आज का पंचाग शुक्रवार 21 अक्टूबर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
………. ✦••• जय श्री हरि •••✦ …….
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 21 अक्टूबर 2022
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
👣 21 अक्टूबर 2022 दिन शुक्रवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष कि रमा नाम का एकादशी व्रत है। आप सभी एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को रमा एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- एकादशी 17:24:00 तक तदोपरान्त द्वादशी तिथि
🖍️ तिथि स्वामीः-एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं।
💫 नक्षत्रः- माघ 12:29:00 तक तदोपरान्त पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- माघ नक्षत्र के स्वामी केतु देव हैं तथा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुर देव जी हैं।
🔔 योगः- शुक्ल 17:46:00 तक तदोपरान्त इंद्र
⚡ प्रथम करण : बालव – 05:22 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 05:47 ए एम, अक्टूबर 22 तक तैतिल
⚜️ दिशाशूलः- शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें।
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 12:19:00 P.M से 01:57:00 P.M बजे तक।
🤖 राहुकालः- राहुकाल 03:36:00P.M से 05:14:00 P.M बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:54:20
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:18:36
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:44 ए एम से 05:35 ए एम
🌇 ₹प्रातः सन्ध्या : 05:09 ए एम से 06:25 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:59 पी एम से 02:44 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:34 पी एम से 05:58 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:46 पी एम से 07:02 पी एम
💧 अमृत काल : 09:53 ए एम से 11:37 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 22_
☀️ पुनर्वसु नक्षत्र – आज का पूरा दिन पार कर के अगली सुबह 5 बजकर 13 मिनट तक
🔱 शिव योग – आज शाम 4 बजकर 2 मिनट तक
☄️ वरीयान योग – आज दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक&
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-मंदिर में छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रमा एकादशी व्रत (सर्वे.), गौवत्स द्वादशी, पुलिस स्मृति दिवस, विश्व आयोडीन अल्पता दिवस, आज़ाद हिन्द फ़ौज स्थापना दिवस, भारतीय जनसंघ की स्थापना दिवस, मूल समाप्त
✍🏽 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗼 _Vastu tips 🗽
खिड़की ना रखें खुली अगर आपके प्रोफेशनल काम बनते-बनते बिगड़ रहे हैं तो हो सकता है कि आपके जीवन में भूमि तत्व की कमी हो। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब व्यक्ति ऐसी किसी जगह पर बैठकर काम करता है, जहां उसके पीछे खिड़की खुली होती है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आप अपनी चेयर के पीछे की खिड़की(घर की खिड़कियों से जुड़े वास्तु टिप्स) को बंद रखें। अगर संभव हो तो वहां पर भारी परदों का इस्तेमाल करें। आप चाहें तो वहां पर अपनी भारी बुकशेल्फ आदि भी बनवा सकती हैं।
पोस्टर व पेंटिंग को करें चेक कई बार ऐसा भी होता है कि आप जहां बैठी होती है, आपके ठीक सामने कोई भारी शोपीस होता है। इसके अलावा, पूर्व या उत्तर की दीवार पर किसी भारी चीज जैसे ऊंचे- ऊंचे चट्टान के पोस्टर या पेंटिंग टंगी होती है। इससे भी काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं। इसलिए आज भी आप इसे चेक करें। अगर ऐसा है तो इसे तुरंत वहां से हटा दें।
खंडहर की ना हो तस्वीर कुछ लोगों को अपने घर या ऑफिस में कुछ क्लासिकल तस्वीरों या पेंटिंग को लगाना अच्छा लगता है। लेकिन इस बात का ध्यान करें कि पूर्व की दीवार पर किसी खंडहर की फोटो या टूटा हुआ किला आदि की फोटो कभी भी ना हो। आप उसे तुरंत वहां से हटाएं और उसके स्थान पर फूलों की पेंटिंग, उगता हुआ सूरज आदि की फोटो लगा सकते हैं।
कई बार ऐसा भी होता है कि लोग अपने बेड में कुछ ऐसी चीजें रख देते हैं, जिनका वास्तव में कोई यूज नहीं होता है। इन चीजों को लोग लंबे समय तक रखकर यूं ही छोड़ देते हैं। मसलन, पुराने व बेकार कपड़े, जिन्हें कोई पहनता नहीं है, लेकिन आपने उसे रखा हुआ है।
अगर ऐसा है तो इसे आज की चेक करें और उसमें से बेकार सामान को निकालकर बाहर कर दें। अगर आप ऐसा नहीं करती हैं तो यह जीवन में आपके आगे बढ़ने के रास्तों को बिल्कुल ही बंद कर देता है। हो सकता है कि आपके कई काम बनते-बनते भी बिगड़ जाएं।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नींद न आने की समस्या से दिलाए निजात आजकल नींद न आने की परेशानी बहुत कॉमन हो गई है। अगर आप भी नींद नहीं आने की समस्या से जूझ रहे हैं तो तो सोने से पहले अजवाइन खाएं इससे आपको राहत मिल सकती है कुछ दिन ऐसा करने से आपको नींद अच्छी तरह आने लगेगी।
जोड़ों के दर्द में दिलाए राहत अक्सर लोगों को सर्दियों के मौसम में हड्डियों के जोड़ों मे दर्द होने लगता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशां हैं तो, रात में खाना खाने के एक घंटे बाद एक चम्मच अजवाइन का सेवन करने से आपको आराम मिलेगा। जोड़ो के दर्द को कम करने के लिए अजवाइन को चबाकर खाएं और फिर गर्म पानी पिएं। ऐसा करने से हड्डियों के दर्द से राहत मिलेगी।
कमर दर्द से दे छुटकारा अगर आपकी कमर में दर्द है, तो अजवाइन का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। आप रोजाना रात को सोने से पहले थोड़ी अजवाइन भूनकर गुनगुने पानी के साथ लें। इसके अलावा आप अजवाइन को पानी में उबालकर उसके पानी को छानकर गुनगुना घूंट घूंट करके पी सकते हैं। रोजाना रात को ऐसा करने से आपको कुछ ही दिनों में दर्द में काफी अंतर नजर आएगा।
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
पीलिया को दूर करेंगे ये देसी नुस्खे
मुलेठी मुलेठी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें कैल्शियम, ग्लिसराइड एसिड, प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो जॉन्डिस की बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। इसके लिए सबसे पहले मुलेठी को पीसकर पाउडर बना लें। फिर इस पाउडर में थोड़े से शहद मिलाकर इसका सेवन करें।
नीम का रस औषधीय गुणों से भरपूर नीम सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद होता है। खासकर, पीलिया के मरीजों इसकी पत्तियां बेहद असरदार है। इसके लिए पहले नीम के पत्तों को पीसकर रस निकाल लें। उसके बाद रोजाना इसका सेवन करें। इससे आपको फर्क नजर आने लगेगा।
साबुत धनिया मसाला भी पीलिया में आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए थोड़े से साबुत धनिए को रातभर पानी में भिगोकर छोड़ दें। उसके बाद सुबह इसे पिएं। ऐसा करने से पीलिया जल्द खत्म होने में मदद मिलती है।
मूली जॉन्डिस को खत्म करने में मूली भी आपके काम आ सकता है। इसके लिए मूली के साथ मूली के पत्तों का रस निकाल लें। उसके बाद इसे काला नमक मिलाकर इसका सेवन करें। इससे पीलिया जल्द खत्म होने में मदद मिलेगी।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति में कई ऐसी बातें बताई हैं जिन्हें यदि जीवन में उतार लिया जाए तो आप कभी धोखा नहीं खा सकते हैं और न ही आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। हमने अपनी नीति में मानव समाज के लगभग हर पहलू के बारे में बताया है। उन्होंने अपने नीतिशास्त्र में यह भी बताया है कि घर को स्वर्ग कैसे बनाया जा सकता है और कौन से घर श्मशान के समान होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं हमारे इन विचारों के बारे में।
🗣️ श्लोक (बारहवां अध्याय)
न विप्रपादोदककर्दमानि, न वेदशास्त्रध्वनिगर्जितानि।
स्वाहा-स्नधास्वस्ति-विवर्जितानि, श्मशानतुल्यानि गृहाणि तानि।।
हमारी नीति के इस बारहवां अध्याय श्लोक के अनुसार, वह घर जहां ब्राह्मणों के चरण कमल को धोया नहीं जाता, जहा वैदिक मंत्रो का जोर से उच्चारण नहीं होता और जहां भगवान को और पितरो को भोग नहीं लगाया जाता वह घर एक श्मशान है।
दरअसल, आचार्य श्री गोपी राम ने इस श्लोक के जरिए कहते हैं कि जिन घरों में ब्राह्मणों का आदर-सम्मान नहीं होता, जहां वेद पुराणों की ध्वनि नहीं गूंजती, जिस घर में अग्निहोत्र अर्थात हवन आदि शुभकर्म नहीं होते, वैसे घरों में नकारात्मक शक्तियों का वास होता है। उनका जीवन हमेशा दुख और तकलीफों से घिरा रहता है। ऐसे घरों को श्मशान के समान समझना चाहिए।
वहीं जिस घर में नियमित तौर पर यज्ञ, कर्म हवन आदि किया जाता है और ब्राम्हणों का आदर सत्कार किया जाता है, वहां पर सकारात्मक शक्तियों का संचार होता है। ऐसे घर को स्वर्ग माना जाता है और यहां देवी-देवाताओं का भी वास होता है।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।


