बड़ी माई मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l उमरियापान स्थित सुप्रसिद्ध बड़ी माई मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ।
परलोक गमन करने वाली पुण्य आत्माओं की स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था । बड़ी माई मंदिर उमरियापान में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को समापन हुआ। श्रीमद्भागवत कथा में विभिन्न धार्मिक प्रसंग सुनाए गए। साथ ही भजनों की प्रस्तुति से भक्तगण आत्मविभोर होकर झूम उठे। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को समापन हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्य व असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की सर्वोपरि लीला रासलीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसवध, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायकों ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। इस कथा में बड़ी संख्या में महिला-पुरूषों भक्तों ने आनंद उठाया। उन्होंने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने को कहा। जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है, इतिहास इसका साक्षी है। कथा के पश्चात आरती की गई व सभी भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।
उपस्थित भक्तों के द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के अंतिम दिन सोमवार को सुबह हवन एवं पूर्णाहुति तथा शाम को भंडारे का आयोजन आयोजकों द्वारा किया गया।



