मध्य प्रदेश

ताईक्वांडों के प्रशिक्षण से बालिकाओं के आत्मविश्वास में हुई वृद्धि

आत्मरक्षा के गुर सीखकर के साथ दूसरों की भी रक्षा कर सकते हैं
अपराजिता के तहत 150 बालिकाओं को दिया गया ताईक्वांडों का प्रशिक्षण

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन स्थित चिडिया टोल वन परिसर में आयोजित अपराजिता प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में कलेक्टर अरविन्द कुमार दुबे ने कहा कि ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेने से बालिकाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। ताईक्वांडो से शरीर स्वस्थ रहता है और यह शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त बनाता है। कलेक्टर द्वारा ताईक्वांडों प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
कलेक्टर दुबे ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा के गुण सीख कर वे स्वयं के साथ ही दूसरों की रक्षा भी कर सकती हैं। आत्मरक्षा के यह गुर पूरे जीवन में काम आएंगे। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वह अपनी दोस्तों और परिचित बालिकाओं को भी ताइक्वांडो के प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बालिकाएं, बालकों से कहीं अधिक क्षमतावान है। शिक्षा, खेलकूद और भी अन्य क्षेत्रों में बालिकाएं, बालकों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। शासन का प्रयास है कि बालक और बालिका में कोई भेद ना रहे और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बालिकाएं, महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए किसी और पर निर्भर ना हो, वह स्वयं अपनी सुरक्षा कर सके। इसके लिए उन्हें अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से ताइक्वांडो, मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक संकत ने बताया कि प्रदेश के साथ ही रायसेन जिले में भी किशोरी बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च से जिले में किशोरी बालिकाओं के लिए 10 दिवसीय अपराजिता प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। जिसके तहत महिला बाल विकास विभाग और खेल विभाग के समन्वय से जिले की 150 किशोरी बालिकाओं को ताईक्वांडो का प्रशिक्षण दिया गया।
विकासखण्ड स्तर पर भी होगा शिविरों का आयोजन…..
कार्यक्रम में जिला खेल अधिकारी जलज चतुर्वेदी ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षक दिवाकर द्वारा ताईक्वांडों का प्रशिक्षण देते हुए बालिकाओं को बॉडी में स्ट्रांग और वीक प्वाइंट, पंच, हुक, किक सहित आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी विकासखण्डों में एक मई से ताईक्वांडों के शिविर आयोजित किए जाएंगे। रायसेन में आयोजित अपराजिता प्रशिक्षण में शासकीय कन्या शाला, शासकीय कन्या महाविद्यालय तथा शाईनिंग पब्लिक स्कूल की छात्राओं के साथ ही पुलिस ताईक्वांडों की बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
बालिकाओं ने किया ताईक्वांडों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में ताईक्वांडों प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं कलेक्टर दुबे सहित अन्य अधिकारियों के सामने ताईक्वांडों का प्रदर्शन भी किया। साथ ही बालिकाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अपराजिता कार्यक्रम के द्वारा हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। ताईक्वांडों सीखने से हमारे आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। साथ ही मुसीबत के समय किस प्रकार धैर्य रखकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए, यह भी सीखने को मिला है। वन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजय गहरवाल, खेल अधिकारी राजेश यादव, ताईक्वांडो प्रशिक्षक दिवाकर सहित अन्य अधिकारी और बालिकाएं उपस्थित थीं।

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