ज्योतिष

आज का पंचाग  गुरुवार  13 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

✦•••  *_जय श्री हरि_*  •••✦
🧾 *_आज का पंचाग_* 🧾
गुरुवार  13 अक्टूबर 2022

*_मंगल श्री विष्णु मंत्र :-_*
*_मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।_*
*_मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥_*
🤴🏻 *_करवा चौथ के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।।_*
☄️ *_दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।_*
*_गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।_*
*_गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।_*
🔮 *_शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022_*
🌐 *_संवत्सर नाम-राक्षस_*
✡️ *_शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)_*
☸️ *_काली सम्वत 5123_*
☣️ *_सायन – दक्षिणायन_*
🌦️ *_ऋतु – सौर शरद ऋतु_*
🌤️ *_मास – कार्तिक माह_*
🌔 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📆 *_तिथि : चतुर्थी – 03:08 ए एम, अक्टूबर 14 तक पञ्चमी_*
✏️ *_तिथि का स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणपति जी है।_*
💫 *_नक्षत्र – कृतिका 18.41 PM तक तत्पश्चात रोहिणी_*
🪐 *_नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी –   कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव और स्वामी सूर्य देव जी है।_*
🔊 *_योग :- सिद्धि 13.55 PM तक तत्पश्चात व्यतिपात_*
👉🏼 *_योग के स्वामी, स्वभाव :- सिद्धि योग के स्वामी भगवान गणेश जी एवं स्वभाव श्रेष्ठ है, व्यतिपात योग के स्वामी रूद्र देव जी एवं स्वभाव अशुभ माना जाता है।_*
⚡ *_प्रथम करण :- बव 14.29 PM तक_*
👉🏼 *_करण के स्वामी, स्वभाव :- बव करण के स्वामी इंद्र देव और स्वभाव सौम्य है।_*
✨ *_द्वितीय करण :- बालव – 03:08 ए एम, अक्टूबर 14 तक कौलव_*
👉🏼 *_करण के स्वामी, स्वभाव :- बालव करण के स्वामी ब्रह्म जी और स्वभाव सौम्य है।_*
⚜️ *_दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।_*
🌞 *_सूर्योदय – प्रातः 06:20_*
🌅 *_सूर्यास्त – सायं 17:54_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : 04:41 ए एम से 05:31 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : 05:06 ए एम से 06:20 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : 11:44 ए एम से 12:30 पी एम_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : 02:03 पी एम से 02:49 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : 05:42 पी एम से 06:06 पी एम_*
🏙️ *_सायाह्न सन्ध्या : 05:54 पी एम से 07:09 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : 04:08 पी एम से 05:50 पी एम_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : 11:43 पी एम से 12:32 ए एम, अक्टूबर 14_*
🕉️ *_सिद्धि योग –  आज दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक_*
☄️ *_कृत्तिका नक्षत्र – आज शाम 6 बजकर 41 मिनट तक_*
🚓 *_यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।_*
🤷🏻‍♀️ *_आज का उपाय-गणेश मंदिर में बेसन के लड्डू चढाएं।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – करवा चतुर्थी व्रत/गणेश चतुर्थी व्रत (चंद्रोदय रात्रि 8:32 मि.), विश्व दृष्टि दिवस, विश्व डाक दिवस, राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस_*
✍🏽 *_विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।_*

♻️ *_जीवनोपयोगी कुंजियां_* ⚜️
🌞 *_सूर्योदय से पहले खाते हैं सरगी सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसे बहू करवाचौथ के दिन सूर्योदय से पहले खाती है। करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले सुबह 4-5 बजे तक सरगी का काम पूरा कर लेना चाहिए। सुबह खाई जाने वाली सरगी में आप कुछ ऐसी चीजों को शामिल करें जिससे दिनभर एनर्जी बनी रहे और प्यास कम लगे। चलिए आपको बताते हैं सरगी में कौन सी चीजें खानी चाहिए और व्रत से एक दिन पहले खाने में क्या खाएं ताकि करवा चौथ वाले दिन भूख प्यास न लगे।_*
🍎 *_फल खाएं सरगी में आपको फल खाना चाहिए। इससे शरीर को विटमिन और फाइबर मिलता है। जिससे पेट भरा रहता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होती। फल खाने के काफी देर तक प्यास नहीं लगती। फलों को पचाना आसान होता है।_*
🥒 *_खीरा खाएं सुबह उठकर अगर आपको कुछ ज़्यादा खाने का मन नहीं है तो आप एक खीरा खा सकते हैं। खीरा खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। खीरा खाने से काफी देर तक भूख नहीं लगती है। इसे पचाना भी आसान होता है।_*
🍛 *_दही सलाद खाएं व्रत से एक दिन भोर में दही और सलाद खा सकते हैं। रात का खाना समय से खा लें और एक दिन पहले भरपूर लिक्विड डाइट लें। आप दिनभर में खूब पानी, छाछ, फलों का जूस और सलाद खाएं।_*
🥥 *_नारियल पानी पिएं सरगी में जो चीज़ खाएं उसके बाद 1 नारियल पानी पी लें। इससे शरीर दिनभर हाइड्रेट रहेगा। नारियल पानी पीने से भरपूर मात्रा में मिनरल्स मिलेंगे और पानी की कमी नहीं होगी। नारियल पानी पीने से आपको दिनभर ऊर्जा और ताजगी मिलती रहेगी।_*
   📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
         *_आज करवा चौथ का पर्व है । हिन्दू धर्म विशेषकर उत्तर भारत में करवा चौथ का महत्व बहुत अधिक है ।_*
         *_कार्तिक माह की कृष्ण चन्द्रोदय चतुर्थी के दिन पत्नियाँ अपने अखंड सौभाग्य की कामना और अपने पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का निर्जल व्रत रखती हैं।_*
         *_यह व्रत पति पत्नी दोनों के लिए ही एक-दूसरे के प्रति नव प्रणय निवेदन, हर्ष, प्रसन्नता, अपार प्रेम एवं त्याग को लेकर आता है।_*
         *_करवा चौथ के ब्रत में सौभाग्यवती स्त्रियां भगवान शिव-पार्वती, गणेश और चन्द्रमा का पूजन करती है, और सांयकाल करवा चौथ की कथा कहती – सुनती है।_*
          *_इस दिन पत्नियाँ सुबह से निर्जल ब्रत रखती है जो रात्रि में चन्द्रमा निकलने के बाद उसे अर्घ्य देकर चलनी के अंदर से अपने पति का चेहरा देखकर अपने पति के हाथो से पानी पीकर ही पूर्ण माना जाता है।_*
        *_इस दिन उगते हुए चन्द्रमा को जिसमे लालिमा रहती है जल देना ही श्रेयकर होता है ।_*
          *_व्रत वाले दिन स्त्रियाँ प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहन कर श्रंगार करके भगवान शिव-पार्वती के आगे माथा टेककर अपने लिए सौभाग्यवती बने रहने का आशीर्वाद मांगती है क्योंकि माता पार्वती ने कठिन तपस्या करके शिवजी भगवान को प्राप्त कर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया था ।_*
          *_उसके बाद अपनी सास द्वारा दी गयी सरगी के रूप में खाने की वस्तुओं जैसे फल, मिठाई आदि को व्रती महिलाएं प्रातः काल में तारों की छांव में ही ग्रहण कर लेती हैं। तत्पश्चात व्रत आरंभ होता है, जो रात्रि में चंद्रदेव के चलनी से दर्शन करके, उनकी पूजा आरती करके पूर्ण होता है ।_*
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⚜️ आज संकष्टी चतुर्थी है । अमावस्या के बाद आने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी तो पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।
इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना, संकष्टी चतुर्थी का व्रत जीवन के संकटो को दूर करके सभी प्रकार के मनोरथ पूर्ण करता है।
*_आज गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके, लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाकर “ॐ गण गणपतये नम:” मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।_*
चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से किसी भी कार्य में विघ्न नहीं आते है, कार्यो में श्रेष्ठ सफलता मिलती है ।
चतुर्थी को गणेश जी के परिवार के सदस्यों के नामो का स्मरण, उच्चारण करने से भाग्य चमकता है, शुभ समय आता है।

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