छात्रों के लिए जरूरी आइडी, 10 वीं क्लास तक भरे जाएंगे फार्म

परीक्षा फार्म, भरने से पहले अपार आइडी में उलझे छात्र
रायसेन । ऑनलाइन से दसवीं तक के फार्म भरे जा रहे हैं।कॉलेजों में एडमिशन के लिए आईडी बनवाना पड़ रही है। कॉलेजों में वार्षिक परीक्षा के पहले अपार एप से आईडी बनवानी पड़ रही है।जिससे कियोस्क सेंटरों दिन भर छात्राओं और पालकों की भीड़ लगी रहती है। सर्वर डाउन रहने से फॉर्म भरने में परेशानी खड़ी हो रही है।
ये हैं अपार के फायदे….
यह एक एक यूनिक पहचान है जो पूरे भारत में छात्रों के लिए एक देश, एक छात्र आइडी के रूप में काम करेगी।
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि छात्र कहां है, उसकी सभी जानकारी इसी आईडी में होगी।
यह स्कूलों के बीच छात्रों के ट्रांसफर करने को भी आसान बना देगा।इस आइडी के जरिए छात्रों की पहचान और सशक्त होगी।शिक्षा संसाधनों तक पहुंच को भी आसान बनाएगी।
स्कूल छोड़ने वाले छात्रों का पता लगाना और उन्हें वापस मुख्यधारा में लाना।छात्रों के सभी अचीवमेंट को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर देखा जा सकेगा।छात्र अपने क्रेडिट स्कोर का इस्तेमाल उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए कर पाएंगे।
कॉलेज में वार्षिक परीक्षाओं के पूर्व विद्यार्थियों को अपार आइडी बनाना है और इसे कॉलेज में अप्रूव कराना है।, इसके बाद फार्म भरे जाएंगे। नई शिक्षा नीति के तहत वन नेशन वन स्टूडेंट आइडी बनाना अनिवार्य किया है। विद्यार्थी को खुद ऑनलाइन बनाना है। आइडी बनाने के बाद अप्रूवल के लिए कॉलेज जाना है। इन दिनों परीक्षा के फार्म भरे जा रहे हैं। जिसकी तारीख बढ़ाकर 10 अप्रेल की गई है। लिहाजा आइडी अप्रूव कराने छात्र-छात्राओं की भीड़ लग रही है।
दरअसल भारत सरकार ने 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिस्से के रूप में ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री अपार नामक नई पहचान प्रणाली को शुरू किया है। जिसे वन नेशन, वन स्टूडेंट आइडी के रूप में भी जाना जाता है।। इसके तहत हर छात्र को एक यूनिक आइडी नंबर मिलेगा। यह केवल आइडी नहीं बल्कि एक डिजि लॉकर है, जिसमें छात्र-छात्रा के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड, जैसे प्रमाण पत्र, डिग्रियां, छात्रवृत्तियां, पुरस्कार और अन्य उपलब्धियों की जानकारी फीड करना पड़रही है।



