निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर जी की ससंघ अगवानी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा उपनगर खितौला में निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर जी, अजित सागर जी, चन्द्रप्रभ सागर जी, निरामय सागर और ऐलक मुनि श्री विवेकानंद सागर जी की गुरुवार को सुबह 7 बजे गाजेबाजे के साथ भव्य अगवानी खितौला जैन समाज के सभी समाजसेवियों के द्वारा की गई। खितौला जैन मंदिर प्रांगण में चल रहे अष्टानिका महापर्व जो साल में तीन बार आते है। इस पर्व में सिद्धों की आराधना करने के लिए सिद्धचक्र मण्डल विधान का आयोजन भी चल रहा है। जो ब्रह्मचारी अंकित भैया के संचालन में हो रहा है। इस विधान के पाँचवे दिवस पर गुरुवर की उपस्थिति से कार्यक्रम और भी मंगलमय हो गया। गुरुवर ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए बताया की सभी परिवार जनों को अपनी आने वाली पीढ़ी को कार दे या ना दे पर अच्छे संस्कार ज़रूर देना चाहिए जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो और उनकी धर्म के प्रति आस्था निरंतर बनी रहे। प्रवचन के उपरांत मुनिसंघ की आहारचर्या भी खितौला में हुई, आहारचर्या के बाद मुनिसंघ ने सिहोरा के लिये गमन किया ।

