ज्योतिष

आज का पंचांग बुधवार, 07 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 07 दिसम्बर 2022

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🤴🏻 07 दिसम्बर 2022 दिन बुधवार को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज प्रदोष श्रीदत्तात्रेय जयन्ती है। आज दत्त जयन्ती है। साथ ही आज प्रदोष वैशानसदीपम (दक्षिण भारत की एक) त्यौहार है। आप सभी सनातनियों को दत्त जयन्ती एवं प्रदोष वैशानसदीपम व्रत की हार्दिक शुभकामनायेँ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – चतुर्दशी 08 : 01 ए एम तक उपरान्त पूर्णिमा तिथि है।
📝 तिथि स्वामी : चतुर्दशी: इसके स्वामी भगवान शिव हैं. अतः प्रत्येक मास की चतुर्दशी विशेषकर कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन शिव जी की पूजा, अर्चना एवं रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव मनोकामना पूर्ण करते हैं।
💫 नक्षत्र : कृत्तिका – 10:25 ए एम तक रोहिणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : कृतिका नक्षत्र को कृत्तिका भी कहते हैं। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य और राशि के स्वामी शुक्र हैं।
🔊 योग : सिद्ध – 02:55 ए एम, दिसम्बर 08 तक साध्य
⚡ प्रथम करण : वणिज – 08:01 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 08:46 पी एम तक बव
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 शुभ गुलिक काल :- बुधवार सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड रहेगा। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:00 बजे से 13:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:45:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:15:46
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:12 ए एम से 06:06 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:39 ए एम से 07:01 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 01:56 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 07:51 ए एम से 09:34 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:40 ए एम, दिसम्बर 08
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
❄️ रवि योग : 07:01 ए एम से 10:25 ए एम
💥 परिघ योग- आज का पूरा दिन पार कर के देर रात 3 बजकर 8 मिनट तक
☄️ अश्विनी नक्षत्र – आज सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकले।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को साबुत मूंग भेंट करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – श्रीदत्त जयंती, सर्वार्थसिद्धि योग/व्रत पूर्णिमा/द्विरागमन मुहूर्त, भारतीय सशस्त्र सेना झण्डा दिवस, अंतर्राष्‍ट्रीय नागरिक विमानन दिवस (आईसीएओ), जतीन्द्रनाथ मुखर्जी (भारतीय क्रांतिकारी) जन्म दिवस, मैसूर शासक- हैदर अली – (18वीं शताब्दी के मध्य एक वीर योद्धा) स्मृति दिवस, श्री सत्यनारायण व्रत, व्रत की पूर्णिमा (लवण/ नमक दान), बत्तीसी पूर्णिमा, श्रीदत्त जयंती, पूर्णिमा प्रारंभ सुबह 08 : 01
✍🏽 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🌷 Vastu tips 🌹
घर के आगे गुलाब का पेड़ लगाना, घर में विवादों का कारण बन सकता है। ये लोगों के बीच उलझन पैदा करता है और कई बार मनभेदों का कारण बन सकता है। दरअसल, घर के आगे ऐसे कांटेदार पौधे लगाना जिंदगी में परेशानियां बढ़ा सकता है, इसलिए इसे घर के सामने लगाने से बचें।
फेंगशुई के अनुसार गुलाब का पेड़ घर के आगे लगाना पॉजिटिव और एनर्जेटिव वाइब्स क्रिएट करता है। अगर ये लाल रंग है तो ये और भी एनर्जी से भरपूर माना जाता है। तो, सफेद गुलाब को आप शांति का संकेतक मान सकते हैं। इसलिए, इसे लगाना घर के साथ इसमें रहने वाले लोगों को खुशहाल रखने में भी मददगार माना जाता है।
गुलाब उगाने के लिए सबसे अच्छी जगह कौन सी है
गुलाब उगाने के लिए सबसे अच्छी जगह है आपकी बालकनी और घर का नैऋत्य कोण। यानी कि इसे दक्षिण-पश्चिम की दिशा में लगाएं। दरअसल, लाल फूलों वाले पौधों को रखने के लिए भी दक्षिण अनुकूल दिशा है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर के मालिक की सामाजिक स्थिति में वृद्धि होती है। साथ ही ये पारिवारिक संबंध बेहतर विकसित करने में भी मदद करते हैं। तो, अगर आपने अपने घर में गुलाब का पेड़ लगा रखा है या लगाने की सोच रहे हैं तो इसकी दिशा सही कर लें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां
एक्स की बात न करें नहीं करेंगी अच्छा फील आपको कभी भी किसी भी ख़ुशी के मौके पर अपनी लाइफ पार्टनर से अपने बीते कल की चर्चा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्हें यह अहसास होगा की बीते कल में उनकी जगह किसी और ने ली थी तो उन्हें कंफर्टेबल नहीं फील होगा। और उन्हें लगेगा की आपका ध्यान उनपर नहीं है।
पार्टनर के इन कामों में करें मदद,बढ़ेगा भरपूर प्यार खुद से करने लगेंगी तुलना अगर आप अपनी पत्नी से किसी और के बारे में या अपनी पुराने पार्टनर का जिक्र करते हैं तो वे खुद को उससे कम्पेयर करने लगेंगी और उन्हें लगेगा आप पुराने रिश्ते को नहीं भूलें हैं। जो कि दोनों के रिश्ते के लिए सही नहीं होगा। उनके मन में नेगेटिविटी आ जाएगी।
आत्मविश्वास कभी अपनी वाइफ को यह न अहसास होने दें कि आपकी जिंदगी में कोई और था और आप उसे मिस कर रहे हैं। क्योंकि अगर उन्हें ये पता चलता है, तो उनका आत्मविश्वास कम हो जाता है, और उन्हें लग सकता है कि आपकी खुशियों की वजह वह नहीं हैं। हमेशा उन्हें फील करवाएं कि उनकी जगह कोई नहीं ले सकता और वो बेस्ट पार्टनर हैं आपके लिए।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
ब्लड प्रेशर करता है नियंत्रित शरीर में बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए शिलाजीत का सेवन बहुत उपयोगी होता है। ध्यान से पता चलता है कि शिलाजीत खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। शिलाजीत में एंटीहाइपरटेसिव गुण पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। डायबिटीज में फायदेमंद आज देश में शुगर रोगियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बताया गया है कि डायबिटीज रोगियों को शिलाजीत खाने से कई तरह के फायदे मिलते हैं। शुगर को कंट्रोल करने में शिलाजीत फायदेमंद है इसमें मौजूद एंटी डायबिटिक गुण भी पाए जाते हैं। कोलेस्ट्रॉल करता है कंट्रोल शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने में शिलाजीत बहुत ही उपयोगी और सहायक सिद्ध होता है। बताया गया है कि चूहों पर किए गए शोध से पता चलता है की शिलाजीत में मौजूद बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीतियों को अपनाकर कोई भी इंसान अपनी पूरी जिंदगी को खुशी से और सुखपूर्वक व्यतीत कर सकता है.हमने अपनी नीतियों में स्त्री और पुरुषों के लिए कुछ खास सिद्धांत दिए हैं. उन्होंने वह दायरे बताएं हैं जिनमे स्त्री और पुरुष दोनों को रहना चाहिए. ऐसे में अगर इन नीतियों को अगर दरकिनार कर जीवन जीने की शुरुआत की जाए तो धीरे-धीरे आप पतन की ओर चले जाएंगे.
आचार्य श्री गोपी राम ने पुरुषों को कुछ कामों को करने से बचने की सलाह दी है. उनके मुताबिक पुरुष अगर ऐसा कुछ करते हैं तो उनको उसका अंजाम भुगतना पड़ सकता है. हमारे सिद्धांत अगर किसी ने अपनी जिंदगी में आत्मसात कर लिए तो वह बेहतर जिंदगी जी सकता है. हमने अपने नीति शास्त्र में धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, परिवार, रिश्ते, मर्यादा, समाज, संबंध, देश और दुनिया के साथ ही कई और चीजों को लेकर सिद्धांत दिए हैं.ऐसे में हमारे ये नीति शास्त्र के सिद्धांत सबसे ज्यादा प्रासंगिक हैं. ऐसे में पति-पत्नी के संबंध और रिश्तों पर भी अपने सिद्धांत दिए हैं जिसे जानना बेहद जरूरी है.
आचार्य श्री गोपी राम ने पुरुषों को कुछ चीजों से बचने की सलाह दी है ताकि वह जीवन में उत्थान और प्रगति करें ना कि वह पतन की ओर चले जाएं. ऐसे में चाणक्य ने बताया कि किन कामों को गलती से भी पुरुषों को नहीं करना चाहिए.
ऐसी महिलाओं को नहीं देखें जो भोजन कर रही हों शिष्टाचार के दायरे में रहकर अगर भोजन किया जाए तो वह हमेशा बेहतर होता है. वह बताते हैं कि भोजन करती महिला को पुरुषों को नहीं देखना चाहिए यही शिष्टाचार है. क्योंकि ऐसा करने से महिलाएं असहज हो जाती हैं और वह ठीक से खाना नहीं खाती हैं. जबकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को बीख ज्यादा लगती है. हालांकि आज का समाज बदला है और महिला और पुरुष साथ बैठकर खाने लगे हैं लेकिन फिर भी इन तमाम बातों का ध्यान रखना चाहिए
महिलाएं अगर कपड़े संभाल रही हों तो हम मानते हैं कि जब कोई स्त्री या लड़की अपने बदन के कपड़े ठीक कर रही हो तो पुरुषों को अपनी नजरें फेर लेनी चाहिए. हमने अपने नीति शास्त्र में अपराध माना है. इसके साथ ही हम कहते हैं कि छिंकते और जम्हाई लेते समय भी महिलाओं को पुरुषों को नहीं देखना चाहिए. यह पुरुषों की मर्यादा है और इसके खिलाफ आचरण आपको पतन की ओर ले जाएगा
श्रृंगार करती महिलाएं कहते हैं कि काजल लगाती, श्रृंगार करती महिलाओं को पुरुषों को नहीं निहारना चाहिए. यह आचरण मर्यादा के खिलाफ है. वहीं अगर औरत किसी बच्चे को तेल मालिश कर रही हों तो उसको भी पुरुषों को देखते ही नजर फेर लेनी चाहिए. इसे देखना भी उचित नहीं माना गया है
●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●
⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

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