खेत फर पानी देने गए किसान की करंट लगने से मौत, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कहते हैं कि मौत का कोई भरोसा नहीं कब आ जाए ऐसी ही घटना ग्राम मूड़ला चावल में घटित हुई जब एक किसान पुत्र सुबह खेत पर सिंचाई करने के लिए गया था वहां वह करंट की चपेट में आ गया जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया है और करंट लगने के कारणों की जांच कर रही है।
ग्राम मूड़ला चावल निवासी भरत यादव पुत्र गणपत यादव उम्र करीब 31 वर्ष सुबह के टाइम अपने दोस्त से फोन पर बात करने के बाद शाम को मिलने का वायदा करके खेत पर सिंचाई करने चला गया लेकिन उसे पता नहीं था कि दोस्त से उसकी आखिरी बात चीत होगी। शाम तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो घर वालों ने फोन लगाए लेकिन रिसीव नहीं हुआ तब उन्होंने उसके दोस्त को फोन लगाया तो उसने बताया कि मैं तो बेगमगंज आ गया था सुबह बात हुई थी वह खेत पर सिंचाई करने जाने का बोल रहा था। दोस्त ने भी फोन लगाए लेकिन रिसीव नहीं होने पर दोस्त तत्काल गांव पहुंचा जब उसके खेत के करीब पहुंचा तो उसे भरत यादव लेटा हुआ नजर आया लेकिन पास में जाकर जब उसने देखा तो उसके पैर में बिजली की डोरी लिपटी हुई थी तब उसने लकड़ी के सहारे तत्काल डोरी को अलग किया और घटना की जानकारी परिजनों को और पुलिस को दी। परिजन तत्काल मौके पर पहुंच गए घटनास्थल देखने से ऐसा प्रतीत हुआ कि खेत की सिंचाई के लिए मोटर चालू या बंद करते समय जमीन में नमी होने के कारण करंट लगा होगा करंट लगने के बाद भरत ने वहां से निकलने का काफी प्रयास किया लेकिन एक डोरी उसके पैर में लिपट गई किसी तरह वह घिसटते हुए खेत के बाहर तक आ गया लेकिन मौत के क्रूर पंजों से वह नहीं बच सका।
परिजन जिंदा होने की आस में तत्काल सिविल अस्पताल लेकर आए जहां डॉक्टर बीएएस शिल्पी ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
प्रभारी थाना प्रभारी रंजना शर्मा ने बताया कि करंट लगने से भरत यादव की मौत हो गई मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है।



