मध्य प्रदेश

अंतर्वेद (गनियारी) में पानी की भारी तबाही बूंद बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण

वार्ड नंबर 15 खाले मोहल्ला का 6 माह से खराब पड़ा हैंडपंप, बूंद बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंतर्वेद गनयारी के वार्ड क्रमांक 15 में रामबरन शिक्षक के दरवाजे के सामने पिछले 6 माह से हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारी, ठेकेदार व मेकेनिक को अनेकों बार अवगत कराया गया किन्तु पानी की किल्लत से परेशान ग्रामवासियों की इस समस्या का निदान नहीं किया गया है। मेंकैनिक हैंडपंप सुधारने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं जिससे स्थानीय रहवासियों को पानी नहीं मिल पा रहा है l पानी के लिए मोहल्ला वासीयों परेशान हो रहे हैं। ग्राम के रमेश कुमार पाण्डे, बब्बू जी पटेल, भोला दुबे, अशोक बागरी,इंदू पटेल, कुंजबिहारी पटेल, सुरेन्द्र सोनी, भोलू पटेल, कमलेश पटेल, बीरेंद्र पटेल, पुंजू बागरी, अरविंद पटेल, कोदू पटेल, श्याम पटेल, भजन पटेल, सुरेन्द्र पटेल, गोविंद पटेल, सुरजीत बागरी अन्य लोगों ने बताया कि इस संबंध में अनेको बार पीएचई विभाग व ठेकेदार को 6 महीने से जानकारी दी जा रही है l लेकिन बिगड़े हुए हेंडपंप को सुधारा नहीं गया। ग्राम वासियों की शिकायत पीएचई विभाग के अधिकारी नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस हैंडपंप से तकरीबन पांच सौ ग्रामवासी पीने के लिए पानी का उपयोग करते हैं l ग्रामवासी 181 के माध्यम से शिकायत एवं जानकारी विभाग को दिया किंतु अभी तक हैंडपंप का सुधार नहीं किया गया जबकि इसी हैंडपंप में पानी का स्रोत अच्छा है और यही हैंडपंप से मोहल्ला वासियों के लिए पानी का एकमात्र सहारा है। इस मोहल्ले के लोगों को पानी दूसरे मोहल्ले के हैंडपंप में जाकर लाना पड़ रहा है जिससे मोहल्ला वासियों का पूरा दिन पानी भरने में लग जाता है। आपको बता दें मेकेनिक राजकुमार मुरवारी निवासी से अनेकों बार सम्पर्क किया गयाl लेकिन मैकेनिक हैंडपंप सुधारने नहीं गया तकरीबन एक माह पूर्व हैंडपंप सुधारने आया और हैंडपंप में तीन पाइप गिराकर दोबारा देखने नहीं आया है जबकि ग्रामीणों को गुमराह करते हुए बोल देता है कि दूसरे दिन हैंडपंप सुधार दूंगा किंतु मेकेनिक लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी हैंडपंप सुधारने नहीं आया। आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने कहा कि यदि हैंडपंप का शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर आंदोलन करने में मजबूर होना पड़ेगा।

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