आज का पंचांग रविवार, 27 नवम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 27 नवम्बर 2022
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🚩 27 नवम्बर 2022 दिन रविवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि चतुर्थी तिथि है। आज रविवति वैनायकी चतुर्थी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत है। आप सभी सनातनियों को रविवति वैनायकी चतुर्थी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- तृतीया तिथि 19:29:05 तक तदोपरान्त चतुर्थी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- तृतीया तिथि के स्वामी पार्वती शिव जी हैं तथा चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं।
💫 नक्षत्रः- मूल 14:58:00 तक तदोपरान्त पूर्वा आषाढ़ा नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- मूल के स्वामी केतु जी हैं तथा पूर्वा आषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी शुक्र जी हैं।
📢 योगः- शूल25:12:40 योग तदोपरान्त गंड योग।
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 04:25 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 02:58 ए एम, नवम्बर 28 तक बालव
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जायें।
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 06:52: 00 A.M से 08:11:00 A.M तक
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 09:30:00 A.Mसे 10:49:00 A.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:42:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:18:56
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:05 ए एम से 05:59 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:32 ए एम से 06:53 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:48 ए एम से 12:30 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 08:18 ए एम से 09:45 ए एम 04:39 ए एम, नवम्बर 28 से 06:07 ए एम, नवम्बर 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:36 ए एम, नवम्बर 28
❄️ रवि योग : 06:53 ए एम से 12:38 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 12:38 पी एम से 06:54 ए एम, नवम्बर 28
💥 यायीजय योग – आज शाम 4 बजकर 25 मिनट तक
☄️ पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र – आज दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-गणेश मन्दिर में बूंदी के लड्डू भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/अमृतयोग/ श्री विनायिकी चतुर्थी, राष्ट्रीय कैडेट कोर दिवस (नवम्बर माह का चौथा रविवार), गणेश वासुदेव मावलंकर जयन्ती, समाज सुधारक लक्ष्मीबाई केलकर स्मृति दिवस, विश्वनाथ प्रताप सिंह, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्मृति दिवस
✍🏽 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी गयी है।
श्लोक : १.१.९(1.1.9) सूक्त
स नः॑ पि॒तेव॑ सू॒नवेऽग्ने॑ सूपाय॒नो भ॑व । सच॑स्वा नः स्व॒स्तये॑ ॥
हे अग्नि! जिस प्रकार पुत्र पिता को सरलता से पा लेता है, उसी प्रकार हम भी तुम्हें सहज ही प्राप्त कर सकें. तुम हमारा कल्याण करने के लिए हमारे समीप निवास करो.
🏠 Vastu tips 🏚️
घर के उत्तर दिशा को बनाएं दोष मुक्त वास्तु शास्त्र के अनुसार, धन के देवता कुबेर का स्थान उत्तर दिशा में होता है। यदि घर की उत्तर दिशा में दोष है तो ऐसे में मनुष्य की बुद्धि ठीक से काम नहीं करती और वह समय पर फैसले लेने में असहज महसूस करता है। ऐसी स्थिति में मनुष्य की आर्थिक उन्नति में भी बाधाएं आती हैं। इसलिए उत्तर दिशा को दोष मुक्त रखना चाहिए, ताकि व्यापार में उन्नति हो सके। वास्तु के मुताबिक उत्तर दिशा की दीवार पर हरे रंग के तोते की तस्वीर अवश्य लगाए। हरा रंग बुध का रंग होता है।
श्वेतार्क गणपति की करें स्थापना इसके अलावा व्यापार स्थल पर किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो वहां श्वेतार्क गणपति और एकाक्षी श्री फल की स्थापना करें और फिर नियम से धूप, दीप आदि से पूजा करें और सप्ताह में एक बार मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद अधिक से अधिक लोगों में बांटे।
अपने व्यापार के अनुसार बेडरूम में लगाए ये चित्र वास्तु शास्त्र के मुताबिक, यदि आप खाद्य पदार्थ से जुड़े व्यापार करते हैं तो अपने बेडरूम में गाय की मूर्ति रखें। यदि आप इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से जुड़ा व्यापार करते हैं तो व्यापार वृद्धि के लिए अपने कमरे में क्रिस्टल लगाएं। जो व्यक्ति दवाईयों से जुड़ा काम करते हैं वह अपने कमरे में सूर्य नारायण की तस्वीर लगाएं।
ऑफिस में रखें कछुआ वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस में धातु से बना कछुआ रखना भी फायदेमंद रहता है। कछुआ ऑफिस में रखने से व्यापार में धन लाभ होने के साथ सफलताएं भी मिलने लगती हैं। साथ ही रुके हुए काम भी जल्दी पूरे होने लगते हैं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सफेद सिरका खाने के अलावा साफ-सफाई के काम में भी प्रयोग किया जाता है। अपना गैस चूल्हा चमकाने के लिए थोड़े से पानी में सफेद सिरका मिलाएं और फिर इस लिक्विड को गैस चूल्हे पर स्प्रे की मदद से अप्लाई करें। इसके बाद इसे कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। बाद में इसे स्पंज की मदद से साफ करें। आपका गैस चूल्हा बिल्कुल नया जैसा दिखने लगेगा।
बेकिंग सोडा खाना पकाने के बाद गैस चूल्हे पर बेकिंग सोडा का छिड़काव करें। इसके बाद इसे कुछ समय के लिए ऐसे ही छोड़ दें। कुछ समय बाद इसकी पानी से धुलाई करें। आप देखेंगे कि गैस चूल्हे पर जमे तेल और चिकनाई के जिद्दी दाग मिट रहे हैं। गैस पर काले धब्बे पड़ने के बाद ऐसा लगातार करते रहें।
गर्म पानी गैस पर जमी चिकनाई और काले धब्बों को साफ करने की यह तकनीक बहुत पुरानी और कारगर है। इसके लिए किसी बर्तन में पानी को गर्म करें। फिर इसमें गैस चूल्हा या बर्नर डुबोकर रख दें। इसे तब तक डूबा रहने दें जब तक पानी का तापमान आपके रूप टेंपरेचर के समान न हो जाए। इसके बाद इसे पानी से निकालें और अच्छी तरह मांझें। गैस चूल्हे पर जमे जिद्दी दाग गायब हो जाएंगे।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
प्रेग्नेंसी में महिलाएं अपनी सेहत का जितना ज्यादा ख्याल रखेंगी, बच्चा उतना ही सेहतमंद पैदा होगा। डॉक्टर्स कहते हैं कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं के खान-पान का असर सीधा उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण पर पड़ता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। उनकी डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम, फैट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा होना बहुत जरूरी है। हालांकि कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान खाने से बचना चाहिए।
पपीता – हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी में भूलकर भी पपीता नहीं खाना चाहिए। दरअसल पपीता खाने से गर्भपात (मिसकैरेज) होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कई बार समय पर पीरियड्स न होने पर डॉक्टर पपीता खाने की भी सलाह देते हैं।
चीज – गर्भवती महिलाओं को पैटी, बर्गर, पिज्जा या सैंडविच में लगी चीज़ का भी सेवन नहीं करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो चीज़ से लिस्टीरिया का खतरा होता है। लिस्टीरिया बैक्टीरिया का एक ऐसा समूह है जो गर्भवती महिलाओं और भ्रूण में घातक इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
सीफूड – प्रेग्नेंट महिलाओं को सीफूड से भी परहेज करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को शार्क, स्वॉर्डफिश, मार्लिन, ऑक्टोपस, ऑयस्टर्स और लॉबस्टर्स जैसे सीफूड नहीं खाने चाहिए।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
आचार्य श्री गोपी ने पति-पत्नी के रिश्तों पर भी अपने सिद्धांत दिए हैं, जिसे जानना बेहद जरूरी है. कहा जाता है कि स्त्री हो या पुरुष किसी अन्य के लिए आकर्षण सामान्य-सी बात है. यह गलत नहीं है, लेकिन जब यह आकर्षण किसी की प्रशंसा से कहीं आगे बढ़ कर एक नये रिश्ते का निर्माण करने लगे, यानी पति एक पत्नी के होते किसी अन्य औरत से रिश्ते बनाने लगे तो यह अनैतिक हो जाता है. यहां कुछ ऐसे ही रिश्तों की बात करते हैं.
मोह भंग होना! यह मानवीय कमजोरी है कि हर पति-पत्नी एक दूसरे से स्वयं को सबसे आकर्षक व्यक्ति कहलवाने की उम्मीद रखते हैं. अगर पति-पत्नी किसी वजह से एक दूसरे का ध्यान नहीं रखते हैं, वे एक दूसरे के साथ पर्याप्त टाइम स्पेंड नहीं करते हैं, अथवा पार्टनर एक दूसरे का केयर नहीं करते हैं, सारे गुण अवगुण लगने लगे तो समझ लेना चाहिए, तो दोनों के बीच रिश्तों में खटास आने लगती है, जिसका असर यह होता है कि पति पत्नी से विमुख होकर किसी और स्त्री की ओर आकर्षित होने लगता है.
घर में नये शिशु का पदार्पण! आम पति-पत्नी जिस दिन माता-पिता बनते हैं, उनके जीने के नजरिये में आमूल परिवर्तन आने लगता है. दोनों की सोच एवं जीवन शैली बदलती है. पत्नी पति के साथ शारीरिक संबंध कमतर होने लगता है, क्योंकि पत्नी का ज्यादा वक्त अपने नवजात शिशु के साथ गुजरता है. यही वह समय होता है, जब पति दूसरी औरत की ओर आकर्षित होता है.
आपसी संबंधों में मधुरता की कमी!कभी-कभी विपरीत सोच के कारण पति-पत्नी के बीच दैहिक संबंधों में पूर्ण संतुष्टि नहीं मिलती. इससे दोनों के बीच आकर्षण क्रमशः कम होने लगता है, और पति अथवा पत्नी कोई भी एक्स्ट्रा- मैरिटल अफेयर में रुझान रखना शुरू कर देते हैं. यहां दैहिक संबंध का मतलब केवल सेक्सुअल संबंध ही नहीं, बल्कि एक दूसरे को मन और व्यवहार से भी बांधने में असफल रहते हैं
कम उम्र में विवाह! कभी-कभी कम उम्र में शादी करना भी आगे चलकर दाम्पत्य जीवन में समस्याएं पैदा करता है, क्योंकि पहली बात तो आप समझदारी के लेबल से काफी निचले स्तर पर होते हैं, इसके साथ ही आप अपने करियर को लेकर भी अस्त-व्यस्त रहते हैं, ऐसे में करियर जब थोड़ा बैलेंस लगने लगता है तो लोगों को लगता है कि बीते दिनों में आपने ऐसी कई चीजें छोड़ दी हैं, जिन्हें हासिल करना था, तब लोग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में रुचि लेने लगते हैं.
रिलेशनशिप में भरोसे का अभाव अकसर देखने में आता है कि पति अपने एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर को अपनी उपलब्धि मानता है. ऐसे में पति-पत्नी का एक दूसरे के प्रति समर्पण और सेक्स लाइफ का कामयाब होना बहुत मायने रखता है, वरना दाम्पत्य जीवन में जल्द ही गांठ पड़ने लगेगी. कभी-कभी तो अपने साथी के साथ संबंधों से संतुष्ट होने के बाद भी दूसरे संबंध बनाने के लिए पति आतुर रहते हैं. यह स्थिति आपके जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है।
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।


