मध्य प्रदेश

सेंट पैट्रिक स्कूल सोहागपुर अनैतिक फीस वृद्धि मामले में गृहमंत्री से मिले अभिभावक

रियोर्टर : शरद चौरसिया
सोहागपुर । सेंट पैट्रिक स्कूल सोहागपुर की अनैतिक फीस वृद्धि एवं बच्चों को फीस के लिए मानसिक प्रताड़ित करने एवं अन्य अनियमितताओं संबंधी शिकायत
के लिए प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा से मिला
अभिभावक एसोसिएशन सोहागपुर का प्रतिनिधि मंडल । उनको ज्ञापन दिया एवं अभी तक हुए घटनाक्रम की रिपोर्ट सौंपी।
प्रदेश शिक्षा आयुक्त अभय वर्मा जी को भी दिया ज्ञापन एवं रिपोर्ट। शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से भी संपर्क में है अभिभावक एसोसिएशन सोहागपुर।
अभिभावक विशाल गोलानी ने बताया कि गृह मंत्री से मिलकर अभिभावकों ने जो रिपोर्ट सौंपी वह कुछ इस प्रकार है
इस वर्ष स्कूल के द्वारा बेतहाशा फीस वृद्धि की गई है जिससे अभिभावक बहुत नाराज एवं परेशान है। स्कूल फीस की वजह से बच्चों को अपमानित एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला भी यहां पर आया है ।
इसके बाद अभिभावक एसोसिएशन ने सर्व प्रथम सेंट पैट्रिक स्कूल के प्राचार्य पी. सुसाई को दिनांक 1 सिंतबर 2022 को ज्ञापन देकर उनसे आग्रह किया कि फीस वृद्धि वापस लें एवं पालक शिक्षक समिति में अभिभावक एसोसिएशन द्वारा निर्धारित पालकों को लें एवं प्रतिवर्ष पुस्तकें बदलने पर अंकुश लगाकर निरंतर एनसीईआरटी की पुस्तकें ही चलाई जाए। उक्त ज्ञापन की प्रतिलिपि एसडीएम अखिल राठौर एवं तहसीलदार अलका एक्का को भी सौंपी गई । इस पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने अभिभावकों के साथ स्कूल का निरीक्षण किया उस निरीक्षण में बच्चे जमीन पर बैठे पाए गए एवं अन्य कई तरह की विसंगतियाँ स्कूल में सामने आई । एसडीएम के नोटिस पर जवाब में सेंट पैट्रिक स्कूल के प्राचार्य ने अपनी संस्था को अल्पसंख्यक संस्था बताते हुए किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से मना किया और कोई भी बात मानने से पूरी तरह से इनकार किया ।
बच्चों को मानसिक प्रताड़ित होता देख अभिभावक एसोसिएशन ने बाल आयोग में इसकी शिकायत की । राष्ट्रीय बाल आयोग ने इसमें तुरंत एक्शन लेते हुए कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को कार्यवाही करने हेतु पत्र लिखा ।
अभिभावक एसोसिएशन के द्वारा भी कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था उसके बाद भी इस प्रकरण में किसी तरह की कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।
विशाल गोलानी ने आगे बताया कि अभिभावकों ने गृह मंत्री जी से आग्रह किया कि यह फीस वृद्धि वापस हो एवं नए नामों से वसूली जा रही फीस भी वापस ली जाए।
अनुपयोगी स्मार्ट क्लास जो इस वर्ष अभी तक नहीं लगी है उसकी फीस दोगुनी कर दी गई है उसको पूर्ण रूप से समाप्त कर देना चाहिए, क्योंकि स्मार्ट क्लास लग ही नहीं रही है ।
पालक शिक्षक संघ में अभिभावक एसोसिएशन द्वारा चिन्हित व्यक्ति को ही सदस्य बनाए । डमी अभिभावक को नहीं । वर्ष 2019-20 के बाद से इसका गठन नहीं किया गया है ।
फीस के लिए बच्चों को न कहा जाए ना ही उन्हें डराया जाए न प्रताड़ित किया जाए।
फीस की वजह से बच्चों को परीक्षा में बैठने एवं रिजल्ट दिखाने से ना रोका जाए। सीबीएसई के इस स्कूल में एक एक कक्षा में पचास से भी अधिक बच्चे ठूसकर भरे जाते हैं उसको कम करके एक कक्षा में 20 से 30 बच्चों को ही बैठाया जाना चाहिए।
शाला के अभिलेखों की जांच होनी चाहिए।
स्कूल का निरीक्षण होना चाहिए पेयजल एवं शौचालय की भी जांच होना चाहिए।
इस पर गृह मंत्री जी ने जांच करने एवं कार्यवाही करने हेतु आश्वस्त किया।
यात्रा प्रभारी छोटे साहब पटेल, विशाल गोलानी, अरविंद पटेल , प्रताप पटेल , देवराज पटेल अभिभावक एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल के रूप में गृहमंत्री से मिले ।

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