एसडीओ, इंजीनियर, रोजगार सहायक सहित सहयोगियो पर होगी एफआईआर
खबर पर प्रशासन की मुहर 8 तालाबों की 28 लाख रु. की राशि निकालने का मामला
मनरेगा में बिना कार्य के राशि आहरण का मामला।
मनरेगा अधिकारी ने माना- चिचोली गांव में नहीं बने खेत तालाब
सिलवानी। जनपद पंचायत सिलवानी की ग्राम पंचायत चिचोली के ग्राम कुंवर पिपरिया में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में बिना तालाब बनाए ही 28 लाख रुपए की राशि के आहरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जब मीडिया ने मामले का खुलासा किया तो अफसरों जांच शुरू की। जांच चल ही रही थी कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंदसिंह ने ध्यानाकर्षण में मामला उठा दिया। बस फिर क्या था ताबड़तोड़ कलेक्टर ने मनरेगा अधिकारी को मौके पर भेजा। जहां अधिकारी को तालाब नहीं मिले और जो मिले वह भी आधे अधूरे थे। जांच में मामला सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
गांव में जांच करके लौटे महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के परियोजना अधिकारी अखिलेश द्विवेदी ने बताया गांव में जो तालाब स्वीकृत हुए है, वह मौके पर नहीं मिले। जो दो तालाब मिले है, वह भी आधे अधूरे • होने के साथ ही हाल में बने प्रतीत हो रहे है। ऐसे साबित होता है कि खेत तालाब बनाने में लापरवाही बरती गई है । इस बात से कलेक्टर को अवगत करा दिया गया है। मनरेगा अधिकारी 23 दिसंबर 2022 को जांच करने के लिए चिचोली गांव पहुंचे थे। इससे पहले कलेक्टर के निर्देश पर सिलवानी के नायब तहसीलदार अनीश धाकड़ ने भी जांच की थी और एसडीएम के माध्यम से अपना जांच प्रतिवेदन जिला प्रशासन के पास भेजा गया था।
हितग्रहियो के खेतो में तालाब ही नही बने
ग्राम पंचायत चिचोली में खेत तालाब योजना के तहत 8 तालाब मंजूर हुए थे, उसमें तीन तालाब तो पंच कविता रघुवंशी/ संतोष रघुवंशी के परिवार के तीन सदस्यों के नाम पर पाए गए है, जिनमें ताराबाई/हरिराम, राजा / संतोष, कविता/ संतोष का नाम शामिल है। इतना ही नहीं गांव के कमलेश, रविंद्र रघुवंशी और गोविंद सिंह अन्य लोगों के नाम पर यह तालाब स्वीकृत हुए थे। इनमें से तीन लोगों के खेत में तालाब बने नहीं मिले जबकि उनके नाम से लाखों रुपए की राशि आहरण करना पाया गया।
रोजगार सहायक के साथ से अफसरों की मिलीभगत
ग्राम पंचायत चिचोली के ग्राम कुंवर पिपरिया में न केवल कागजी रूप से तालाब बनाए गए है, बल्कि फर्जी मस्टर भरकर मजदूरों के नाम पर यह राशि भी निकाल कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। इस फर्जीवाड़े में रोजगार सहायक ओमप्रकाश गौर, उपयंत्री कमलेंद्र धाकड़, मनरेगा एसडीओ सुशील गोयल के साथ ही ग्राम पंचायत की पंच कविता रघुवंशी के पति संतोष रघुवंशी सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका जांच में होना पाया गया।
इस संबंध में रायसेन कलेक्टर अरविन्द दुबे का कहना है कि चिचोली ग्राम पंचायत में खेत तालाब योजना में हुई गड़बड़ी की जांच कराई गई है, दोषियों पर एफआईआर होगी।




