Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 14 अगस्त 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 14 अगस्त 2024
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – बुधवार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 10:24 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अनुराधा 12:12 PM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है। तथा राशि का स्वामी मंगल है।
⚜️ योग – इन्द्र योग 04:05 PM तक, उसके बाद वैधृति योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 10:23 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – तैतिल – 10:31 पी एम तक गर
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:31:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:29:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:23 ए एम से 05:07 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:45 ए एम से 05:50 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:37 पी एम से 03:30 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:01 पी एम से 07:23 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:01 पी एम से 08:06 पी एम
💧 अमृत काल : 03:50 ए एम, अगस्त 15 से 05:29 ए एम, अगस्त 15
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, अगस्त 15 से 12:47 ए एम, अगस्त 15
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:50 ए एम से 12:13 पी एम
💦 अमृत सिद्धि योग : 05:50 ए एम से 12:13 पी एम
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी बटुक को धर्मशास्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पतेती/ सर्वार्थ अमृतसिद्धि योग/मूल प्रारंभ/ भारत और पाकिस्तान का बंटवारा दिवस, वार्षिक राष्ट्रीय स्मृति दिवस, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, विश्व युवक दिवस, राष्ट्रीय क्रीम्सिकल दिवस, प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेता शम्मी कपूर स्मृति दिवस, भारत के निवेशक एवं शेयर व्यापारी राकेश झुनझुनवाला स्मृति दिवस, भारतीय सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी टी. वी. रामकृष्णन जयन्ती, भारतीय क्रिकेटर प्रवीण आमरे जन्म दिवस, अभिनेता जानीं लीवर जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu tips_ 🏚️
तस्वीर लगाने के लिए सही दिशा
पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर को सही दिशा में स्थापित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर आप पंचमुखी हनुमान जी की पूजा करते हैं तो घर के अंदर पूजा स्थल में इनकी तस्वीर को उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा में तस्वीर लगाने से वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का संचार होता है। पूजा स्थल के इतर अगर आप घर में वास्तु दोष निवारण के लिए आप पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर को लगाना चाहते हैं तो इसके लिए दक्षिण दिशा उत्तम मानी जाती है। तस्वीर में हनुमान जी बैठे हुए हों इस बात विशेष ख्याल रखें। माना जाता है कि दक्षिण दिशा से नकारात्मक शक्तियों का संचार होता है, ऐसे में अगर आप पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर इस दिशा में लगा देते हैं तो हर प्रकार की नकारात्मकता से आपको छुटकारा मिल जाता है। वहीं जिन लोगों के घर का मुख्य दरवाजा सही दिशा में नहीं है वो मुख्य दरवाजे पर पांच मुख वाले हनुमान जी की तस्वीर लगा सकते हैं, इससे घर का वास्तु ठीक होता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गर्म पानी से पाचन होता है बेहतर: गर्म पानी पीने से आपका पाचन बेहतर होता है और यह बॉडी के सूजन को कम करता है और शरीर को पोषक तत्वों को बेहतर ढंग से संसाधित करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, गर्म पानी आपके शरीर के तापमान को थोड़ा बढ़ा सकता है, जो आपके मेटाबॉलिज़म को बेहतर करता है जिससे कैलोरी बर्न करना आसान हो जाता है।
गर्म पानी से बॉडी होती है हाइड्रेटेड: हाइड्रेटेड रहने के लिए गर्म पानी भी फायदेमंद है। वजन घटाने के लिए आपकी बॉडी का हाइडट्रेड होना ज़रूरी है क्योंकि यह भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है और ज़्यादा खाने की संभावना को कम करता है। भोजन से पहले गर्म पानी पीने से पेट भरा हुआ महसूस करने में मदद मिलती है, जिससे अत्यधिक कैलोरी सेवन को रोका जा सकता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
इन परेशानियों में शहद है कारगर:
इम्यूनिटी करे बूस्ट: शहद का सेवन करने से कमजोर इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाते हैं। इम्यूनिटी कमजोर होने से लोग सर्दी खांसी से परेशान हो जाते हैं और मौसमी बीमारियों के बहुत जल्दी शिकार होते हैं।
खांसी में आराम: अगर आपको लगातार खांसी आ रही है तो आप शहद का इस्तेमाल करें। यह खांसी से आराम दिलाने में असरदार है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण कफ को पतला करते हैं जिससे कफ आसानी से बाहर निकल जाता है।
वजन होता है कम: अगर आप मोटापा से निजात पाना चाहते है, तो रोजाना सुबह गुनगुने पानी में एक चम्मच शदह डालकर पिएं। शहद में फैट बिल्कुल भी नहीं होता है। यह वजन को कम रखने के साथ साथ शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल करती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कल का शेष
थोड़ी दूर यात्रा करने के दौरान राजा यम को एक टापू दिखाई देता है। जिसके बाद राजा यम अपनी पत्नी अमली और अपने बच्चों सरवर और नीर को ले कर उस टापू में चले जाते है। जिसके बाद राजा यम अपनी पत्नी और बच्चों को उस टापू पर बैठा कर लकड़ी को काटने के लिए चले जाते हैं। जैसे ही राजा यम लकड़ी काटने के लिए जंगल में जाते हैं तो उस टापू में जहां पर राजा उनकी पत्नी अमली और उनके बच्चे सरवर और नीर थे, उनके पास एक महिला आती है।
उनसे कहती है कि मैं तुमको भोजन दूंगी, तुम लोग मेरे साथ चलो। जिसके बाद रानी अमली और उनके बच्चे सरवर और नीर उस महिला के साथ चले जाते हैं। जब राजा यम लकड़ी काटने के लिए जंगल में जाते हैं तो सामने से उनको एक शव यात्रा आती हुई नजर आती है।
वह शव यात्रा किसी और की नहीं बल्कि राजा धर्म सिंह की होती है। राजा धर्म सिंह बहुत प्रतापी राजा थे और बहुत ही बहादुर थे। राजा धर्म सिंह किसी भी शत्रु से डरते नहीं थे। राजा धर्म सिंह ने कई शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर रखी थी। जिसके कारण कोई भी शत्रु उनके राज्य पर आक्रमण करने से पहले सौ बार सोचता था। राजा धर्म सिंह के राज्य में प्रजा बहुत खुश थी।
राजा धर्म सिंह के राज्य में सभी लोग आपस में मिलजुल कर और बहुत ही प्रेम पूर्वक रहा करते थे। लेकिन राजा धर्म सिंह को एक ही बात का दुख था कि राजा धर्म सिंह की कोई संतान नहीं थी और वह अपने सैनिकों को ही अपनी संतान मानते थे। एक दिन राजा धर्म सिंह की अचानक से तबीयत बिगड़ जाने के कारण उनकी हालत बहुत खराब हो गई।
तभी राजा धर्म सिंह ने अपने सैनिकों को अपने पास बुलाया और कहा कि मेरे मरने के बाद तुम लोग जब मुझे अंतिम संस्कार के लिए ले जाओगे तब मेरी शव यात्रा के दौरान मुझे ले जाते समय जो भी पहला व्यक्ति सामने नजर आए, तुम उसको मेरा पूरा राज्य शौप देना और उसको यहां का राजा बना देना और तुम लोग मुझको यह वचन दो।
सैनिकों ने अपने राजा धर्म सिंह की बात स्वीकार ली और राजा धर्म सिंह को वचन दिया कि आपने जो कहा है वैसा ही होगा। जब राजा धर्म सिंह की बहुत ज्यादा तबीयत बिगड़ जाने के कारण एक दिन उनका निधन हो गया। जिसके बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल हो गया और सैनिकों ने राजा धर्म सिंह को अंतिम यात्रा पर ले जाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है और सैनिकों ने राजा धर्म सिंह द्वारा दिए हुए वचन को भी याद रखा।
जब सैनिक राजा धर्म सिंह के शव को अंतिम यात्रा के दौरान ले जा रहे थे तभी सामने से उनको सबसे पहले राजा यम दिखाई दिए। जिसके बाद सैनिकों ने अपने राजा धर्म सिंह को दिए हुए वचन का पालन करते हुए राजा यम को सारा राज्य सौंप दिया और उनको अपना राजा स्वीकार लिया। राजा यम यह देखकर बहुत आश्चर्यचकित हो गए और उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है।
तभी सैनिकों ने राजा यम को सारी बात बताई की राजा धर्मराज सिंह ने सैनिकों से क्या कहा था। जिसके बाद राजा यम ने सैनिकों की बात सुनकर राज्य को खुशी-खुशी स्वीकार लिया और राजा यम ने राजा धर्मराज सिंह का अंतिम संस्कार करने के बाद उनके राज्य को खुशी-खुशी संभालने लगे धीरे-धीरे दिन बीतते गए। एक दिन एक व्यक्ति राजा यम की पत्नी अमली और उनके बेटे सरवर और नीर को लेकर उस राज्य में आ जाता है।
जिसके बाद जब यह बात राजा यम पता लगती है कि उनके राज्य में एक दलाल एक महिला को लिए है और दो बच्चों को लेकर राज्य में आया है तो वह तुरंत उस व्यक्ति और उसके साथ आए हुई महिला और उसके बच्चों को देखने के लिए अपने दरबार में बुलाते हैं। जैसे ही राजा यम उस महिला और बच्चों को देखते हैं तो वह तुरंत उनको पहचान जाते हैं कि यह तो मेरी पत्नी और मेरे बच्चे हैं।
जिसके बाद राजा यम अपनी पत्नी अमली और अपने बच्चे सरवर और नीर को गले से लगा लेते हैं और फिर सभी लोग खुशी-खुशी राज्य में रहने लगते हैं। इस प्रकार राजा यम का खोया हुआ परिवार भी उनको मिल जाता है।
इति समाप्ति
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

