श्री बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर चैनपुर में दी गई श्रद्धांजलि
सिलवानी । सिलवानी तहसील के ग्राम चैनपुर में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी नेता राष्ट्रहित के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जननायक भगवान श्री बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर कोटिश नमन किया गया।
सरपंच प्रतिनिधि पप्पू ठाकुर ने भगवान बिरसा मुंडा जी के जीवन परिचय के बारे में बताया एव उनके बताए मार्गो में चलने के लिए ग्रामीणों को संकल्प दिलाया। ऐसे जननायक महान स्वतंत्रता सेनानी आदिवासी नेता राष्ट्रहित के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जननायक भगवान बिरसा मुंडा पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई ।
गांधी जी से 42 साल पहले भगवान बिरसा मुंडा ने दिया था अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा भगवान बिरसा मुंडा ने 8 जनवरी 1900 को डोंबारी की पहाड़ियों से ब्रिटिशो की बरसती गोलियों के बीच नारे लगवाए थे गोरे अंग्रेजों वापस अपने देश चले जाओ ऐसे महानायक मातृभूमि की मुक्ति एवं उत्थान हेतु सदैव समर्पित रहे महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा जल जंगल जमीन के रक्षक हमारी संस्कृति के प्राण है अपने रक्त से सींचा है। इस मिट्टी को भगवान बिरसा पूरे हिन्दुस्थान के भगवान है अंग्रेजों से आदिवासी अस्मिता की लड़ाई लड़कर भगवान बिरसा मुंडा जी ने अपना पूरा जीवन देशहित और आदिवासी भाईयों के अधिकारों के लिए तथा सशक्तिकरण के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान लोकनायक स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी, गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष करने वाले आदिवासी संस्कृति एवं अस्मिता के रक्षक भगवान बिरसा मुंडा जी उस समय अंग्रेजों से भिड़ा था जब विश्व पटल पर अंग्रेजो की हर तरफ तूती बोल रही थी। ऐसे अदम्य साहसी के सम्मान में सिर अपने आप झुक जाता है अंग्रेजों से आदिवासी अस्मिता की लड़ाई लड़कर भगवान बिरसा मुंडा जी ने अपना पूरा जीवन देशहित और वनवासी भाईयों के अधिकारों के लिए तथा सशक्तिकरण के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर ग्राम चैनपुर में ग्रामीणों द्वारा उन्हें कोटि कोटि नमन किया गया।
इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि पप्पू ठाकुर, खेतसिंह, होतीलाल, सुरेश बाबू, जसमनसिंह, देवी सिंह, चंदन उइके, सोनू मेहरा, कमल सिंह, कमलेश, रविन्द्र यादव, देवेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए।



