रवि योग/ आडल योग/ ज्वालामुखी योग/ मौन दिवस, भारत के प्रसिद्ध विद्वान अमरनाथ झा जन्म दिवस, भारतीय धार्मिक नेता मेहर बाबा जन्म दिवस, राष्ट्रीय क्लैम चाउडर दिवस, राष्ट्रीय चॉकलेट-कोटेड नट्स दिवस, राष्ट्रीय कैथी दिवस, राष्ट्रीय गुलाबी शर्ट दिवस, भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता रविशंकर व्यास जयन्ती, अभिनेता शाहिद कपूर जन्म दिवस
✍🏼 *तिथि विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है। . 🏘️ *_Vastu tips* 🏚️
कर लें ये सरल उपाय बुध दोष को शांत करने के लिए बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन बच्चों से भगवान गणेश की पूजा करवाएं और दूर्वा व मोदक अर्पित करें। जरूरतमंद लोगों को हरी मूंग की दाल, हरे फल या वस्त्र दान करें। गाय को हरा चारा खिलाना भी लाभकारी माना जाता है।
*मंत्र और रंगों का महत्व बुध के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का जाप कराया जा सकता है। साथ ही बुधवार के दिन बच्चों को हल्के हरे रंग के कपड़े पहनाएं और स्टडी रूम में हरे रंग का प्रयोग करें। यह सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करता है। *पक्षियों को दाना खिलाना आचार्य श्री गोपी राम का कहना है कि हर सप्ताह बुधवार के दिन पक्षियों को दाना खिलाना चाहिए। इसके लिए बुधवार के दिन पंछियों को भीगा हुआ हरा मूंग खिलाएं, जिससे बुध ग्रह मजबूत होता है और बच्चों के करियर व शिक्षा से जुड़ी बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
यदि आपके कमर में दर्द हो रहा हो तो एक बार आप जरूर इसका प्रयोग करें ।
इसका प्रयोग आप अपने घर में ही रखे वस्तु से कर सकते हैं। 1 आप अजवाइन का प्रयोग कर सकते हैं इसके लिए आपको एक गिलास पानी लेना है उसके साथ एक चम्मच से कम अजवाइन लेना है।
नोट – इसके द्वारा आपका पुराने से पुराना कमर दर्द आसानी से ठीक हो जाएगा ।
2 इसको रात में खाना खाने के बाद खाना है। इसके बाद आप खुद देखेंगे इसके लाभ।*
3 इसको 15 से 20 दिन तक लेते रहें तभी आपको राहत मिलेगा
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
आयुर्वेदिक औषधियाँ कंचनार गुग्गुल
किसके लिए उपयोगी: गले, थायरॉइड, लिम्फ नोड की गांठ
कैसे लें: 1 से 2 गोली दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ
वरुणादि कषाय / वरुण चूर्ण
लाभ: सिस्ट, लिपोमा, चर्बी की गांठ में उपयोगी
सेवन: चिकित्सक की सलाह से
त्रिफला चूर्ण
लाभ: शरीर की विषाक्तता कम करता है, गांठ को नरम करता है
कैसे लें: रात को 1 चम्मच गुनगुने पानी या दूध के साथ
गुग्गुल (शुद्ध गुग्गुल)
लाभ: सूजन घटाता है, गांठ को गलाने में सहायक
सेवन: आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से
निर्गुंडी (निशिंद) चूर्ण / काढ़ा
लाभ: दर्द व सूजन वाली गांठ में उपयोगी
कैसे लें: काढ़ा बनाकर पी सकते हैं
कुटकी चूर्ण
लाभ: रक्त व यकृत शुद्धि, गांठ के कारण बनने वाली अशुद्धियाँ कम करता है
सेवन: बहुत कम मात्रा में, डॉक्टर की सलाह आवश्यक
हरिद्रा (हल्दी) + नीम
लाभ: एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटी-बैक्टीरियल
उपयोग का तरीका: 1 चम्मच हल्दी के साथ नीम का काढ़ा, रोज सुबह
गिलोय रस
लाभ: प्रतिरक्षा बढ़ाता है, सूजन घटाता है* *सेवन: 10 से 15 मि.ली. दिन में 1 से 2 बार
📚 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
हिंदू धर्म में जब किसी का देहांत हो जाता है तो उसके शरीर को बांस की अर्थी पर ले जाया जाता है, पर इस बात को बहुत कम लोग ही जानते हैं कि अर्थी में बांस की लकड़ी का प्रयोग क्यों किया जाता है। सबसे पहले हम बता दें कि हिंदू धर्म में 16 प्रकार के संस्कार होते हैं जो कि बच्चे के जन्म से अंतिम समय तक किए जाते हैं। अंत समय में जिस संस्कार को किया जाता है उसको “अंतिम संस्कार” कहा जाता है। इस संस्कार में व्यक्ति को श्मशान तक ले जाने के लिए बांस की लकड़ी का उपयोग करके एक अर्थी को बनाया जाता है और उस पर ही मृत देह को श्मशान तक ले जाया जाता है, पर बहुत कम ही लोग यह जानते हैं कि अंतिम संस्कार में बनने वाली अर्थी में आखिर बांस का प्रयोग ही क्यों किया जाता है,* असल में जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तब उसका शरीर काफी भारी हो जाता है, ऐसे में व्यक्ति के शरीर को ले जाने के लिए बांस की पतली लकड़ियों की अर्थी बनाई जाती है, क्योंकि बांस की लकड़ियां लचिली होती हैं और सभी छोटी-छोटी लकड़ी मिलकर व्यक्ति के वजन को संभाल लेती हैं। इसलिए ही अर्थी में बांस की लड़की का प्रयोग किया जाता है। यहां हम आपको यह भी बता दें कि बांस में लेड सहित कई भारी धातुएं भी होती हैं जो कि जलने के बाद में अपने ऑक्साइड बनाती है। ये ऑक्साइड मानव के लिए खतरनाक होते हैं इसलिए अर्थी का प्रयोग करने के बाद में उसको श्मशान में एक ओर रख दिया जाता है यानि अर्थी को जलाया नहीं जाता है। इस प्रकार से बांस का अर्थी में प्रयोग पर्यावरण संतुलन का कारक भी बनता है। •••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤•••• ⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।। *आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।



