मां बीजासन मंदिर में नवरात्रि समापन पर हवन संपन्न, क्षेत्र की मंगल कामना के लिए हुआ विशेष अनुष्ठान

सिलवानी । नगर के प्रसिद्ध मां बीजासन मंदिर में नवरात्रि महापर्व के समापन के उपलक्ष्य में हवन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस विशेष अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र और समाज की मंगल कामना, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करना था। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में अद्वितीय उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा गया।
नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाली यह परंपरा, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है, हर साल भव्य रूप से आयोजित होती है। समापन के अवसर पर मां बीजासन मंदिर में भक्तों ने अपनी श्रद्धा के साथ पूजन किया और हवन में भाग लिया। मंत्रोच्चार और वैदिक विधियों से किए गए इस हवन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। मंदिर के पुजारी शिवनारायण तिवारी ने हवन की महत्ता बताते हुए कहा, “हवन अग्नि के माध्यम से हम अपनी आस्था को सुदृढ़ करते हैं और यह अनुष्ठान पूरे क्षेत्र के कल्याण और शांति के लिए किया जाता है। मां बीजासन की कृपा से हर वर्ष इस क्षेत्र में समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।”
समापन के पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर के प्रमुख गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मंदिर समिति के साथ मिलकर पूरे आयोजन की सफलता के लिए सहयोग किया। भक्तों ने मां बीजासन के दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर प्रांगण में हवन के दौरान भक्तों का तांता लगा रहा, और सभी ने विधिपूर्वक मां से आशीर्वाद लिया।
यह आयोजन नगर के लिए विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि मां बीजासन को नगर की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। हर वर्ष नवरात्रि के समापन पर इस प्रकार के धार्मिक आयोजन नगरवासियों की एकजुटता और आस्था का प्रतीक होते हैं।
आयोजन की सफलता पर मंदिर समिति के सदस्यों ने समस्त भक्तों और सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा, “मां बीजासन की कृपा से यह आयोजन हर वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न होता है, और हमें विश्वास है कि देवी की कृपा से नगर और क्षेत्र में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहेगी।”
पूरे क्षेत्र में इस आयोजन की चर्चा है और भक्तजनों का मानना है कि मां बीजासन की पूजा से उन्हें आत्मिक शांति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।


