बिजौरा-विद्यालय भवन में सुरक्षा की अनदेखी: स्कूलों में बाउंड्रीवॉल का अभाव, मवेशियों का हो रहा जमावड़ा

सांझ टहलते ही शराबियों का बन जाता है अड्डा
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । जनपद शिक्षा केंद्र जबेरा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला भवन बिजौरा में अभी तक बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया। तीनों ओर से परिसर खुला हुआ है। विद्यालय भवन में अवारा मवेशियों और असामजिक तत्वों को जमावड़ा रहता है। ऐसे में शिक्षक, और स्टॉफ परेशान होते हैं। विद्यालय की शिक्षिका प्रियंका नायक ने बताया विद्यालय भवन एवं दहलान पड़े गोबर, गंदगी और शराब की खाली बाटलों का ढेर लगा रहता है। सफाई के बाद भी दूसरे दिन स्थिति जस की तस देखने मिलती है। स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने का के बाद भी बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं शुरू हुआ। वहीं अभिभावकों का कहना है कि शाला परिसर की सुरक्षा व स्वच्छता के लिहाज से बाउंड्रीवाल का होना बहुत जरुरी है। लेकिन पंचायत के द्वारा बाउंड्री बाल निर्माण लिए फंड नहीं होने का हवाला देकर समस्या को बरसों से टाल रहे है स्थिति यह है की यह भी तीन ओर से खुली हुई है। जिस कारण बारिश के इन दिनों में स्कूल की दहलान में रातभर मवेशियों का जमावड़ा रहता है। और रात्रि में आज सामाजिक तत्व विद्यालय में बैठकर शराब पीते हैं और विद्यालय को शराब का अड्डा बना दिया है सुबह शिक्षक स्कूल पहुंचते हैं उन्हें विद्यालय में पड़ा गोबर को साफ करना पड़ता है शराब की बोतलों को फेकना पड़ता है स्कूल में अध्यनरत बच्चो को तो गोबर से सने विद्यालय के कक्षा में बैठकर मध्यान भोजन ग्रहण करना पड़ता है
विद्यालय की हेड मास्टर शिक्षिका प्रियंका नायक का कहना है विद्यालय में बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए स्थानीय सरपंच विभागीय अधिकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अनेकों बार बोल चुकी हूं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है विद्यालय की खुले परिसर में बाउंड्री वॉल की बहुत आवश्यकता है यहां पर पौधारोपण भी किया गया था लेकिन मवेशियों ने सभी पौधों को नष्ट कर दिया है विद्यालय में एक दिन सफाई करवा कर जब दूसरे दिन विद्यालय पहुंचती हूं तो विद्यालय की दहलान मैं गोबर पड़ा रहता है स्थिति तो यहां तक है यहां पर खाली शराब की बोतलों रोज फेंकना पड़ता है जब तक बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं होगा विद्यालय की सुरक्षा व स्वच्छता रखना मुश्किल कार्य है।



