आज का पंचांग मंगलवार, 06 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 06 दिसम्बर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🔱 06 दिसम्बर 2022 दिन मंगलवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज अपरान्ह में पार्वण श्राद्ध करना चाहिए। आज काशी में पिशाच विमोचन यात्रा का नियम है। पिशाच योनि में पड़े पूर्वजों के लिए पिशाचत्व मुक्ति हेतु पार्वण श्राद्ध करना आवश्यक बताया गया है। आज कपरदीश्वर दर्शन का भी बहुत महत्व होता है। इस चतुर्दशी को उड़ीसा में पाषाण चतुर्दशी कहा जाता है। आप सभी सनातनियों को पार्वण श्राद्ध की हार्दिक मंगलकामनाएँ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – त्रयोदशी 06:50 AM बजे तक उपरान्त चतुर्दशी तिथि है।
✏️ तिथि के स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं। प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि मासिक शिवरात्रि कहलाती है।
🪐 नक्षत्र – भरणी 8.39 AM तक तत्पश्चात कृतिका
💫 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- भरणी नक्षत्र के देवता यमराज जी और नक्षत्र के स्वामी शुक्र जी है।
🔊 योग : शिव – 02:53 ए एम, दिसम्बर 07 तक सिद्ध
⚡ प्रथम करण : गर – 07:21 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : – दोपहर 12:00 से 01:30 तक है ।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल दिन – 3:00 से 4:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:45:52
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:15:16
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:11 ए एम से 06:06 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:38 ए एम से 07:00 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:33 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:56 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 08:39 ए एम से 07:01 ए एम, दिसम्बर 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:45 पी एम से 12:40 ए एम, दिसम्बर 07
❄️ रवि योग : 08:39 ए एम से 07:01 ए एम, दिसम्बर 07
💥 परिघ योग- आज का पूरा दिन पार कर के देर रात 2 बजकर 53 मिनट तक
☄️ अश्विनी नक्षत्र -आज सुबह 8 बजकर 38 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सिन्दूर का चोला अर्पण करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/रवियोग, नागरिक सुरक्षा दिवस, होमगार्ड स्थापना दिवस, भारतरत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस, मेजर होशियार सिंह, परमवीर चक्र सम्मानित स्मृति दिवस, गृह रक्षा दिवस, कृत्तिका दिपम् (द.भा.)
✍🏽 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🌷 Vastu tips 🌸
बेडरूम में रखे बेड का सिरहाना अगर आपके बेडरूम में रखे बेड का सिरहाना गलत दिशा में है, तो इससे आपके और आपके परिवार के ऊपर कई मुसीबतें आ सकती हैं। और घर में हमेशा कलह होगा। साथ ही आर्थिक हालात भी बदतर हो जाएगी। इसलिए हमेशा अपने बेड का सिरहाना दक्षिण दिशा की ओर करें।। कहते हैं इससे मन शांत रहता है। ऐसे में सोने के समय वास्तु शास्त्र के अनुसार सिरहाना दक्षिण में और पैर उत्तर की दिशा में होना चाहिए।
झाड़ू वास्तु के अनुसार अगर घर में झाड़ू को हमेशा सही दिशा में रखनी चाहिए। ऐसा नहीं करने से आपके घर में अशांति का माहौल चाहया रहेगा। साथ ही इससे आपकी सुख समृद्धि पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में वास्तु शास्त्र की मानें तो झाड़ू को घर की दक्षिण दिशा की तरफ रखना चाहिए। इससे घर में खुशियां आती है और अशांति दूर होती है।
तस्वीर घर में हमेशा तनावपूर्ण माहौल, झगड़े और अशांति, और पैसों को लेकर किचकिच बनी रहती है, तो आपको अपने घर के वास्तु में कुछ बदलाव ज़रूर करना चाहिए। आप अपने घर के लिविंग रूम की दक्षिण दीवार पर फीनिक्स चिड़िया की तस्वीर लगाएं। ऐसा करने से घर में पॉज़िटिव वाइब्स आती है और घर वालों के बीच भी आपस में प्यार बढ़ता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं छोटी फैमली और सीमित दोस्त होने के कारण लोग अपनी बातों को दूसरों के साथ शेयर नहीं कर पाते, जिससे स्ट्रेस बढ़ता है। इसलिए सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं और अच्छे दोस्त बनाएं। इससे आपका अकेलापन दूर होगा और तनाव भी।
सीढ़िया चढ़ें जब भी आपको तनाव, गुस्सा या चिड़चिड़ापन महसूस हो तो आप गहरी सांस लें, सीढ़ियां चढ़ें और उतरें। अगर आपको सीढ़ियां चढ़ने में थकावट होती है तो टहलें। ऐसा करने से गुस्सा कंट्रोल होता है।
ब्रेक है जरूरी डेली रूटीन से ब्रेक लेकर अपने लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं। रोज-रोज वही काम करने के बाद लाइफ बोरिंग लगती है तो वीकेंड में दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बनाएं। या कुछ दिनों का ब्रेक लेकर घूमने जाएं या घर पर रिलेक्स करें। इससे आपको डेली रूटीन से ब्रेक मिलेगा और आपका स्ट्रेस भी कम होगा।
🫘 आरोग्य संजीवनी 🫒
पुरुषों की शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी सिंघाड़ा काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए कच्चे सिंघाड़े का भर्ता बनाकर देसी घी में मिला लें। उसके बाद इसे धीमी आंच पर पकाएं। ऐसा करने से पुरुषों की शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
सिंघाड़ा दिल की बीमारी के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।
सिंघाड़ा खाने से स्ट्रेस कम होता है।
सिंघाड़े को नियमित रूप से खाने से कैंसर का खतरा भी कम होता है। इसमें फेरुलिक एसिड नाम का एंटीऑक्सिडेंट होता है जो कैंसर की कोशिकाओं को कम करने में या स्लो करने में फायदेमंद है।
सिंघाड़ा वजन घटाने के लिए भी बहुत ही अच्छा होता है। इसके सेवन से देर तक पेट भरा रहता है। क्योंकि इसमें ज्यादा मात्रा में कैलरी और फाइबर होती है।
सिंघाड़ा खाने से हाई बीपी और स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी दूर होती है। ट्यूमर में भी सिंघाड़ा फायदेमंद है, यह ट्यूमर को बढ़ने से या बनने से रोकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीतियों को अपनाकर कोई भी इंसान अपनी पूरी जिंदगी को खुशी से और सुखपूर्वक व्यतीत कर सकता है अपनी नीतियों में स्त्री और पुरुषों के लिए कुछ खास सिद्धांत दिए हैं. उन्होंने वह दायरे बताएं हैं जिनमे स्त्री और पुरुष दोनों को रहना चाहिए. ऐसे में अगर हमारी इन नीतियों को अगर दरकिनार कर जीवन जीने की शुरुआत की जाए तो धीरे-धीरे आप पतन की ओर चले जाएंगे
पुरुषों को कुछ कामों को करने से बचने की सलाह दी है. उनके मुताबिक पुरुष अगर ऐसा कुछ करते हैं तो उनको उसका अंजाम भुगतना पड़ सकता है. आचार्य श्री गोपी राम के नीति शास्त्र के सिद्धांत अगर किसी ने अपनी जिंदगी में आत्मसात कर लिए तो वह बेहतर जिंदगी जी सकता है. हमने अपने नीति शास्त्र में धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, परिवार, रिश्ते, मर्यादा, समाज, संबंध, देश और दुनिया के साथ ही कई और चीजों को लेकर सिद्धांत दिए हैं.हमारे शास्त्र के सिद्धांत सबसे ज्यादा प्रासंगिक हैं. ऐसे में पति-पत्नी के संबंध और रिश्तों पर भी अपने सिद्धांत दिए हैं जिसे जानना बेहद जरूरी है
हमने पुरुषों को कुछ चीजों से बचने की सलाह दी है ताकि वह जीवन में उत्थान और प्रगति करें ना कि वह पतन की ओर चले जाएं. ऐसे में किन कामों को गलती से भी पुरुषों को नहीं करना चाहिए
ऐसी महिलाओं को नहीं देखें जो भोजन कर रही हों अगर शिष्टाचार के दायरे में रहकर अगर भोजन किया जाए तो वह हमेशा बेहतर होता है. वह बताते हैं कि भोजन करती महिला को पुरुषों को नहीं देखना चाहिए यही शिष्टाचार है. क्योंकि ऐसा करने से महिलाएं असहज हो जाती हैं और वह ठीक से खाना नहीं खाती हैं. जबकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को बीख ज्यादा लगती है. हालांकि आज का समाज बदला है और महिला और पुरुष साथ बैठकर खाने लगे हैं लेकिन फिर भी इन तमाम बातों का ध्यान रखना चाहिए
महिलाएं अगर कपड़े संभाल रही हों तो हम मानते हैं कि जब कोई स्त्री या लड़की अपने बदन के कपड़े ठीक कर रही हो तो पुरुषों को अपनी नजरें फेर लेनी चाहिए. इस आचार्य श्री गोपी राम ने अपने शास्त्र में अपराध माना है. इसके साथ ही हम कहते हैं कि छिंकते और जम्हाई लेते समय भी महिलाओं को पुरुषों को नहीं देखना चाहिए. यह पुरुषों की मर्यादा है और इसके खिलाफ आचरण आपको पतन की ओर ले जाएगा।
श्रृंगार करती महिलाएं कहते हैं कि काजल लगाती, श्रृंगार करती महिलाओं को पुरुषों को नहीं निहारना चाहिए. यह आचरण मर्यादा के खिलाफ है. वहीं अगर औरत किसी बच्चे को तेल मालिश कर रही हों तो उसको भी पुरुषों को देखते ही नजर फेर लेनी चाहिए. इसे देखना भी उचित नहीं माना गया है
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।

