धार्मिक

गोवर्धन पर्वत उठाकर श्रीकृष्ण ने दूर किया इंद्र का अहंकार’


भागवत कथा के पंचम दिवस दिन कृष्ण लीलाओ का वर्णन सुन श्रद्धालु हुए आनंदित
सिलवानी । नगर के बिजयासन मंदिर में आयोजित की जा रही भागवत कथा के पंचम दिवस कथा वाचक पंडित भूपेंद्र शास्त्री ने श्रोताओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। माखन चोरी के साथ बाल सखाओं के साथ मटकी फोड़ का आयोजन किया गया। कथा व्यास ने आगे बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म होने के बाद कंस उनका वध करने के लिए राक्षसी पूतना को भेजता है। पूतना देश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। इसके बाद कंस श्रीकृष्ण को मारने के लिए बहुत से उपाए करता है। मगर उसके सारे उपाय असफल हो जाते और भगवान उन सारे राक्षसों को मार देते हैं।
इसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इन्द्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान श्री कृष्ण द्वारा उनको भगवान इन्द्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन पर्वत का पूजन करने की बात कहते हैं। इन्द्र भगवान इससे सुनकर क्रोधित हो जाते और अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। इससे समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे ब्रजवासियो को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं। जिससे हारकर इन्द्र एक सप्ताह के बाद बारिश को बंद कर भगवान श्रीकृष्ण की शरण में पहुंच जाते।
इसके बाद ब्रज में भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारे लगते और पूरे ब्रजवासियों ने भगवान को छप्पन भोग लगाया। इस अवसर पर कथा के आयोजक सोनी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button