आज का पंचांग सोमवार, 03 जून 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 03 जून 2024
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सोमवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 12:18 AM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी तिथि के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र अश्विनी 12:05 AM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है। तथा राशि स्वामी मंगल है।
⚜️ योग : सौभाग्य योग 09:10 AM तक, उसके बाद शोभन योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 01:29 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 12:18 ए एम, जून 04 तक गर
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:15:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:45:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:47 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:38 पी एम से 03:34 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:14 पी एम से 07:35 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:16 पी एम से 08:16 पी एम
💧 अमृत काल : 05:21 पी एम से 06:51 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:59 पी एम से 12:40 ए एम, जून 04
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻♀️ आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अपरा एकादशी व्रत (वैष्णव/निम्बार्क)-पंचांग भेद/मूल समाप्त, शनि जयंती, हरियाणा के मुख्यमंत्री भजन लाल स्मृति दिवस, चिमनभाई पटेल जन्म दिवस, राष्ट्रीय अंडा दिवस, साइकिल दिवस, मुहम्मद अली पुण्य तिथि, विश्व साइकिल दिवस, चिम्बोराजो दिवस, राष्ट्रीय चॉकलेट मैकरून दिवस, प्रेम विजय दिवस, विश्व साइडर दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
आप अगर नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आपको सूर्य यंत्र को उस जगह पर रखना चाहिए, जहां पर आपने अपना ऑफिस बनाया है या फिर बिजनेस से जुड़े पेपर या चीजें रखते हैं, वहां पर आपको सूर्य यंत्र रखना चाहिए। सुबह काम शुरू करने से सबसे पहले सूर्य यंत्र की पूजा करें।
घर से वास्तुदोष दूर करने के लिए आपको तांबे के पत्र पर सूर्य यंत्र चिपकाकर स्थापित करना चाहिए। इससे वास्तुदोष दूर होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही व्यक्ति के जीवन से भय, चिंता और शंका भी दूर हो जाती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
केवल अच्छा भोजन बना लेने या परोस लेने और खा लेने में दक्षता ही काफी नहीं है, लेकिन उस भोजन का आनंद लेने के बाद उसे सही तरीके से पचा लेने की दक्षता ही आपकी असली परीक्षा होती है।
इसके लिए आयुर्वेद के नियमों के अनुसार भोजनोपरांत “वामकुक्षी” की आवश्यकता होती है. जिसे मारवाड़ में “अन्न पौढ़ाना” कहते हैं.
क्या है वामकुक्षी?
वामकुक्षी का मतलब है बाईं ओर करवट लेकर सोना. यानि आपको लेफ्ट साइड की ओर करवट लेकर सोना होगा. इस कॉन्सेप्ट में आप पावर नैप (झपकी) भी ले सकते हैं जैसे दोपहर में 15-30 मिनट की नींद वामकुक्षी पोजीशन में लें.
वामकुक्षी एक बहुत उपयोगी क्रिया है जिससे खाना पचाने में काफी मदद मिलती है. भोजन के पश्चात बायीं करवट लेकर लेट जाए जिससे सूर्य नाड़ी सक्रिय जायेगी और भोजन जल्दी पच जाएगा. इससे पहले 2 मिनट तक सीधे लेटिए.
इसे अलावा, रात में सोते समय भी आप इसी पोजीशन का इस्तेमाल कर सकते हैं. वैसे तो अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह से सोते हैं, लेकिन इस तरह से सोने का अपना महत्व है.
आयुर्वेद के मुताबिक रात के खर्राटे कम करने के लिए वामकुक्षी बहुत ही मददगार साबित हो सकती है।।
🥂 आरोग्य संजीवनी 🍻
थायरॉइड विकार का इलाज आमतौर पर दवाइयों और उपचार के माध्यम से किया जाता है, जो थायरॉइड हार्मोन्स की स्तर को सामान्य करने में मदद करते हैं। कुछ साधारण उपाय निम्नलिखित हैं:
दवाइयाँ: डॉक्टर के परामर्श के बाद, थायरॉइड विकार को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न दवाइयों का सेवन किया जा सकता है। ये दवाइयाँ थायरॉइड हार्मोन्स को संतुलित करती हैं।
आहार: सही आहार और नियमित व्यायाम भी थायरॉइड विकार को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यह आहार की सलाह, पोषण, और तत्वों की जरूरतों के अनुसार होना चाहिए।
नियमित चेकअप: थायरॉइड विकार के लिए नियमित चेकअप और डॉक्टर की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है।
आयुर्वेदिक उपचार: कुछ लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा या प्राकृतिक उपायों का सहारा लेते हैं जैसे कि जड़ी-बूटियों का सेवन, प्राणायाम, और योग।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हिंदू धर्म में राम नाम का बहुत महत्व है। इस नाम का तीन बार जाप करना भगवान के नाम का एक हजार बार जाप करने के बराबर है। यहां जब किसी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता है तो लोग “राम नाम सत्य है” का जाप करते रहते हैं। जबकि ये चार शब्द किसी भी खुशी के मौके पर एक साथ नहीं बोले जाते. जिसके कारण अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि मरने के बाद “राम नाम सत्य है” क्यों कहा जाता है?
ऐसे में आइए जानते हैं इन शब्दों को कहने के पीछे के पांच कारण।
आत्मा की मुक्ति: जब कोई मरता है तो राम का नाम लिया जाता है। इसका मतलब है कि अब इस आत्मा को मुक्ति मिल गई है. अब आत्मा इस सांसारिक चक्र से मुक्त हो गई है। उसे सांसारिक मोह-माया का कोई एहसास नहीं है।
शक्ति का प्रकटीकरण: ‘राम नाम सत्य है’ का अर्थ है ‘सत्य ही भगवान राम का नाम है’। यहां राम परम शक्ति यानी ब्रह्म के रूप में उभरते हैं। इस बीच सांस के बिना शरीर का कोई मतलब नहीं है। आत्मा सब कुछ छोड़कर भगवान के पास चली जाती है। यह परम सत्य है.
सब भ्रम है: इस मंत्र का जाप करने से ऐसा अहसास होता है कि व्यक्ति इस दुनिया को छोड़कर चला गया है। अब उसके सारे सांसारिक रिश्ते-नाते ख़त्म हो चुके हैं। जिससे स्पष्ट है कि ईश्वर को छोड़कर सब कुछ माया है।
एक बीज अक्षर : हिन्दू धर्मग्रन्थों के अनुसार राम नाम सत्य है, यह एक बीज अक्षर है। इसके जाप से बुरे कर्मों से छुटकारा मिलता है। यह पूर्ण सत्य है कि आत्मा अपने कर्मों के अनुसार ही संसार में दूसरा जन्म लेती है।
रिश्तेदारों को शांति: कुछ लोगों का मानना है कि इस जप से मृतक के रिश्तेदारों को मानसिक शांति मिलती है। मौत के बाद परिवार के लोग दुख और दर्द से टूट गए हैं। जिससे इस दौरान राम नाम सत्य है उसे अंदर से एहसास कराता है कि यह दुनिया व्यर्थ है।
⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।


