मध्य प्रदेश

बिना नापतोल और बिना पुलिया के तहसील सडक निर्माण, नियमों की अनदेखी

रिपोर्टर : बृजेंद्र कुशवाहा
साईखेड़ा। नगर परिषद साईखेडा द्वारा पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल में स्वीकृत सडको का निर्माण विभिन्न वार्डो में बिना नापतोल किया जा रहा है । नगर परिषद और ठेकेदार मुख्य सडक एसएच 44 से सुरेन्द्र तोमर मानसिंह मिर्धा के खेत तक लगभग 50 लाख रुपए की लागत से बनाई गई सडक कहीं 17 फीट तो कही 13.5 ,15 फीट बिना नाप तोल के एक जैसी नहीं बनाई ।न ही सडक पर पानी निकासी के पुलिया डाली गई ।जिससे बरसात के समय पानी गिरने जल भराब की स्थिति बनेगी लोगों के घरो 2 से 3 फीट पानी भरेगा । शमशान घाट कब्रिस्तान जाने वाली सडक की क्रासिंग पर पानी निकासी के लिऐ पुलिया डालना अनिवार्य था, जहाँ नाली गई वहीं मुख्य सडक किनारे भी पुलिया की आवश्यकता थी फिर भी अनदेखी की गई। जिससे सडक निर्माण स्थिति को देखते मोहल्ला वासी चिंतित है । ठेकेदार को टेंडर जारी करते समय सडक की लंबाई चौडाई की जानकारी दी जाती लेकिन ठेकेदार ने नियमों को ताख पर कम नापतौल की बिना पुलिया की सडक पूरी कर दी है । इसी प्रकार नाग मंदिर से तुलसा माता तक सीसी सडक गुणवत्ता हीन सडक होने के कारण परखच्चे उड गये ,जगह जगह गड्ढे और गिट्टी उखड गई है जिससे मोहल्ला वासियों मै खासा आक्रोश है । एक अन्य सडक जो सीवरेज कंपनी द्वारा नर्मदा मंदिर से हनुमान मंदिर तक बनाई गई है, जिससे पर तराई के नाम पर काली चिकनी मिट्टी डाल दी गई जिससे फिसलन हो रही मोटर साईकिल चालक आमजन धाडमा से गिर रहे । निर्माण के समय नालियों और पुलियों मै मिट्टी जाम हो गई जिससे गंदगी बजबजा रही है और मच्छर पनफ रहे जिससे आमजन को परेशानी हो रही है जनापेक्षा नगर वासी और मोहल्ला वासियो की समस्या ओ को देखते हुऐ नगर परिषद तहसील के पास वाली सडक पर पुलिया डालनै, नाग मंदिर वाली गुणवत्ता की जांच करने और नर्मदा मंदिर से जाने सडक की मिट्टी हटाने के निर्देश जारी करे जिससे आमजन को राहत मिल सके।

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