Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 13 दिसम्बर 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 13 दिसम्बर 2024
13 दिसम्बर 2024 दिन शुक्रवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज प्रदोष का परम पावन व्रत है। आज ही के दिन बंगाल में रात्रि में पाषण चतुर्दशी का व्रत भी किया जायेगा। दक्षिण भारत में आज ही कृत्तिका नक्षत्र के होने से कृत्तिका दीपं का विख्यात पर्व भी मनाया जायेगा। आज रवियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “कृत्तिका दीपं, पाषण चतुर्दशी एवं प्रदोष के परम पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 07:40 PM तक उपरांत चतुर्दशी
🖍️ तिथि स्वामी – त्रयोदशी तिथि के देवता हैं त्रयोदशी और शिव। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र भरणी 07:50 AM तक उपरांत कृत्तिका 05:47 AM तक उपरांत रोहिणी
🪐 नक्षत्र स्वामी :– भरणी नक्षत्र के देवता यमराज जी और नक्षत्र के स्वामी शुक्र जी है।
⚜️ योग – शिव योग 11:54 AM तक, उसके बाद सिद्ध योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 09:03 ए एम तक तैतिल – 07:40 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 06:18 ए एम, दिसम्बर 14 तक वणिज
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय -प्रातः 07:05 .00
🌅 सूर्यास्त – सायं : 17:26 .00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:16 ए एम से 06:11 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:43 ए एम से 07:05 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:36 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:59 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:23 पी एम से 05:51 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:48 पी एम
💧 अमृत काल : 03:36 ए एम, दिसम्बर 14 से 05:04 ए एम, दिसम्बर 14
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:48 पी एम से 12:43 ए एम, दिसम्बर 14
❄️ रवि योग : 07:50 ए एम से 05:48 ए एम, दिसम्बर 14
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻♀️ आज का उपाय-शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ प्रदोष व्रत/ पारसी अमदार्द मासारंभ/ कृतिका दिपम् (द.भा.)/ विश्व वायलिन दिवस, भारतीय अभिनेत्री स्मिता पाटिल स्मृति दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी श्रीधर पुरुषोत्तम उर्फ शिरूभाऊ लिमये शहीद दिवस, अर्थशास्त्री लक्ष्मी चंद्र जैन जन्म दिवस, न्यायाधीश कमल नारायण सिंह जन्म दिवस, महाराज छत्रसाल परमधाम दिवस, अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर), हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🏜️ Vastu tips 🗽
भूमि दोष होने पर मिलते हैं ये संकेत
अगर दोष वाली भूमि पर आपका घर बना है तो परिवार के लोगो के साथ अप्रिय घटनाएं हो सकती हैं।
ऐसे घर में पालतू जानवर जैसे- कुत्ता, बिल्ली, गाय ज्यादा दिन तक जी नहीं पाते।
घर के लोगों के साथ दुर्घटनाएं होती रहती हैं, तो समझ जाइए इसका कारण भूमि दोष हो सकता है।
घर में अनजान आवाजों का सुनाई देना या विचित्र आकृतियां दिखने का भ्रम पैदा होना भी भूमि दोष का कारण है।
धन का संचित न हो पाना और बने-बनाए कार्यों का भी बिगड़ जाना।
करियर में मेहनत करने पर भी तरक्की न होना और घर के लोगों के बीच लड़ाई-झगड़े होने का कारण भी भूमि दोष हो सकता है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर कोई व्यक्ति घर पर अकेला है और उसे हार्ट अटैक का दौरा आता है, तो उसे निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
शांति बनाए रखें: पहले खुद को शांत करने की कोशिश करें। घबराने से स्थिति और खराब हो सकती है।
इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें: जल्द से जल्द अपने देश के इमरजेंसी नंबर (जैसे भारत में 112 या 108) पर कॉल करें। अगर आप मोबाइल पर हैं, तो कॉल करने के दौरान भी आप किसी भी तरह के संकेत देने की कोशिश करें जैसे कि अपने घर का पता बताएं।
नीचे बैठें या लेटें: किसी भी तरह से गिरने से बचने के लिए आराम से किसी कुर्सी पर बैठें या लेट जाएं। अगर संभव हो तो अपने शरीर को आरामदायक स्थिति में रखें।
अधिक ऑक्सीजन: यदि आप पा सकते हैं, तो खिड़की खोल दें या बाहर जाएं ताकि आपको अधिक ताजगी भरी हवा मिले।
असुविधा के लक्षणों को पहचानें: हार्ट अटैक के लक्षण जैसे सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चिंता, पसीना आना, मतली, या दिल की धड़कन का तेज़ होना आदि महसूस कर रहे हैं, तो यह और भी गंभीर हो सकता है।
सहायता की कोशिश करें: अगर आपके पास कोई पहचान पत्र या आपातकालीन संपर्क नंबर है, तो उसे निकाल कर रखें ताकि जब मेडिकल टीम आए तो उन्हें जानकारी मिल सके।
🩻 आरोग्य संजीवनी 🩸
रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ज्यादा ताकत लौकी में ही है तो आप लौकी के रस का सेवन करें, कितना सेवन करें ? रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो कब पिये ? सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते हैं या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते हैं इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते हैं इसमें 7 से 10 पत्ते तुलसी के डाल लो तुलसी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते मिला सकते हैं पुदीना भी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले ये भी बहुत क्षारीय है ।
लेकिन याद रखें नमक काला या सेंधा ही डाले वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है तो आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करें 2 से 3 महीने की अवधि में आपकी सारी heart की blockage को ठीक कर देगा 21 वें दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी घर में ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा और आपका अनमोल शरीर और लाखों रुपए आपरेशन के बच जाएँगे।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌹
एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका।
यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा, बिना एक क्षण गवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं लेकिन चूँकि तुमने मेरी प्यास बुझाई है इसलिए मैं तुम्हें अपनी किस्मत बदलने का एक मौका देता हूँ |
यह कहकर यमराज ने एक डायरी देकर उस आदमी से कहा कि तुम्हारे पास 5 मिनट का समय है | इसमें तुम जो भी लिखोगे वही हो जाएगा लेकिन ध्यान रहे केवल 5 मिनट |
उस व्यक्ति ने डायरी खोलकर देखा तो उसने देखा कि पहले पेज पर लिखा था कि उसके साथी की लॉटरी निकलने वाली है और वह करोड़पति बनने वाला है | उसने वहां लिख दिया कि उसके साथी की लॉटरी न निकले |
अगले पेज पर लिखा था कि उसका एक दोस्त चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाला है, तो उसने लिख दिया कि उसका दोस्त चुनाव हार जाए |
इस तरह, वह पेज पलटता रहा और, अंत में उसे अपना पेज दिखाई दिया | जैसे ही उसने कुछ लिखने के लिए अपना पेन उठाया यमराज ने उस व्यक्ति के हाथ से डायरी ले ली और कहा वत्स तुम्हारा पांच मिनट का समय पूरा हुआ , अब कुछ नहीं हो सकता |
तुमने अपना पूरा समय दूसरों का बुरा करने और बुराई खोजने में व्यतीत दिया और अपना जीवन खतरे में डाल दिया | अंतत: तुम्हारा अंत निश्चित है |
यह सुनकर वह व्यक्ति बहुत पछताया लेकिन सुनहरा मौका उसके हाथ से निकल चुका था |
यदि ईश्वर ने आपको कोई शक्ति प्रदान की है तो कभी किसी का बुरा न सोचे, और न ही बुरा करें | दूसरों का भला करने वाला सदा सुखी रहता है और, ईश्वर की कृपा सदा उस पर बनी रहती है
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।



