मध्य प्रदेश

जैन समाज ने विशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा

रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जनपद पंचायत जबेरा जैनो के सुविख्यात पवित्र तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर जी को तीर्थ स्थल के स्थान पर झारखंड राज्य सरकार द्वारा पर्यटक स्थल घोषित कर दिया गया है। जिससे उससे क्षेत्र की पवित्रता एवम आस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। जिसके विरोध में सम्पूर्ण भारत वर्ष की जैन समाज इसका पुरजोर विरोध कर रही है और विगत दिवस दिल्ली, इंदौर सहित सम्पूर्ण देश मे ज्ञापन सौपे गए है। इसी क्रम में सकल दिगम्बर जैन द्वारा जबेरा तहसील मुख्यालय पर की हजारों की संख्या में एकत्रित होकर विशाल जुलूस निकालकर जबेरा तहसील कूच किया। जहां भारत के महामहिम राष्ट्रपति एवम प्रधानमंत्री तथा झारखण्ड के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अरविंद यादव को ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में जैन समाज ने बताया कि सम्पूर्ण विश्व में जैन समाज एक अहिंसक समाज के रूप में जानी जाती है। और जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान की निर्वाण भूमि तीर्थराज सम्मेद शिखर जी है।जो जैनियों की आस्था का मुख्य केंद्र है। इसी तीर्थ क्षेत्र को झारखंड राज्य सरकार द्वारा एक पर्यटक स्थल घोषित किया है। जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं क्योंकि सम्मेद शिखर आस्था का केंद्र है पवित्र तीर्थ क्षेत्र है ना कि कोई पर्यटक स्थल है। इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में जबेरा तहसील में निवासरत समस्त ग्रामो की जैन समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर अपना विरोध दर्ज कराया। जैन पंचायत जबेरा के तत्वाधान में ग्राम नोहटा, बनवार, सिंगरामपुर , बिजोरा, खमरिया, परस्वाहा, घटेरा, चंडी चोपरा , छोटी कटंगी, सिंग्रपुर, धरौली, सगरा, रिछाई, जबेरा जनपद क्षेत्र के अंतर्गत करीब 36 ग्रामों के जैन समाज के लोग शामिल रहे।

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