ध्वजारोहण और इन्द्र प्रतिष्ठा के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू
सिलवानी । जैन धर्म में अष्टान्हिका महापर्व में सिद्धों की आराधना करने वाला विधान श्री 1008 चक्र महामंडल विधान का बहुत महत्व है। प्रत्येक वर्ष अनुसार इस वर्ष भी यह सौभाग्य समाज जन को मिल रहा है। इसमें मंगल सान्निध्य आर्यिका श्री 105 वैराग्यमति माताजी ससंघ का मिलेगा।
इस दौरान प्रातः काल में घटयात्रा ध्वजारोहण, अभिषेक, शांति धारा, प्रवचन के साथ विधान प्रारंभ हुआ।
बोलियों के माध्यम से विधान के मुख्य पात्रों का चयन हुआ। जिसमें सौधर्म इंन्द्र सचिन कुमार, शिखा जैन, कुबेर इन्द्र दीपक जैन, आशी जैन, श्रीपाल मैना सुंदरी नायक अर्पित जैन, पूजा जैन, यज्ञ नायक पवन कुमार, मीना जैन, नवीनकुमार जैन, रचना जैन, भरत चक्रवर्ती, पटेल अविनाश जैन, शुचि जैन, ईशान इंद्र प्रमोद कुमार, रश्मि जैन सियरमऊ वाले सनतकुमार इंद्र राजेश कुमार, संगीता जैन, महेन्द्र इंद्र, सिंघई संतोष, शोभा जैन, वहीं ध्वजारोहण करने का सौभाग्य सिंघई चंद्रकुमार, चंचल, दीपेंद्र जैन, स्वर्ण कलश से प्रभु की शांतिधारा विनीतकुमार जैन, रजत कलश से प्रभु की शांतिधारा सिंघई क्षमेंद्र कुमार, अभिषेक जैन, अमित जैन को अवसर प्राप्त हुआ।


