मध्य प्रदेश

72 हजार अतिथि शिक्षक हुए बेरोजगार, वार्षिक अनुबंध की घोषणा नहीं हुई पूरी : रामलखन लोधी

रायसेन । 2 सितंबर 2023 को मध्यप्रदेश सरकार ने अतिथि शिक्षक महापंचायत आयोजित कर वार्षिक अनुबंध, गुरुजियों की भांति विभागीय परीक्षा लेकर नियमितीकरण , सीधी भर्ती में बोनस अंक देने सहित कई वादे मध्यप्रदेश सरकार ने किए थे जो डेढ़ वर्ष बाद भी अधूरे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी हों या केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी बीजेपी के दोनों बड़े नेताओं ने अतिथि शिक्षकों का न्याय दिलाने का वादा किया था । आज भी प्रदेश में बीजेपी की सरकार है। 18 वर्ष की सेवा के बाद आज 30 अप्रैल को फिर से 72 हजार अतिथि शिक्षकों को सरकार ने बेरोजगार कर दिया है। सिंधिया जी और शिवराज जी को मौन तोड़कर अतिथि शिक्षकों के साथ न्याय करवाना चाहिए। अतिथि शिक्षकों की सेवाएं निरंतर जारी रखना चाहिए। दो तीन माह तक 18 वर्ष से कार्यरत अतिथि शिक्षक बेरोजगार रहते हैं। प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जी और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह जी को संज्ञान लेकर अतिथि शिक्षकों के हित में नीति बनाना चाहिए।
गौरतलब है कि जब से लोक शिक्षण संचालनालय में शिल्पा गुप्ता जी ने आयुक्त का प्रभार संभाला है। अतिथि शिक्षक भर्ती में सुधार हुआ है। बहुत सी विसंगतियों को सुधारने का प्रयास किया है। प्रतिमाह भुगतान हेतु समय से बजट आवंटित किया है। फिर भी कुछ विसंगतियों को सुधारने का समय है। सरकार अतिथि शिक्षको की महा पंचायत की सभी घोषणाओं को पूर्ण करे जिनमें आरटीआई तहत विभागीय परीक्षा लेकर नियमितीकरण, 12 माह का अनुबंध जिसमें पद रिक्त न मानते हुए 62 वर्ष की आयु तक पद स्थायित्व, जो अतिथि शिक्षक उच्च प्रभार या ट्रांसफर की बजह से हट गए है उनकी दूसरे स्कूलो में ज्वाइनिंग, अतिथि विद्वानों की भांति महिला अतिथि शिक्षकों को प्रसूति अवकाश , अतिथि शिक्षकों को सी एल और ऐच्छिक अवकाश और कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा का लाभ देना चाहिए।
वार्षिक अनुबंध लागू करें
आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के रायसेन जिला अध्यक्ष रामलखन लोधी ने मुख्यमंत्री जी से मांग की है अतिथि शिक्षकों की सेवाएं स्थाई शिक्षकों की भांति पद रिक्त न मानते हुए जारी रखें एवं जो अतिथि शिक्षक उच्च प्रभार या स्थानांतरण की बजह से स्कूल से बाहर हो गए है उन्हें प्राथमिकता देकर स्कूल में ज्वॉइन करवाए। अतिथि शिक्षकों का मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सुधारने में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।

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