जयस ने मणिपुर की घटना को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
सिलवानी । शुक्रवार को जय आदिवासी युवा शक्ति ने मणिपुर मे कुकी आदिवासी महिलाओं के साथ हुए अमानवीय कृत्य के दोषियों को फांसी तथा मणिपुर में शांति बहाली में नाकाम गृहमंत्री का इस्तीफा लेने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार सीजी गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि महामहिम जी आप मणिपुर मे पिछले 83-84 दिनों से जारी हिंसा से आप अवगत है, इसी अशांति के माहौल दिनांक 19 जुलाई को एक वीडियो सामने आया है जो 4 मई का बताया जा रहा है, जिसमे कुकी आदिवासी समुदाय के 2 महिलाओं को अमानवीय कृत्य करते हुए निर्वस्त्र कर सरेआम घुमाया गया है जो आदिवासी समुदाय के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ बढते अत्याचार और शासन-सरकार के असंवेदनशीलता का जीवंत प्रमाण है कि इतने दिनों तक इस अमानवीय घटना को गंभीरता से नही लिया गया, जो सरकार की नाकामी असंवेदनशीलता और आदिवासियों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैए को दर्शाता है। महिलाओं के साथ हु । अमानवीय कृत्य मे शामिल सभी लोगो को फांसी की सजा दी जाए तब ही इस प्रकार के अपराधों को रोका जा सकता है और पीड़ित महिलाओं के साथ न्याय किया जा सकता है।
सरकार की असंवेदनशीलता और नाकामी के लिए माननीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा लिया जाए और मणिपुर की सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए, ताकि मणिपुर हिंसा को रोका जा सके, समस्त आदिवासी समुदाय की मंशा के अनुसार उपरोक्त मांगों पर आप त्वरित कार्यवाही करें क्योंकि आप भी एक आदिवासी समुदाय से ही हैं इसलिए समुदाय के न्याय की अंतिम उम्मीद भी आप ही है।
अतः जनभावनाओं के मांग अनुसार आप उपरोक्त मांगों को गंभीरता से लेते हुए यथाशीघ्र कार्यवाही कर अपराध और हिंसा पर विराम लगाए।
इस अवसर पर विजय पटेल जयस ज़िलाध्यक्ष, धनराज सिंह मरकाम, राकेश कुमार, धर्मदास इमने जनपत सदस्य, विकाश, भूपेंद्र, सुनिल नेताब, संतोष, अनिकेत, योगेश, सौरभ, विकास, शिवराज, अर्जुन ठाकुर, विकास, रामपाल, बिरजेंद्र, राजू, सुरेन्द्र, गुड्डू भाई आदि उपस्थित रहे।



