स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा रहे पहरूआ सरपंच सचिव, जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | ढीमरखेड़ा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पहरूआ में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जि़म्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। गंदगी के कारण ग्राम में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ रहा हैं। जहां सरकार स्वच्छता अभियान पर जोर दे रही हैं वहीं ग्राम पंचायत पहरुआ में नियमों को ताक में रखकर कार्य किया जा रहा है। गंदगी का अंबार पूरे गांव में फैला हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इससे अनजान बने हुए हैं। इस लापरवाही के कारण गांव में स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है, और ग्रामीणों में बढ़ती चिंता साफ देखी जा सकती है। जहां एक तरफ सरकार स्वच्छता अभियान और स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों के माध्यम से स्वच्छता पर जोर दे रही है, वहीं ग्राम पंचायत पहरूआ में इस अभियान की अनदेखी की जा रही है। पिछले कुछ समय से ग्राम पंचायत पहरूआ में सफाई का स्तर काफी गिर चुका है । गली-कूचों में कचरे का ढेर लगा हुआ है, और नालियां भी जाम हैं, जिससे पानी रुक कर बदबू फैल रही है। कचरे में प्लास्टिक, घरेलू कचरा, और अन्य अपशिष्ट सामग्री शामिल हैं जो सड़ – गलकर पर्यावरण को दूषित कर रही हैं। इसके अलावा, ग्राम के प्रमुख स्थानों पर गंदगी के कारण लोगों का आना-जाना भी प्रभावित हो रहा है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के फैलने का खतरा भी बना रहता है, जैसे कि मलेरिया, डेंगू, और संक्रामक रोगों की संभावना बढ़ जाती है। गंदगी के कारण ग्रामवासियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। रुकते हुए गंदे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा है। इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों पर इस गंदगी का अधिक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है । दूषित पानी पीने से भी पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। कई बार ग्रामीणों ने इन समस्याओं की शिकायत पंचायत अधिकारियों से की है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।



