गरीबों के हक पर डाका : जांच में मिली अनियमित्तयायें, प्रकरण दर्ज

कहीं स्टॅाक में गड़बड़ी तो कहीं दुकानें बंद, राशन का वितरण नहीं
रियोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । गरीबों के हक पर डाका डालने के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालक न तयए-नए हथकंडे अपना रहे है। अनुविभागीय अधिकारी शहपुरा के साथ पुलिस ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जांच की तो अनेक अनियमित्तायें पाये मिली। शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेता रमेश नामदेव एवं सहायक विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। छपरट की जांच विक्रेता रमेश नामदेव की उपस्थिति में की गई जांच के समय दुकान बंद पाई गई। दुकान के बाहर दुकान का नामप्रदर्शन संबंधी बोर्ड लगा नही पाया गया। दुकान में स्टाक सूची बोर्ड, निगरानी समिति के सदस्यों के नाम प्रदर्शन संबंधित बोर्ड लगा नही पाया गया । मौके से उपस्थित उपभोक्ताओं से खाद्यान वितरण के संबंध में पूछताछ किए जाने पर बताया गया कि व्रिकेता रमेश नामदेव द्वारा नियमित रूप से दुकान नही खोली जाती है। विक्रेता द्वारा माह जुलाई 2022 एवं अगस्त 2022 का खाद्यान वितरण नही किया गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हे 8 जुलाई 22 को जून 2022 का खाद्यान प्रदाय किया गया था इसके उपरांत माह अगस्त में माह जुलाई 2022 की पर्ची पीओएस मशीन में अंगूठा लगाकर ली गई परंतु खाद्यान प्रदान नहीं किया गया। उपभोक्ताओं को माह जुलाई एवं अगस्त 2022 का खाद्यान प्रदाय न कर केवल पीओएस मशीन में अंगूठा निशानी लगवाकर खाद्यान पर्ची निकाल ली गई है। दुकान में संगृहित स्टाक का भौतिक सत्यापन करने पर पाया गया कि दुकान में गेहूं 208.24 क्विंटल कम चावल 179.88 क्विंटल कम, शक्कर 41 किलो अधिक एवं नमक 9.83 कम पाया गया। इसी प्रकार उचित मूल्य दुकान सहजपुर की जांच की गयी। सहजपुर दुकान में शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप एवं निर्धारित साईज को कोई भी बोर्ड नहीं होना पाया गया, स्टॅाक चैक करने पर 26.80 क्वींटल गेहूॅं, एवं 56.85 क्वींटल चॉवल तथा 16 किलो नमक कम होना पाया गया। उपभेाक्ताओं द्वारा बताया कि दुकान विक्रेत रमेश नादेव द्वारा समय पर दुकान नहीं खोली जाती है, जांच दिनॉक तक किसी भी उपभोक्ता को माह नवम्बर का राशन वितरित नही किया गया था। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा बताया गया कि उन्हें शक्कर वितरित नहीं की जाती है। साथ ही बताया गया कि शासन द्वारा निर्धारित 5 किलो खाद्यान्न के स्थान पर 4 किलो खाद्यान्न प्रदान किया जाता है साथ ही निर्धारित 1 रूपये मूल्य से अधिक राशि ली जाती है। विक्रेता द्वारा उपभोक्ताओ के मोबाईल नंबर सीडिंग नहीं किये गये जिस कारण उपभोक्ताओं को खाद्यान्न सम्बंधी मैसिज नहीं प्राप्त होते है साथ ही पीओएस मशीन की आवाज बंद कर दी गयी है ताकि अनाज तौलते समय तौल की जानकारी उपभोक्ता को न हो सके।



