कृषिमध्य प्रदेश

खेती के लिए मौसम अनुकूल : पकने की स्थिति में सरसों की फसल, गेहूं में बालियां आना हुई शुरु, अच्छी फसल आने की संभावना

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । जिले में पिछल लगातार एक हफ्ते से पड़ रही कड़ाके की ठंड से क्षेत्र की फसलें लहलहा रही है। इस बार किसानों को रबी सीजन की अच्छी फसल होने का अनुमान है। रबी सीजन में फसल बुआई के बाद से ही मौसम लगभग अनुकूल रहा है। दिसंबर में ठंड के दिन के कम होने से फसल बढ़वार पर असर पड़ने लगा था। लेकिन यह स्थिति कम क्षेत्र में ही थी। क्योंकि अधिकांश जगह इस साल अक्टूबर तक बारिश होने से बुआई कार्य देरी से शुरू हुआ था। ऐसे में फसल पकने में समय लगेगा।
फसलों को मिला अभयदान…..
इस बीच जनवरी माह के प्रारंभ से ही ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे फसल को समय पर जीवनदान मिला और अब अच्छी स्थिति में हैं। किसानों के अनुसार फिलहाल अधिकांश जगह फसलों की स्थिति ठीक है। सरसों की फसल कई जगह पकने की स्थिति में है और गेहूं में बालियां आना शुरू हो गई हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ स्वप्निल दुबे के अनुसार तेज ठंड के कारण गेहूं सहित अन्य फसलों को बढ़वार का मौका मिला है। यह मौसम कीट व्याधि से भी फसलों को बचाए हुए है। क्षेत्र में इस बार अच्छी बारिश होने के कारण कृषि विभाग ने पिछले साल के मुकाबले रबी फसल बोवनी का लक्ष्य बढ़ाकर रखा था।
इसके मुकाबले जिले में 1 लाख 35 हजार 690 ज्यादा हेक्टेयर में बुआई हुई। इस साल शुरू में ऐसा लग रहा था कि गेहूं का रकबा लक्ष्य से कम रहेगा, लेकिन जमीन में नमी और कृषि मंडी में अच्छे दाम मिलने के कारण रकबा कम नहीं हुआ।
चना, सरसों (रायडा) के अलावा मसूर व अलसी जैसी फसल की भी लक्ष्य से ज्यादा बुआई हुई। इस बार 17 अक्टूबर तक बारिश का दौर रहने के कारण खेतों में नमी रहने से बुआई कार्य देरी तक चला। जहां जल्दी बुआई हो चुकी थी। वहां फसल पकने की स्थिति में हैं, जबकि अधिकांश जगह जहां देरी से बुआई हुई।
मौसम बना अनुकूल…..
मौसम अनुकूल होने से किसानों को राहत मिली है। दिसंबर माह में जैसी ठंड होना चाहिए थी। वैसी नहीं रहने और ठंड के दिन कम होने से किसान चिंतित होने लगे थे। फसलों के बढ़वार पर असर पड़ने जैसी स्थिति हो गई थी, लेकिन जनवरी माह के प्रारंभ से ही पड़ रही ठंड के कारण फसलों को राहत मिली।
ग्राम माना के किसान पण्डित राजू चतुर्वेदी ,भगवतसिंह ,मासेर के परसराम दांगी मदन सिंह ऊधम सिंह ठाकुर अल्ली के अफसर खान ने बताया कि जहां जल्दी बुआई हुई थी, वहां सरसों की फसल पकने लगी है और 10 दिन में कटने के लिए भी तैयार हो जाएगी। धनिया, अलसी जैसी फसलों में फिलहाल फूल आ रहे हैं। गेहूं की फसल को ठंड से जीवनदान मिला और बालियां आने के साथ बढ़वार लिए है। नीमखेड़ा के अन्नदाता मोहन सिंह मीणा रंगपुरा केसरी के किसान गोरे लाल यादव पप्पू सिंह यादव ने बताया कि क्षेत्र में बुआई देरी से हुई। मौसम अनुकूल होने से गेहूं, चना सहित अन्य फसल को फायदा है।
फसल की सतत निगरानी रखें….
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ स्वप्निल दुबे ने बताया कि फिलहाल मौसम सभी प्रकार की फसलों के लिए अनुकूल है। रात में ठंड व दिन में धूप निकलने से गेहूं सहित अन्य फसल को बढ़वार में मदद मिलती है और कीट व्याधि का प्रकोप नहीं होता है। किसान फसल की सतत निगरानी रखें। पाला पड़ने पर हल्की सिंचाई करें बर्फबारी व बारिश की तरफ से चलने वाली हवा के कारण दिन व रात के तापमान में तेजी से गिरावट होगी।

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