क्राइममध्य प्रदेश

बाघिन की मौत के मामले में अधिकारी जानकारी देने से बचते रहे, जिले में अब तक 9 टाइगरों की मौत

वन्य प्राणियों की जान असुरक्षित
रिपोर्टर : शिवलाल यादव

रायसेन। जहां एक ओर टाइगरों की सुरक्षा के लिए सरकारें सालाना करोड़ों रुपये का बजट फूंक रही हैं।वहीं दूसरी तरफ सामान्य वनमण्डल रायसेन, ओबेदुल्लागंज में पिछले 3 सालों के अंदर अभी तक 9 बाघों ने अलग अलग तरीके से दम तोड़ चुके हैं। वन महकमे के के अधिकारी मीडिया कर्मियों को सही जानकारी देने से बचते हैं।हाल ही में सामान्य वन मण्डल रायसेन के तहत वनरेंज गढ़ी सर्किल के बीट बोरपानी के कक्ष क्रमांक आरएफ 14 के जंगल में मादा बाघिन के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इसके डेढ़ महीने पहले ही वन रेंज गढ़ी देहगांव के जंगल में नर बाघ का शव पड़ा मिला था।बताया जाता है किइस मृत मादा बाघिन को हेड इंजयरी थी।वह विभाग रायसेन के अधिकारियों की सूचना पर नागपुर सहित भोपाल रायसेन के आधा दर्जन से ज्यादा डॉक्टरों की टीम ने मृत बाघिन की जांच पड़ताल के पश्चात के बाद पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।एसीएफ व डीएफओ अजय कुमार पांडेय ने बताया कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही यह चल सकेगा कि मादा मृत बाघिन की मौत किन कारणों से हुई थी।मृत बाघिन की उम्र 5 वर्ष थी।शव लगभग एक हफ्ते पुराना था।
इधर मृत मादा बाघिन के शव परीक्षण से लेकर पीएम तक की जानकारी देने से वन महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों ने मीडिया कर्मियों से परहेज रखा।यह बात शहर में जनचर्चा का विषय बनी रही।
5 डॉक्टरों की टीम ने की जांच…
बोरपानी के जंगल में मृत हालत में मिली बाघिन के शव का परीक्षण करने रातापानी अभ्यारण के 5 डॉक्टरों की एक पैनल बनाई गई।एनटीसीए के प्रतिनिधि के रूप में डॉ प्रशांत देशमुख, वन्य प्राणी चिकित्सक, वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट भोपाल, सीसीएफ व्रत भोपाल राजेश कुमार खरे उपस्थित हुए।राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स के उप वनसंरक्षक अमित भाटी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वायड टीम द्वारा बारीकी से मृत बाघिन के शव की जांच पड़ताल की।
सामान्य वन मण्डल रायसेन के नरवर गांव में एक किसान के खेत की कटीले तारों की बागड़ में फंस जाने से मौत हो गई थी। जांच के बाद अन्नदाता पर केस दर्ज किया गया था। अमरावद घाटी पर भी एक नर बाघ मृत अवस्था में पड़ा मिला था। नीमखेड़ा और कटसारी के जंगलों में दो टाइगरों की मौत भूख प्यास से मरने की खबर से अफरातफरी मच गई थी।सामान्य वन मण्डल ओबेदुल्लागंज के तहत 2 बाघ बाघिन चिकलोद और गौहरगंज के जंगल में दो शिकारियों ने तस्करी के उद्देश्य से मार डाला था।बाद में जांच के पश्चात यह मालूम हुआ कि मृत बाघ बाघिन की खाल और पंजों दांतों को ही धारदार हथियारों से काट कर ले गए थे।तस्करों शिकारियों को वन अमले ने धरदबोचा था।इनके तार अंतर्राष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हुए थे।

Related Articles

Back to top button