पर्यावरणमध्य प्रदेश

अधर में लटकी 223 करोड की सिंचाई योजना

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेडा विकासखंड के 96 गांवों के खेतों तक नर्मदा जल पहुंचाने की 223 करोड लागत की माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना निर्माण की कचुआ चाल के चलते अधर में लटकी है। वर्ष 2017 में शुरू हुई योजना के अनुबंध के मुताबिक 2019 तक कार्य पूर्ण किया जाना था। लेकिन कोविड काल में कार्य बंद होने की वजह से विलंब के चलते निर्माण एजेंसी को एक्सटेंशन दिया गया। इसके बाद लगातार तीन बार समयवृद्धि होने के बाद जून 2022 तक कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए था। लेकिन वह समयावधि भी गुजरे 6 माह बीत चुके हैं। इसके बाद भी अब तक निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया। ऐसी स्थिती के बीच किसानों को फिलहाल अपने संसाधनों के माध्यम से ही खेतों को सिंचित करना पड रहा है। किसान हित की इस योजना की धीमी चाल पर सांसद प्रतिनिधि पदमेश गौतम ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र के माध्यम से अवगत कराते हुए ढीमरखेडा माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कराये जाने के आदेश देने का आग्रह किया है।

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