ईदुल अजहा के 10 दिन खास अहमियत के हैं: मौलाना सामिद नदवी

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । हिजरी सन की शुरुआत भी कुर्बानी के महीने से होती है और हिजरी सन का आखिरी महीना भी कुर्बानी पर ही खत्म होता है। यह ईदुल अजहा का महीना शुरू होने जा रहा है इसके शुरू के 10 दिन चांद नजर आने के बाद से लेकर 10 तारीख तक के दिन बहुत अहमियत के हैं इन दिनों में की जाने वाली इबादत अन्य दिनों के मुकाबले खास मायने रखती है।
उक्त बात जुमे की नमाज से पहले मरकज मस्जिद में इमाम मौलाना सामिद खां नदवी ने कहते हुए बताया कि इन 10 दिनों में ही कई अहम वाकयात सामने आए हैं। इसमें रोजे रखने की भी फजीलत आई है। अरफे का दिन भी खास मायने रखता है। इस्लाम दीन मुकम्मल भी इन्हीं दिनों में हुआ अय्यामें तशरीह इन्हीं तारीखों में है। इन्हीं दिनों में हज किया जाता है और कुर्बानी भी दी जाती है। इससे इसकी अहमियत समझना चाहिए और हमें इन 10 दिन और रात में खूब इबादत, तिलावत, सखावत, उखूवत, भाईचारगी के काम करना चाहिए यह ऑफर का महीना है अन्य दिनों के मुकाबले इन दिनों में की जाने वाली इबादत का बहुत अधिक सवाब मिलता है। इन 10 दिनों में हज पर जाने वालों के लिए जो काम मना है उनसे हमें भी बचना चाहिए ताकि हमारी मुसाबेहत हाजियों जैसी हो जाए और हम भी कुछ सवाब के मुस्तहिक हो जाएं, जिन लोगों पर कुर्बानी करना जरूरी है उन्हें चाहिए कि वह इन 10 दिनों में कुछ चीजों का खास ख्याल रखें इसकी मालूमात अपने मकामी उलेमा से करना चाहिए।
मौलाना सामिद नदवी ने उपस्थित लोगों से 10 दिनों की खास इबादतें करने के लिए प्रेरित किया।


