मध्य प्रदेशव्यापार

ठंड बढ़ने से ऊनी वस्त्रों की बिक्री बढी

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कुछ दिनों से ठंड में तेजी आई है, इस कारण ऊनी वस्त्रों की दुकानों व रजाई गद्दे की दुकानों पर बिक्री बढ़ गई है। वहीं कपड़े की दुकानों पर गरम कपड़ों की बिक्री में तेजी आई है। मार्केट में बिक्री बढने से दुकानदारों में खुशी की लहर है।
रेडीमेड वस्त्रों के विक्रेता मनीष जैन सिंघई ने बताया कि कुछ दिन से ठंड में तेजी आने से गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। बाजार में उठाव आने से दिन रात काम में लगे हुए है। बढ़ती हुई महगाई में जहां ऊनी वस्त्रों के दामों में बेतहाशा इजाफा हुआ है ते वहीं अब रूई की धुनाई एवं रजाई की तगाई में भी बढ़ोतरी हुई है।
देशी रूई के भाव – रूई विक्रेता सलीम मंसूरी ने बताया कि देशी रूई के भाव 300 रूपए प्रति किलो चल रहे है। देशी रूई की मांग अब कम हो गई है। देशी रूई के भाव अधिक होने से गरीब तबके के लोग रजाईयों में कतरन वाली हल्की सूत डलवा रहे है। क्योंकि इसकी कीमत 80 से 100 रूपए किलो है। संपन्न परिवारों की पहली पंसद जयपुरी रजाई बनी हुई है क्योंकि यह बहुत हल्की होने के बाद भी गरमी देती है। और रखने में भी कम जगह लेती है।
आकिल मंसूरी ने बताया कि वर्तमान में जहा पुरानी रूई की धुनाई 40 रूपए प्रति किलो एवं नई रूई की धुनाई 30 रूपए चल रही है तो वहीं तगाई का रेट 60-70 रूपए चल रहे है।
ऊनी कपड़ो में आई तेजी- ठंड के बढ़ने से ऊनी कपड़ों में भी तेजी आई है। जहां युवा वर्ग की पहली पंसद जैकिट है। हाफ, फुल चैन और बटन वाली जैकिट युवाओं की पहली पंसद मानी जा रही है। महिलाओं और युवतियों की ब्लैक लेदर जरकिन और स्वेटर पंसद है बाजारों में . जरकिन और स्वेटर की
विभिन्न वैरायटी उपलब्ध है। बाजारों में खरीदारी करने युवा महिलाओं की भीड़ अधिक दिखलाई दे रही है।

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