धार्मिक

दशहरा पर पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन कार्यक्रम

सिलवानी । दशहरा पर्व के अवसर पर नगर में आरएसएस, बंजरग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित हिंदू समाज अन्य के संगठनों द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुरानी परंपराओं को निभाते हुए शस्त्रों की पूजा की गई और विजय की प्रतीकात्मकता को सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत व सनातन वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। शस्त्रों को शुद्ध जल और पुष्प से अभिषेक किया गया, और फिर हल्दी, कुमकुम व चंदन का तिलक कर शस्त्रों को सजाया गया। इस अवसर पर उपस्थित संगठनों के विशिष्ठ जन द्वारा
दशहरा पर्व के महत्व और शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, और शस्त्र पूजन वीरता, साहस और न्याय की रक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
नगर के प्रमुख व्यापारी, और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बलों और अन्य शौर्यपूर्ण परंपराओं से जुड़े लोगों ने भी अपने शस्त्रों की पूजा की और इसे अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य के प्रति आस्था का प्रतीक बताया। दशहरा पर्व पर आयोजित इस शस्त्र पूजन कार्यक्रम ने नगर में उत्साह और उमंग का माहौल पैदा कर दिया, और लोगों ने मिलकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

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