भ्रष्टाचार की हद: एक रोड बनाने के नाम पर निकाल ली तीन बार राशि
ग्राम पंचायत सिंगपुरी उचेरा में पूर्व सरपंच और सचिव ने रोड़ बनाने के नाम पर कर ली राशि का आहरण
पंचायत में कई रोड ऐसे भी है, जो बने ही नहीं फिर भी उनकी राशि को निकाला
वर्तमान सरपंच ने एसडीएम और सीईओ को तथ्यों के साथ की है शिकायत
एसडीएम और सीईओ ने कहा मामले की जांच कराएंगे, गलत पाए जाने पर राशि की वसूली भी होगी
सिलवानी । सिलवानी तहसील की ग्राम पंचायत सिंगपुरी उचेरा में एक ही रोड़ को बनाने के नाम पर ही तीन बार राशि निकाल ली गई। इतना ही नहीं कुछ रोड ऐसे भी है, जो मौके पर बने ही नहीं है, फिर भी उनकी राशि का आहरण करके गोलमाल किया गया है। गड़बड़ी का यह पूरा मामला नए सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह यादव ने उजागर किया है। उनके द्वारा तथ्यों के साथ एसडीएम को इस पूरे मामले की शिकायत भी है। अब सिलवानी एसडीएम जांच कराने और गलत पाए जाने पर राशि की वसूली करने की बात कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत सिंगपुरी उचेरा में बाघराजा से कमल सिंह आदिवासी के मकान तक करीब 110 मीटर लंबे रोड का निर्माण कराने के लिए सरपंच और सचिव की मिलीभगत से फर्जी बिल लगाकर ग्राम पंचायत से उनका भुगतान करवाया गया है। पहली बार इस रोड के लिए 15 अगस्त 2017 को 8 लाख 27 हजार रुपए की राशि की सीसी जारी की गई। फिर इसी रोड के नाम पर 26 जनवरी 2018 को दो बार राशि 2 लाख 82 हजार 500 रुपए और 10 लाख 23 हजार 450 रुपए की राशि को निकाला गया है। दूसरी बार रोड का निर्माण के लिए उसे दुर्गा के मकान से मेन रोड तक बनाना दर्शाया गया है। इस तरह एक ही रोड बनाने के लिए करीब 21 लाख 33 हजार 550 रुपए की राशि के बिल लगा कर उसका भुगतान भी पंचायत के खाते से फर्म त्रिपालिया कंस्ट्रेशन को कर दिया गया। इसी तरह दूसरी सड़क को बनाने के नाम पर भी ऐसे ही राशि निकाली गई है। पहले इस सड़क को स्कूल भवन से पंचायत की ओर और पंचायत भवन से स्कूल की तरफ सड़क बनाने बताया गया है। इस तरह सड़क बनाने के लिए दो बार राशि 3 लाख 6 हजार रुपए और 2 लाख 9 हजार रुपए की राशि को निकाला गया है। इनकी स्वीकृति पहले 26 जनवरी 2018 और दूसरी बार 26 जनवरी 2020 को देकर राशि निकाल ली गई। रोड का निर्माण सिर्फ एक बार हुआ है, लेेकिन राशि दो बार निकाली गई।
सड़क बनी ही नहीं, पर निकल गई राशि
सिंगपुरी ग्राम में अल्ली के घर से हेंडपंप तक सड़क बनाने के लिए 1 लाख 53 हजार रुपए की राशि 26 जनवरी 2018 को मंजूरी प्रदान की गई। इस सड़क का निर्माण कागजों होना बता दिया गया है, लेकिन यह सड़क मौके पर आज तक बनी ही नहीं है।
सचिव के पति ने ही रेत, गिटटी और सीमेंट की दी सप्लाई
ग्राम पंचायत सिंगपुरी उचेरा में सचिव मेघा अहिरवार है, लेकिन पंचायत में जो भी निर्माण कार्य होता है, उसके लिए रेत, गिटटी, सीमेंट की सप्लाई सचिव के पति लखन अहिरवार द्वारा की गई है। उनके द्वारा फर्म त्रिपालिया कंस्ट्रेशन के नाम से ग्राम पंचायत में बिल भी प्रस्तुत किए गए है और उन बिलों पर लखन अहिरवार की फर्म को लाखों रुपए की राशि का भुगतान भी किया गया है। जब सचिव के पति लखन अहिरवार से बात की गई तो उसका कहना था कि उसने सड़क निर्माण के लिए मटेरियल डाला था, उसका ही भुगतान लिया है।
वर्तमान सरपंच ने कहा कि गलत तरीके से निकाली है राशि, हो मामले की जांच
ग्राम पंचायत सिंगपुरी के वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पूर्व सरपंच संतोष सिंह और सचिव की मिली भगत से सड़क व अन्य निर्माण कार्यों के फर्जी बिल लगाकर उनका भुगतान पंचायत से हुआ है। एक ही सड़क को तीन बार बनाना बताकर राशि निकाली गई है। उनके द्वारा सभी तथ्यों के साथ इसकी शिकायत भी एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ से की गई है। इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने के साथ ही सरकारी राशि की रिकवरी होना चाहिए।
इस संबंध में रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम सिलवानी का कहना है कि ग्राम पंचायत सिंगपुरी में हुए निर्माण कार्याें को लेकर शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराई जाएगी। यदि गलत तरीके से सरकारी राशि का अाहरण करना पाया जाता है तो संबंधितों पर कार्रवाई करने के साथ ही राशि की रिकवरी भी कराई जाएगी।




