अतिक्रमण हटाने गए अधिकारियों के सामने महिला ने खाया जहर

महिला ने कहा मुझे एक सप्ताह का समय दो में कब्जा हटा लूंगी साहब
नहीं माने प्रशासनिक अधिकारी, महिला की हालत नाजुक
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । स्लीमनाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सलैया फाटक में अतिक्रमण हटाने गए अधिकारियों के सामने महिला ने जहर का सेवन कर लिया। आश्चर्य की बात ये है कि महिला जहर का सेवन कर रही थी तब भी प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रोकी गई मानवता को शर्मसार करने वाली ये घटना जिसमें वो महिला प्रशासन के सामने गिड़गिड़ाती रही की मुझे एक सप्ताह का समय दे दो साहब में अपने आप से कब्जा हटा लूंगी। लेकिन प्रशासन ने अपनी कार्यवाही नहीं रोकी महिला ने मानसिक तनाव में आकर जहर का सेवन कर लिया । महिला को स्वास्थ्य केंद्र स्लीमनाबाद ले जाया गया हालत गंभीर होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्लीमनाबाद से जिला चिकित्सालय कटनी को रिफर कर दिया गया ।
आपको बता दें कि सुभद्रा चौधरी पति भागचंद चौधरी जो कि अपनी निजी भूमि में मकान निर्माण करके रहता है पास में ही थोड़ी सी जमीन में भागचंद चौधरी ने खाना बनाने के हिसाब से रसोई घर बना रखा था जिसको लेकर सरपंच ग्राम पंचायत सलैया फाटक ने तहसीलदार को आवेदन किया था जिसके बाद तहसीलदार स्लीमनाबाद ने बेदखली आदेश पारित कर उक्त निर्माण को गिराने का आदेश पारित किया था। आदेश अनुसार बुधवार को नायब तहसीलदार आकाश दीप नामदेव, हल्का पटवारी देवलाल, ग्राम पंचायत सरपंच बसोरी लाल यादव सहित पुलिस बल पहुंचा। बातचीत के बाद महिला ने एक सप्ताह का समय मांगा महिला के परिजनों ने बताया कि हमने साहब से कहा कि हमें एक सप्ताह का समय दे दो हम ये थोड़ी सी जगह में जो अतिक्रमण है हटा देंगे। लेकिन मौके पर आया प्रशासनिक आमला कोई बात सुनने को तैयार नहीं था जेसीबी के द्वारा जैसे ही सुभद्रा चौधरी का निर्माण तोड़ने का प्रयास किया गया वैसे ही महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जहर का सेवन कर लिया।
*सरपंच पर गंभीर आरोप*
आपको ज्ञात हो कि सरपंच बसोरी लाल के ऊपर महिला के पति ने गंभीर आरोप लगाए है भागचंद चौधरी का कहना है कि सरपंच महोदय को हमने चुनाव में वोट नहीं दिया जिसके कारण वो हमे आए दिन परेशान करते रहते है जिस मौके पर मेरे निर्माण को तोड़ा गया है वहीं मेरी 32 आरे जमीन मौजूद है आस पास दर्जनों लोगों का कब्जा है जिनके पास कोई जमीन नहीं है फिर भी उनके ऊपर कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई सिर्फ मुझे टारगेट किया गया है और मेरा निर्माण तोड़ दिया गया है ये मेरे साथ अन्याय है मेरी पत्नी ने अधिकारियों के देखते देखते जहर पी लिया लेकिन अधिकारी तब तक नहीं रुके जब तक मुझ गरीब के निर्माण को तोड़ नहीं दिया आखिर ये कहा का न्याय है।
*श्मशान के सड़क के बहाने तोड़ा निर्माण*
आपको बता दे कि सुभद्रा बाई का जो निर्माण तोड़ा गया है उस मामले में अधिकारियों ने ये हवाला दिया है कि उक्त अतिक्रमण शमशान जाने के रस्ते पर बना था जबकि रिकॉर्ड में कही भी शमशान के रास्ते का उल्लेख उक्त भूमि में नहीं है क्योंकि श्मशान जाने का जहां से रास्ता है वहां लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है इसलिए एक नया रास्ता बनाने के लिए ये हवाला सरपंच बसोरी लाल यादव के द्वारा दिया गया था और प्रशासनिक अधिकारियों को यही बताया गया था।
सवाल ये उठता है कि इस पूरे मामले में किसके ऊपर क्या कार्यवाही होगी इस तरह की घटना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कब्जा हटाने की कार्यवाही कहा तक सही थी
फिलहाल महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है।



