मध्य प्रदेश

वनविभाग में पदस्थ रेंजर पर फूटा आम जनता का गुस्सा, पीड़ित युवक ने पैट्रोल डालकर की आत्महत्या की कोशिश

तहसीलदार व एसडीओ ने बचाया
रेंजर तिलकसिंह रायपुरिया की प्रताड़ना से एक परिवार आत्महत्या करने पर किया मजबूर

रिपोर्टर : विनोद साहू

बाड़ी । वन विभाग मुख्यालय में जब से तिलकसिंह रायपुरिया नहीं रेंजर का प्रभार संभाला तभी से बह अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चाओं में रहने लगे ।
तीन महीनें से त्रस्त परिवार वन विभाग पहुँचा आत्महत्या के लिए।
तीन माह पूर्व रेंजर तिलक सिंह रायपुरिया के ड्राइवर दीपक ने मनीष विश्वकर्मा से पाँच हजार की अड़ी डाली जिस पर मनीष ने एक हजार रुपए फोनपे पर डाल दिए लेकिन जब पाँच हजार की माँग पूरी नहीं तो तीन दिन बाद मनीष कुशवाहा के घर छापा मारकर बना बनाया फर्नीचर के साथ ही विभाग से खरीदी लकड़ी भी जब्त कर लाये ..
ढाई लाख नहीं देने पर बनाया फर्जी प्रकरण।
क्षेत्र में लगभग दो दर्जन से अधिक फर्नीचर बनाने बाले कारीगर वन विभाग की अनुमति प्राप्त हैं । लेकिन रेंजर रायपुरिया ने धन कमाने के लिए इन्हें ही प्रताड़ित करना शुरु कर दिया । शुरु शुरु में इन लोगों को समझ में नहीं आया कि क्या हो रहा हैं और बह रेंजर रायपुरिया की माँग पूरी करते हैं ।
रेंजर पर शायद शिवराज सिंह का वरदहस्त हैं या सुपर सीएम का ।
इस रेंजर पर अपनी निजी कार वन विभाग में लगाकर शासन की आँखों में धूल झौंकी खबरों के बावजूद कुछ नहीं हुआँ, नतीजतन जंगल कटाई अवैध कब्जा कराने के साथ ही महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप लगते रहे और पीड़ित वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन निवेदन देकर घर बैठ गए , इससे रेंजर तिलकसिंह रायपुरिया का हौंसला बुलंदी पर पहुँच गया । मनीष विश्वकर्मा के परिवार तीन महीने से लगातार दुकान पुनः चालू कराने की लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन रेंजर नहीं पसीजा। आज जब युवक के परिजनों ने आत्मघाती कदम उठाया तो तहसीलदार संजय नागवंशी व वन विभाग के एसडीओ मयंक राज ने आननफानन में जनता को शांत करने के लिए तत्काल दुकान खोलने का आदेश लिखित में दिया , बहीं परिजनों की माँग पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा। गौरतलब हैं कि दर्जनों शिकायतें डीएफओ व सीसीएफ के पास पहुँचने के बावजूद आखिर यह रेंजर किस मिट्टी के बने हैं जो कार्यवाही नहीं की गई।
अब सबाल उठता हैं कि अगर रेंजर की कार्यवाही विधिसम्मत थी तो एसडीओ ने तत्काल दुकान खोलने के आदेश क्यों दिए तीन महीने से परिवार भटक रहा था तब क्यों नहीं जागे । अगर रेंजर गलत था तो एसडीओ व डीएफओ ने कार्यवाही क्यों नहीं ..अगर यह परिवार वन विभाग परिसर में आग लेता तो क्या होता ।
इस संबंध में विजय कुमार डीएफओ औबेदुल्लागंज. का कहना है कि हमारे पास जैसे ही वन विभाग बाड़ी से शिकायती पत्र आयेगा रेंजर तिलकसिंह रायपुरिया पर विभागीय कार्यवाही की जायेगी।

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