धार्मिकमध्य प्रदेश

बालि वध और लंका दहन का हुआ मंचन, रामलीला देखने के लिए उमड़े दर्शक, दशहरे की तैयारियां शुरू

रिपोर्टर : शिवकुमार साहू
सिलवानी । तहसील के ग्राम सांईखेड़ा में बाजार स्थित रामलीला मैदान में रविवार को सुग्रीव मित्रता, बालि वध और लंका दहन लीला का मंचन हुआ। दोहे और चौपाइयों के साथ भव्य लीला का मंचन देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। वहीं आदर्श रामलीला मण्डल ने दशहरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिसमे आयोजक मण्डल द्वारा बताया कि दिन मंगलबार को दशहरा पर्व मनाया जायेगा। हर वर्ष कि तरह इस वर्ष भी मां जगदम्बे कि झांकीयां ग्राम में समितियों द्वारा धूम धाम के साथ निकाली जाएंगी जो कि 5 बजे बेगम नदी के घांट पर एक साथ पहुंचेगी साथ ही आदर्श श्री राम लीला मण्डल द्वारा श्रीराम दरबार सजाया जाएगा, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के द्वारा अंहकार का अंत किया जायेगा आज दिन रविवार को लीला मंचन के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए जंगल में बढ़ते हैं। वहां सुग्रीव उन्हें देख लेते हैं और हनुमान जी को ब्राह्मण वेष धारण कर श्रीराम के सम्मुख भेजते हैं। इस पर श्रीराम हनुमान जी को पूरी घटना बताते हैं। इसके बाद हनुमान सुग्रीव की श्रीराम और लक्ष्मण से मित्रता कराते हैं। सुग्रीव अपने दुख का कारण श्रीराम को बताते हैं। तब योजनाबद्ध तरीके से सुग्रीव से बाली को ललकार कर युद्ध करने के लिए कहते हैं। इसके बाद श्रीराम एक ही बाण से बालि का वध कर देते हैं। इसके अलावा रावण दरबार का भी मंचन होता है। लंका में हनुमान के पहुंचने की सूचना पर रावण मेघनाथ से उन्हें बंदी बनाकर लाने को कहता है। मेघनाथ ब्रह्मास्त्र फेंकते हुए हनुमान को बंदी बना लेता है और रावण के दरबार में ले जाता है। हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान जी पूरी लंका को जला डालते हैं। रविवार को लीला का मंचन यहीं संपन्न हो गया। इसके साथ ही आदर्श रामलीला मण्डल ने दशहरे की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। साथ ही सुर ताल ठोक रहे अतुल रघुवंशी के साथ श्री रामलीला का संचालन राजा कोमल सिंह रघुवंशी, और भुवनेश दुवे ने रामायण की चौपाइयां और दोहा पढ़कर अपने साथी हुनर दार कलाकारों के साथ किया।

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