बाबू को रिश्वत लेना पड़ा मंहगा, न्यायालय ने सुनाई 4 वर्ष की सजा

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, डॉ. आरती शुक्ला पाण्डेय दमोह की अदालत ने आरोपी गोपालसिंह पिता सुंदर सिंह राजपूत उम्र 65 वर्ष, तत्कालीन सहा. ग्रेड 3 तहसील कार्यालय पटेरा जिला दमोह म.प्र. निवासी ग्राम पटेरा थाना पटेरा जिला दमोह को दोषसिद्ध पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 13(1)(डी) सहपाठित 13(2) मे 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 2000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अनंत सिंह ठाकुर द्वारा प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी कैलाश चंद पटेल के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें तरूण कुमार सोनी (एजी-3) द्वारा द्वारा समय-समय पर सहयोग किया गया। घटना का विवरण यह है कि दिनांक 24 सितंबर 17 को आवेदक प्रेमा पिता बखतसिंह लोधी निवासी ग्राम धनगुवां थाना कुम्हारी तहसील पटेरा जिला दमोह ने एक शिकायत पत्र रिश्वत मांग संबंधी आवेदन पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष प्रस्तुत किया था कि उसकी कालीकोट, तहसील पटेरा स्थित जमीन का भाई बंटवारा कराने के एवज में अनावेदक गोपालसिंह पिता सुंदर सिंह सहा.ग्रेड तहसीली कार्यालय पटेरा जिला दमोह के द्वारा 2700 रूपये की मांग की जा रही है, वह गोपाल बाबू को रिश्वत नहीं देना चाहता हूँ। उक्त तस्दीकोपरांत लोकयुक्त द्वारा ट्रैप की कार्यवाही की गई, ट्रेप के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत राशि ग्रहण की गई, ट्रैप दल द्वारा आरोपी की अंगुलियों को सोडियम कार्बोनेट के घोल में घुलाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया। समस्त कार्यवाही एवं विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामला न्यायालय में आने के बाद दस्तावेजी साक्ष्य एवं मौखिक साक्ष्य व अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्को से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 26 दिसंबर 2023 को पारित निर्णय में आरोपी गोपालसिंह को दण्डित किया गया।



