फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से संविदा शिक्षिका बनी रितिका बर्खास्त

मुरैना की रहने वाली है युवती, अब एफआईआर की तैयारी
रायसेन। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का एक मामला रायसेन में भी सामने आया है। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के बल पर संविदा शिक्षिका की नौकरी हासिल करने वाली मुरैना की युवती रितिका भदौरिया को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
व्यापमं वर्ग 3 शिक्षक भर्ती परीक्षा में मुरैना जिले के सबसे ज्यादा दिव्यांग शिक्षक भर्ती हुए थे । दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर अकेले मुरैना से मप्र के अन्य जिलों की तुलना में 70 फीसदी दिव्यांग शिक्षक भर्ती हुए । यह आंकड़े बेहद चौकाने वाले थे। इसकी शिकायत होने के बाद जब प्रशासन ने जांच कराई तो प्रारंभिक जांच में रायसेन जिले में एक शिक्षिका का फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र हाथ लगा है, जिसका मुरैना जिला अस्पताल में कोई रिकॉर्ड तक नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी एमएल राठौरिया ने बताया कि उक्त दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर मुरैना निवासी युवती रितिका भदौरिया की नियुक्ति औबेदुल्लागंज ब्लाक के माध्यमिक स्कूल बरखेड़ा में हुई थी। डीपीआई से उक्त युवती के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उक्त युवती के खिलाफ डीपीआई ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया है।
प्रदेश के 80 शिक्षकों पर दर्ज होना है एफआईआर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्राथमिक जांच के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पा चुके 80 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर करने के आदेश दिए हैं, उनमें रायसेन जिले में नौकरी पाने वाली शिक्षिका रितिका भदौरिया का नाम भी शामिल है।



