ठेकेदार ने नहीं बनाईं सड़कें, अमानत राशि राजसात, तीन साल के लिए ब्लैक लिस्टेड

नगर की सड़कों की हालत बद से बदतर होने के कारण नागरिकों में बढ़ रहा था आक्रोश
नप ने कार्यपालन यंत्री भोपाल को लिखा पत्र, अब दोबारा होंगे टेंडर
सिलवानी । कायाकल्प अभियान और मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत नगर की सड़कों की मरम्मत और नवीन निर्माण कार्य शहर में किया जाना था। इसको लेकर नगर परिषद ने टेंडर निकाले, जिसमें नगर की माहिर इंटर प्राइजेज सिलवानी ने कम दामों में टेंडर तो ले लिया, लेकिन लागत अधिक आने पर निर्माण एजेंसी के ठेकेदार ने सड़कों का काम नहीं किया। निर्माण कार्य में हो रही देरी और बारिश के कारण सड़क के गड्ढों से हो रही परेशानी को लेकर नागरिकों ने नप की ओर रुख किया तो हर बार जल्द काम करवाने का आश्वासन दिया जाता था । नागरिकों के बढ़ते दबाव के बाद नगर परिषद ने निर्माण एजेंसी को बार-बार पत्र लिखकर काम लगाने के लिए कहा, लेकिन ठेकेदार ने काम नहीं लगाया। परिणाम स्वरूप नगर परिषद ने निर्माण एजेंसी की अमानत राशि और परफार्मेस राशि 3 लाख 83 हजार 871 रुपए राजसात कर ली है। इस संबंध में पत्र भी कार्यपालन यंत्री को लिख दिया है। अब इन सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से टेंडर निकाले जाएंगे।
बारिश से सड़कों की हालत बद से बदतर
सड़कों की हालत पहले से ही खराब पड़ी हुई थी, लेकिन बारिश के कारण हालत बद से बदतर हो गई है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है बल्कि आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। ऐसे में कई बार लोग अपने गंतव्य तक न जाकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक दोपहिया वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में सड़कों की हालत नागरिक गांव से भी बुरे हालत शहर की सड़कों को लेकर बता रहे हैं। नागरिकों ने बताया कि यह अच्छा है कि ठेकेदार पर कार्रवाई की गई लेकिन जल्द से जल्द दूसरे ठेकेदार को नियुक्त कर कार्रवाई की जाए।
ठेकेदारों की प्रतिस्पर्धा के कारण आम नागरिक हो रहे हैं परेशान
किसी भी कार्य को लेकर सरकारी विभागों में शासन की नियमावली के अनुसार टेंडर निकाले जाते हैं। इसी टेंडर में ठेकेदार प्रतिस्पर्धा करते हैं। इसी प्रतिस्पर्धा के चलते ठेकेदार दूसरे ठेकेदार को ठेका नहीं लेने देते हैं और सस्तीदरों में ठेके लेने शामिल हो जाते हैं, लेकिन बाद में यही ठेकेदार लागत ज्यादा आने पर या तो अनुबंध नहीं करते न काम नहीं लगाते हैं। ऐसे में खामियाजा नगर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इस संबंध में नगर परिषद सिलवानी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुनील कुमार जैन का कहना है कि पूर्व में जिस ठेकेदार ने टेंडर लिया था उसने अनुबंध भी नहीं किया न ही काम। इसलिए उसका टेंडर निरस्त कर अमानत राशि की है। इसके बाद दो बार जसान करने गए लेकिन कोई नया ठेकेदार सामने नहीं आया। अब फिर से टेंडर निकालने वरिष्ठ कार्यालय पत्र लिखा जा रहा है।



