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बिना शिव कृपा के राम की भक्ति नहीं, शिव ही ब्रह्म विष्णु और महेश है संपूर्ण सृष्टि और भक्ति का मूल आधार शिव हैं : सत्यम मधुरम महाराज

सिलवानी । भोपाल मार्ग स्थित सतवरिया धाम में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस कथा व्यास पंडित सत्यम मधुरम महाराज ने कहा कि भगवान शिव ही ब्रह्मा विष्णु और महेश हैं। संपूर्ण सृष्टि और भक्ति का मूल आधार शिव हैं। शिव की कृपा के बिना सच्ची भक्ति प्राप्त नहीं होती क्योंकि शिव के आशीष से ही हरि-भक्ति और श्रीराम की अनन्य भक्ति का मार्ग खुलता है। भगवान राम ने भी शिव उपासना को सर्वोच्च महत्व दिया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि राम कृष्ण और शिव एक ही सत्ता के रूप हैं नाम भिन्न हैं पर परमात्मा एक ही है। शिव आराधना ही भक्त के अंतर्मन का द्वार खोलकर उसे परमात्मा की ओर अग्रसर करती है। कथा व्यास पंडित सत्यम मधुराम महाराज ने उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा बिना शिव कृपा के राम की भक्ति नहीं होती। शिवजी को वैष्णव कहा गया है। जो शिव हैं वही राम हैं और जो राम हैं वही शिव हैं। उन्होंने कहा कि जब तक साधना परिपक्व नहीं होती तब तक वेद हमारी दृष्टि में रहते हैं और जब भक्ति पक जाती है तो हर दिशा में परमात्मा दिखाई देता है। भगवान अवतार लेते हैं सद्गुणों की रक्षा और दुष्टों के विनाश के लिए, परंतु वे तो भक्त के प्रेम के वश में होकर आते हैं।
जब तक जीव शिव नारायण शक्ति, कृष्ण, राम में भेद देखता रहता है जब तक बह मोक्ष प्राप्त नहीं कर पाता है। ऐसे भक्त मृत्यु के पाश्चात्य अपने इष्ट के लोक को प्राप्त तो होते हैं परंतु पुण्य छीण होने पर पुन मृत्युलोक में जन्म लेना पड़ता है।
शिव पुराण में विवरण मिलता है कि जब सभी भक्त कैलाश में शंकर-पार्वती का दर्शन कर रहे होते हैं तब भोलेनाथ सिर्फ कुछ ही भक्तों को गले लगाते हैं और बाकी भक्त दूर से दर्शन पूजा-अर्चना करते हैं । तब भोलेनाथ बताते हैं जो भक्त नारायण और उनमें भेद नहीं देखता वह उनके अतिप्रिय है
वैकुण्ठ धाम के द्वार पाल जय-विजय पहले शिव भक्त थे। बाद में वे भगवान नारायण के वैकुण्ठ धाम के द्वारपाल का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
इसलिए जो भक्त किसी में भेद नहीं देखता सबमें सबको देखता है वहीं पूर्ण है वही सच्ची भक्ति और मोक्ष का अधिकारी है। इसलिए बिना शिव की भक्ति के किसी को मोक्ष प्राप्त नहीं होता ।
सतवरिया धाम में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और शिव अमृत कथा का रसास्वादन कर रहे हैं।

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