दुधी नदी का अस्तित्व खतरे में, डबरो में बदला रौद्र स्वरूप
रिपोर्टर : बृजेन्द्र कुशवाहा
साईखेडा । साईखेडा के पश्चिम से सतपुडा पहाड़ छिंदवाड़ा के पाताल कोट से निकली दुधी नदी मुआंर घाट पर नर्मदा नदी मै मिलती है । दुधी नदी का अस्तित्व खतरे मै है । अगहन मास मै लबालब बहने वाली दुधी नदी डबरो मै तब्दील हो गई है । नदी मै एक बूंद पानी नहीं रहा है, शहर का गंदा पानी जाकर मुख्य धार में मिल रहा है जिसमें बदबू आती है । बरसात के समय में नदी का रौद्र रूप चंद दिनों के लिए रहता है, बरसात निकलते ही जल स्तर कम होने लगता । पहले नदी मै बारहमासी पानी रहता था । गांव के लोग नहाने कपडा धोने, पीने का पानी लेने जाते थे । युवा ऊपर खडे होकर छलांग लगाते थे। दुधी नदी सूक जाने से डंगरा कलींदा, सब्जी, ककडी लगाने वाले का रोजगार खत्म हो गया है । अनेक परिवारो को नदी से रोजगार का सहारा था। नदी में लंबे जगह मै बहाव मै मिट्टी आने से दीपा बन गया है जिसमें जमीन वाले लोग गेहूं चना की खेती करने लगे । नदी मै रेत के अवैध उत्खनन होने भी नदी सूख रही है । कुछ समय में साईखेडा के पास निकलने वाली धार समाप्त हो जायेगी। दुधी नदी किनारे कटाव होने से मकानो भी खतरा है, इस बार बंजारी दरबार दिवाल भी बरसात के बहाव मै टूट गई, शासन प्रशासन से जनापेक्षा है कि साईखेडा की ओर से बहने वाली धार गहरीकरण किया जाऐ जिससे नदी का अस्तित्व बच सके। मेहरागांव के पास नदी स्टापडेम बनने से नदी का बचाया जा सकता है। जिसका फायदा किसानों और सब्जी उगाने वालों को होगा । ऊपर डेम बनने से साईखेडा क्षेत्र वासियों को कोई लाभ नहीं होगा।



