ज्योतिष

आज का पंचांग बुधवार, 02 नवम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 02 नवम्बर 2022

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🫒 आप सभी देशवासियों को आंवला नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – नवमी 21.09 PM तक तत्पश्चात दशमी
✏️ तिथि के स्वामी – नवमी तिथि की स्वामी माँ दुर्गा जी है नवमी तिथि की स्वामिनी माँ दुर्गा जी है ।
🔊 योग – गंड 10.27 AM तक तत्पश्चात वृद्धि
प्रथम करण : – बालव 10.05 AM तक
द्वितीय करण : – कौलव 21.09 PM तक तत्पश्चात तैतिल
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 6.34 AM
🌅 सूर्यास्त – सायं 17.35 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:50 ए एम से 05:42 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:16 ए एम से 06:34 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:24 पी एम से 05:48 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:35 पी एम से 06:53 पी एम
💧 अमृत काल : 03:49 पी एम से 05:21 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, नवम्बर 03
☄️ वृद्धि योग – सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक
💥 धनिष्ठा नक्षत्र – रात 1 बजकर 43 मिनट तक
🚕 यात्रा शकुन-हरे फल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सिखों के चौथे गुरु रामदास जयन्ती, आंवला नवमी, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रास दिवस, अक्षय नवमी व्रत, कूष्माण्ड नवमी, पंचक – दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से शुरू
✍🏽 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।।
🌷 Vastu tips 🌸
घर के लिए बुनियादी वास्तुशास्त्र के टिप्स
घर के निर्माण में वास्तु का महत्त्व वास्तु सकारात्मकता को बढ़ाते हुए नकारात्मकता को मिटा देता है, इसलिए जब भी आप अपने घर के निर्माण बारे में सोचते है, तो सबसे पहले आप ऐसे घर की कल्पना करते है जहां आपका परिवार सुरक्षित और खुशहाल रहे. साथ ही किसी भी तरह की नकारात्मक शक्तियों से बचा रहे, इसलिए वास्तु का महत्व अत्यधिक हो जाता है. अगर घर का निर्माण करते समय हम वास्तु का अनुपालन न करे तो हमारे साथ कई समस्यायें हो सकती है जिनमे से कुछ का वर्णन निम्न है
सामाजिक हानि : समाज में सम्मान का नुकसान, क़ानूनी मामलों की परेशानी या अन्य तरह की परेशानियाँ हमेशा बनी रहेंगी
मौद्रिक परेशानी : व्यापारिक हानि और दिवालियापन भी वास्तु दोष की वजह से हो सकता है
चिकित्सीय संकट : वास्तु दोष होने पर विभिन्न तरह की बीमारियों की समस्या के बचाव में परिवार के सदस्य घिरे रहते है, कई तरह की घातक बीमारियों के साथ ही असामयिक मृत्यु का दंश भी परिवार को झेलना पड़ सकता है
▶️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गाजर और चुकंदर का जूस गाजर एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। साथ ही इसमें विटामिन की भरपूर मात्रा भी पाई जाती है। चुकंदर खून में हीमोग्लोबिन लेवल को बनाए रखने में मदद करता है। चुकंदर और गाजर दोनों बेहद ही लाभकारी और गुणकारी हैं। गाजर और चुकंदर का एक गिलास जूस रोजाना पीने से शरीर में मौजूद मेलानिन की मात्रा कायम रहती है। बता दें मेलानिन वह तत्व है जिसकी मौजूदगी से शरीर में झुर्रियां नहीं पड़ती। उम्र के साथ शरीर में मेलानिन की संख्या कम होने लगती है। हर दिन एक गिलास गाजर और चुकंदर के मिश्रण से बने जूस का सेवन करने से बढ़ती उम्र के साथ दिखने वाली एंटी-एजिंग प्रॉब्लम से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।
खीरे का जूस खीरा एक प्रकार का प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है। खीरे के रेगुलर सेवन से शरीर का मॉइस्चराइजर बना रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हर दिन एक गिलास खीरे का जूस पीने से बढ़ती उम्र में होने वाली प्रॉब्लम से निजात मिलता है। खीरे में कैफिक और एस्कॉर्बिक एसि़ड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। खीरे में मौजूद ये तत्व शरीर के लिए बहुत उपयोगी होते हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🍯
औषधि
अर्जुन या कोह की छाल का चूर्ण 6 ग्राम, गाय के दूध के साथ लेने पर सभी प्रकार का ह्रदय रोग नष्ट हो जाता है।
हरर्र, बच, रास्ना, पीपर, सोंठ, कचूर, पोक्हर मूल, खिरेंटी, गंगेरन, गुलसकरी, कोह की छाल – इनका अलग अलग चूर्ण बनाकर- मिला लें। तीन ग्राम पानी के साथ प्रतिदिन प्रातः काल लें। इससे ह्रदय रोग शांत हो जाता है।
पीपर, सोंठ, अनारदाना, काला नमक, भुनी हींग को चूर्ण करके छान कजर मिला लें। इसे निम्बू के रस में 70 घंटे तक खरल करें। नींबू का रस डाल-डाल कर। इसकी जंगली बेर के समान गोलिया बनाकर छाया में सुखा दें।
प्रातः – सांय एक एक गोली गरम पानी के साथ लेने पर, घोर ह्रदय रोग भी शांत हो जाता है।
👉🏼 नोट वाल्व की गड़बड़ी या बनावट की गड़बड़ी इससे ठीक नहीं होगी, आराम मिल सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हमारे कहने के अनुसार, मनुष्य को जानवरों और पक्षियों के भी कुछ खास गुण सीख लेने चाहिए. अगर कोई ऐसा करता है तो तरक्की उसके कदम चूमेगी. अच्छी सीख और ज्ञान कहीं से भी मिले, उसको ले लेना चाहिए. जानवरों और पक्षियों के कुछ गुणों को अपनाकर हम कामयाबी पा सकते हैं. हमारे जीवन के तमाम पहलुओं से जुड़ी बातों का जिक्र किया है. आचार्य श्री गोपी राम की नीति में बताया है कि इंसान सांप, शेर, बाज और गधे के किन गुणों को सीख सकता है.
सांप- हमारे द्वारा बताया गया है कि कभी किसी के सामने अपनी कमजोरी को उजागर नहीं करना चाहिए. सांप के पैर नहीं होते हैं. इस वजह से वो रेंगकर चलता है और शिकार करता है. लेकिन पैर नहीं होने के बावजूद सांप कहीं से कमजोर नहीं दिखाई देता है. रेंगने को सांप ने अपनी मजबूती बना लिया. सांप की तेजी और जहर के डर से उसको देखते ही लोग कांपने लगते हैं.
शेर- हमारी नीति के मुताबिक, शेर से हम एकाग्रता का गुण सीख सकते हैं. कोई काम छोटा हो या बड़ा, शेर उसको बहुत एकाग्र भाव से करता है. वह कभी भी आलस नहीं करता है. हमें किसी भी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए. शेर का ये गुण सीखकर हम कामयाबी पा सकते हैं.
बाज- हमारे कहने के अनुसार, बाज से हमें लक्ष्य से नहीं चूकने का गुण सीखना चाहिए. बाज कभी भी अपने लक्ष्य से नहीं चूकता है. वह कभी भी जल्दबाजी में फैसला नहीं करता है. परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए. जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
गधा- आचार्य श्री गोपी राम की नीति में ये भी बताया है कि हमें गधे की तरह बिना किसी लक्ष्य के मेहनत नहीं करनी चाहिए. अपने लक्ष्य का निर्धारण जरूर करें. इससे आपकी प्रतिभा में निखार आएगा. वरना जिंदगीभर दूसरों की गुलामी करनी पड़ेगी
●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●
⚜️ नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा जी हैं ऎसे में जातक को दुर्गा जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए।
जीवन में यदि कोई संकट है अथवा किसी प्रकार की अड़चनें आने से काम नही हो पा रहा है तो जातक को चाहिए की दुर्गा सप्तशती के पाठ को करे और मां दुर्गा जी को लाल पुष्प अर्पित करके अपने जीवन में आने वाले संकटों को दूर करने की प्रार्थना करे।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
शुक्ल पक्ष की नवमी में भगवान शिव का पूजन करना वर्जित है लेकिन कृष्ण पक्ष की नवमी में शिव का पूजन करना उत्तम माना गया है
हिंदू पंचाग की नौवीं तिथि नवमी कहलाती है। इस तिथि का नाम उग्रा भी है क्योंकि इस तिथि में शुभ कार्य करना वर्जित होता है।

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