Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 13 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 13 फरवरी 2023
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🐚 13 फरवरी 2023 दिन सोमवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष कि अष्टमी तिथि है। आज नेपाली पञ्चांग के अनुसार फाल्गुन मास की ३० वीं तिथि है। आज सीताष्टमी है, जिसे जानकी जयंती भी कहा जाता है। आज कालाष्टमी भी है, आज अष्टकाश्राद्धम् भी है अवश्य करे और यदि संभव न हो तो आज अष्टमी का सामान्य श्राद्ध भी अवश्य करें। आप सभी सनातनियों को जानकी जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सप्तमी 04:44 AM बजे तक उपरान्त अष्टमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य देव है।सप्तमी तिथि के देवता हैं चित्रभानु।
💫 नक्षत्र – विशाखा 21:52 PM तक उपरान्त अनुराधा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – गुरु विशाखा नक्षत्र के स्वामी हैं।विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं।
🔔 योग – वृद्धि 10:14 AM तक उपरान्त ध्रुव योग है।
⚡ प्रथम करण : बव – 09:45 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – बालव – 09:30 पी एम तक।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : सोमवार का (अशुभ ) काल 01:59 पी एम से 03:22 पी एम।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 07:13 बजे से 13:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:26:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:34:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:18 ए एम से 06:10 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:44 ए एम से 07:02 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:27 पी एम से 03:11 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:07 पी एम से 06:33 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:09 पी एम से 07:27 पी एम
💧 अमृत काल : 05:45 पी एम से 07:21 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 14 से 01:01 ए एम, फरवरी 14
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 02:36 ए एम, फरवरी 14 से 07:01 ए एम, फरवरी 14
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-जानकी मंदिर में चांदी की श्रंगार सामग्री भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/श्रीजानकी जयंती/कुम्भ संक्रांति, कालाष्टमी, अष्टकाश्राद्धम्, सरोजिनी नायडू जयंती, क्रांतिकारी बुधु भगत स्मृति दिवस, अभिनेता – विनोद मेहरा जन्मोत्सव, साहित्यकार डॉ. ‘तुलसीराम’ पुण्य तिथि, पंडित गोपाल प्रसाद व्यास, जयन्ती, रश्मि प्रभा जयन्ती, वरुण भाटी जयन्ती, दिल्ली के सुल्तान जहाँदारशाह स्मृति दिवस, विश्व रेडियो दिवस, उत्पादकता सप्ताह, राष्ट्रीय महिला दिवस, किस डे(Kiss day)
✍🏼 विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल अर्थात कोहड़ा एवं कद्दू दोनों ही त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
झाड़ू से जुड़े नियम और उपाय— धार्मिक शास्त्रों के अनुसार झाड़ू का प्रयोग अगर नियमों के साथ किया जाए तो माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर कृपा करती है ऐसे में सूर्योदय के बाद झाड़ू का इस्तेमाल करन मना किया गया है ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज़ हो सकती है और वह घर छोड़कर भी चली जाती है वही अगर घर का मुखिया किसी विशेष कार्य के लिए बाहर जाता है तो उसके जाने के तुरंत बाद घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए ऐसा करने से बनते काम भी बिगड़ सकते है और कार्यों में कई तरह की बाधा उत्पन्न होने लगती है।
वास्तु अनुसार झाड़ू को भूलकर भी इधर उधर नहीं रखना चाहिए बल्कि इसके लिए एक निश्चित जगह बनानी चाहिए ऐसा न करने से धन के आगमन पर प्रभाव पड़ता है और व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। कहा जाता है कि सुबह उठने के तुंरत बाद ही झाड़ू नहीं लगाना चाहिए हमेशा सूर्योदय होने के बाद ही झाड़ू लगाएं फिर झाड़ू को ऐसी जगह पर रख दें जहां पर किसी की नजर न पड़ें ऐसा करने से माता लक्ष्मी का सदैव घर में वास होता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अमरूद खाने का सही समय-एक दिन में 1 अमरूद खाना बिलकुल सुरक्षित है। इससे अधिक खाना आपको बीमार कर सकता है। साथ ही आपको अमरूद भोजन के बीच या एक्सरसाइज से पहले खाना चाहिए। रात को फल खाने से बचें क्योंकि इससे सर्दी और खांसी हो सकती है। बेहतर तो ये होगा कि आप अमरूद धूप में बैठ कर आराम से खाएं।
अमरूद खाने का सही तरीका-अमरूद खाने का सही तरीका है कि आप अमरूद लें और इसे काट कर व काला नमक मिला कर खाएं। ये आसानी से पचेगा भी और आपको सर्दी-जुकाम की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा ये तरीका पेट के लिए भी हेल्दी है और आपको कब्ज जैसी समस्याओं से बचा सकता है।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
मसूड़ों के दर्द से राहत के लिए उपाय:- कई बार लोगों को मसूड़ों के दर्द से बेहद परेशान होना पड़ता है। ऐसे में मसूड़ों के दर्द और सूजन को कम करने के लिए एवम इससे छुटकारा पाने के लिए आप सरसों के तेल में नमक मिलाकर लगा सकते हैं। लेकिन अगर मसूड़ों में सूजन है, तो ब्रश का इस्तेमाल ना करें। आप उंगुली से इस पेस्ट को मसूड़ों और दांतों पर धीरे-धीरे लगा सकते हैं। सरसों का तेल मसूड़ों को काफी मजबूत बनाता है।
बैक्टीरिया दूर करने के लिए उपाय:-कई लोगों को प्लाक से काफी परेशानी होती है। प्लाक बैक्टीरिया की वजह से ही बनता है। प्लाक में दांतों के बाहरी परत धीरे-धीरे खराब होने लगती है, जिससे दांतों में सड़न भी शुरू होने लगती है। ऐसे में सरसों का तेल आपके लिए लाभदायक हो सकता है। सरसों का तेल बैक्टीरिया को साफ करने में मददगार होता है, ऐसा करने से मसूड़ों से खून आना भी बंद हो जाता है। दांतों से प्लाक हटाने के लिए आप सरसों के तेल में नमक मिलाकर मंजन या ब्रश कीजिए, आपको इसका सकारात्मक परिणाम अवश्य नजर आएगा।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम का कहना है कि वक्त संसार की सबसे पॉवरफुल चीज है. एक बार मनुष्य समय का महत्व समझ ले तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है. ऐसे लोगों के पास हर कठिनाई का तोड़ होता है.
वक्त का सदुपयोग आवश्यक हमें बाल्यावस्था से ही घर या विद्यालयों में टाइम के सदुपयोग का महत्व समझाया जाता रहा है. चाणक्य ने भी अपने नीति शास्त्र में इसका उल्लेख किया है. वह वक्त को संसार की सबसे बलवान वस्तु मानते हैं. टाइम सबके लिए समान है. ये कभी अमीर-गरीब या ऊंच-नीच नहीं देखता है. वक्त न तो किसी के लिए ठहरता है और न ही वापस लौटकर आता है. इसलिए जिसने वक्त का मूल्य समझ लिया, वो जीवन में कभी कसी भी चिक से मात नहीं खा सकता है.
टारगेट की प्राप्ति हम कहते हैं कि वक्त मनुष्य की तकदीर को बदलने में बिल्कुल विलंब नहीं लगाता है. जो व्यक्ति लक्ष्य को पाने के लिए सही वक़्त पर फैसला ले लेते हैं, उन्हें निश्चित रूप से ही सफलता मिल जाती है. उन्हें फ्यूचर में बेहद कम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. और ये सब टाइम के महत्व को समझने और उसके सदुपयोग के चलते संभव हो पाता है.
मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हमारे कहने के मुताबिक, वक्त की कीमत समझने वालों पर धन की देवी मां लक्ष्मी अक्सर प्रसन्न रहती हैं. ऐसे लोग सही टाइम पर उचित कार्य करते हैं, इसलिए उनका मार्ग बहुत सरल हो जाता है. उदाहरण के लिए स्कूल लाइफ में स्टूडेंट्स को पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करनी चाहिए और जवानी में अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और ईमानदार रहना चाहिए. जो लोग इस रूल को अपने जीवन में अपना लेते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है. इसके विपरीत जो लोग आज का कार्य कल पर छोड़ देते हैं या टाइम पर अपने काम को पूरा नहीं करते, वे धन की देवी मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से हमेशा के लिए वंचित रह जाते हैं. ऐसे लोगों के जीवन में धन और सुख के संपन्नता की सदैव कमी बनी रहती है.
अच्छे समय में न करें अभिमान हम कहते हैं कि जब किसी मनुष्य का समय अनुकूल चल रहा होता है तो उसमें अभिमान और गुरूर का भाव पेअर पसारने लगता है. ऐसे लोगों में मानवीय गुणों का अभाव होने लगता है. ये लोग अच्छे-बुरे में फर्क करना भूल जाते हैं. लेकिन एक न एक दिन इन्हें अपने किए पर पछतावा जरूर होता है. इनका अभिमान और गुमान देखकर मित्र, रिश्तेदार इनसे दूरियां बना लेते हैं. और जब ऐसे व्यक्ति का बुरा समय शुरू होता है तो इनकी सहायता करने कोई भी आगे नहीं आता है.
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।
अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्माहोता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवानहोता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथिके जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं।इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।

