खनन माफिया पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन, मशीन समेत विस्फोटक सामग्री बरामद

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। जिले के नोहटा थानांतर्गत बनवार चौकी पुलिस ने शुक्रवार की देर शाम खेड़ार गांव के समीप खनन माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक ट्रैक्टर, एक कंप्रेसर मशीन सहित विस्फोटक सामग्री को बरामद करते हुए अवैध खनन कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
बनवार चौकी प्रभारी मनीष यादव ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि चौकी क्षेत्र के खेड़ार गांव के समीप गदरी हार में पत्थर की खदान में विस्फोट करके आरोपियों द्वारा अवैध तरीके से खनन किया जा रहा है। मुखबिर की सूचना की पुष्टि करते हुए चौकी प्रभारी ने एक टीम गठित की गई और मौके पर पहुंच कर उक्त कार्रवाई की है और घेराबंदी करते हुए खनन माफिया सोनू सिंह निवासी हरदुआ एवं तीरथ अहिरवार परस्वाहा को दबोच लिया। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से एक ट्रैक्टर, एक कंप्रेसर मशीन सहित 4 गुल्ला जिलेटिन, 4 डोटनेटर को भी बरामद किया है। पुलिस ने गिरफ्तार दोनो आरोपियों के खिलाफ धारा 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 आईपीसी में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायलय में पेश किया जहां से दोनो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। खनन माफिया के खिलाफ इस बड़ी कार्यवाही में चौकी प्रभारी मनीष यादव, आर बीएस मणिवलिप्पा, आर उदयभान की अहम भूमिका रही।
वर्षों से संचालित पत्थर की अवैध खदानों जिमेदारों को भनक तक नहीं लगी
वर्षों से अवैध खदानों में विस्फोट करके पत्थर धड़ल्ले से पत्थर निकाले जाने के इस गंभीर मामले में हैरानी की बात तो यह है
राजस्व भूमि में बिना अनुमति के
क्षेत्र के हरदुआ मानगढ़ एवं खेड़ार गांव के समीप अधिकतर पत्थरों की खदाने राजस्व की लगानी भूमि में धड़ल्ले से संचालित हो रही है,जिस पर राजस्व विभाग द्वारा भी कोई कार्यवाही नही की जाती। हालत यह कि माफियाओ द्वारा विस्फोट कर पत्थरों को निकालकर बड़े बड़े गड्डे बना दिए है। और इसकी राजस्व विभाग के हल्का पटवारी को कोई जानकारी नहीं है और पत्थरों से भरे ट्रैक्टर ट्राली वन विभाग के नाका चौकी से धड़ल्ले से निकलते रहते और खनन माफिया के खिलाफ न तो राजस्व विभाग के पटवारी कोई कार्यवाही करते है और न ही वन विभाग की नाका चौकी में कोई रोक टोक होती है इससे तो यही प्रतीत होता है अवैध खदानों के संचालन के इस मामले में छोटे से लेकर बड़े अधिकारी सबके सब सेट है और अवैध खनन को बढ़ावा देकर मोटी कमाई करने में जुटे है।



