मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 44 जोड़ों ने लिए सात फेरे, दो मुस्लिम ने निकाह कुबूल किया

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया

उमरियापान । मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देशय है कि गरीब परिवार की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना । ऐसे कई गरीब परिवार होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने बेटी की शादी करवाने के लिए असमर्थ होते हैं उन्हीं की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना को लागू किया गया है । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत शादी कराने के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक और लड़के की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए । योजना के माध्यम से कई लड़कियां जिसकी शादी नहीं हुई व जिसकी तलाक हो चुकी है या फिर कोई विधवा है और उनकी शादी नहीं हो पा रही है । उनकी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में बुधवार को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया । जिसमें पूर्ण विधि विधान से वैदिक मंत्रोचार के बीच 44 जोड़ें परिणयबध्द हुए। जबकि दो मुस्लिम जोड़ों में निकाह कुबूल किया । सभी जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के मुताबिक 49 हजार रुपए का चेक एवं खाता के माध्यम से वर वधु को यह राशि प्रदान की जाएगी । सामूहिक विवाह सम्मेलन में अपर कलेक्टर, नायब तहसीलदार संदीप सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद पांडे, केपी परोहा, सहायक यंत्री इकबाल खान, जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे, उपाध्यक्ष दुर्गा पटेल, सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, जनपद सदस्य शैलेंद्र पौराणिक, सरपंच अटल ब्यौहार, मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रताप सिंह, राजेश चौरसिया, समाजसेवी संतोष दुबे, पारस पटेल, प्रदीप चौरसिया, जयपाल सिंह, सचिव सतीश गौतम, शैलेंद्र परोहा, आदित्य दुबे, अतुल चौरसिया, मुरारी पटेल, सुरेंद्र पटेल, उदय यादव, प्रकाश सेन, सरपंच शिवचरण पटेल, उपसरपंच विवेक ( रिंकू ) मिश्रा, जागेश्वर सोनी, संजय दाहिया सहित ग्रामीण जन मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन के साक्षी रहे । इस दौरान वर एवं वधू पक्ष के रिश्तेदार भी मौजूद रहे ।

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